ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका, काकोली घोष दस्तीदार के बाद अब इस नेता ने पार्टी पद से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है. दरअसल, पूर्व राज्यसभा सांसद और वर्तमान में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शांतनु सेन ने गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके एक दिन पहले यानी बुधवार (27 मई, 2026) को ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली टीएमसी की लोकसभा सांसद और पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के पीछे शांतनु सेन ने क्या बताई वजह? TMC leader and former Rajya Sabha MP Dr Santanu Sen resigns from his post of party's national spokesperson. His resignation, addressed to party president Mamata Banerjee, reads, "...Even though I did not agree with views during various difficult times, I have fought publicly… pic.twitter.com/1uDOCwup0i — ANI (@ANI) May 28, 2026 न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने कहा, ‘हालांकि, कई मुश्किल घड़ियों में मैं कई विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में पार्टी के पक्ष में कई विवादास्पद मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से लड़ाई लड़ी, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी सराहना की, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में, जब पश्चिम बंगाल की जनता से आरजी कर मामले, अभया केस और नौकरी के बदले नकद वाले भ्रष्टाचार समेत कई अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार के कारण हमें नकार दिया है, तब मेरा मन अब किसी भी रूप में पार्टी के प्रवक्ता के रूप में उनका समर्थन करने के लिए तैयार नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए, जनता के फैसले को ध्यान में रखते हुए मैं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं. कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें और उसका सम्मान करें.’ काकोली घोष दस्तीदार ने क्यों दिया इस्तीफा? वहीं, TMC की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने यह कहते हुए अपना इस्तीफा दिया कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभारी आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित कर दिया है. TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar resigned from her post as the president of All India Trinamool Mahila Congress wing. Her letter reads, "...During my tenure, it has not been possible to stop the inappropriate behaviour of another educated woman MP towards women MPs, nor has… pic.twitter.com/ZhXAZ77bT8 — ANI (@ANI) May 27, 2026 उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष जताया और पार्टी के नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘अपने कार्यकाल के दौरान महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद ने अनुचित बर्ताव को रोक पाना मेरे लिए संभव नहीं हो पाया और न हीं शीर्ष नेतृत्व से मुझे पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली. ऐसी स्थिति में अब पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.’  यह भी पढ़ेंः ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिया फैसला

May 28, 2026 - 23:30
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ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका, काकोली घोष दस्तीदार के बाद अब इस नेता ने पार्टी पद से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है. दरअसल, पूर्व राज्यसभा सांसद और वर्तमान में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शांतनु सेन ने गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके एक दिन पहले यानी बुधवार (27 मई, 2026) को ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली टीएमसी की लोकसभा सांसद और पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है.

इस्तीफा देने के पीछे शांतनु सेन ने क्या बताई वजह?

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने कहा, ‘हालांकि, कई मुश्किल घड़ियों में मैं कई विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में पार्टी के पक्ष में कई विवादास्पद मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से लड़ाई लड़ी, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी सराहना की, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में, जब पश्चिम बंगाल की जनता से आरजी कर मामले, अभया केस और नौकरी के बदले नकद वाले भ्रष्टाचार समेत कई अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार के कारण हमें नकार दिया है, तब मेरा मन अब किसी भी रूप में पार्टी के प्रवक्ता के रूप में उनका समर्थन करने के लिए तैयार नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए, जनता के फैसले को ध्यान में रखते हुए मैं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं. कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें और उसका सम्मान करें.’

काकोली घोष दस्तीदार ने क्यों दिया इस्तीफा?

वहीं, TMC की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने यह कहते हुए अपना इस्तीफा दिया कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभारी आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित कर दिया है.

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष जताया और पार्टी के नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘अपने कार्यकाल के दौरान महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद ने अनुचित बर्ताव को रोक पाना मेरे लिए संभव नहीं हो पाया और न हीं शीर्ष नेतृत्व से मुझे पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली. ऐसी स्थिति में अब पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.’ 

यह भी पढ़ेंः ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिया फैसला

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