ब्रायन लारा की शानदार वापसी, 56 साल की उम्र में दिखाया क्लास, अपनी टीम के लिए खेली शानदार पारी

दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार ब्रायन लारा को क्रिकेट फैंस आज भी उनके बड़े-बड़े शॉट्स और लंबे शतक के लिए याद करते हैं. 17 साल पहले इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके लारा ने एक बार फिर बल्ले से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. त्रिनिदाद एंड टोबैगो में आयोजित नॉर्थ जोन क्रिकेट काउंसिल T20 फेस्टिवल में उन्होंने अपने बचपन की टीम हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब के लिए खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाई. बारिश से छोटा हुआ मैच डिएगो मार्टिन रिजनल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब और इबोनी स्पोर्ट्स की टीमें आमने-सामने थी. पहले यह मुकाबला 20-20 ओवर का होना था लेकिन बारिश के कारण इसे घटाकर 15-15 ओवर का कर दिया गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए इबोनी स्पोर्ट्स ने 6 विकेट पर 100 रन बोर्ड पर लगा दिए और हावर्ड की टीम को जीत के लिए 101 रन का लक्ष्य दिया. जब मैदान पर आए लारा हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब ने लक्ष्य का पीछा तेज शुरुआत के साथ किया, लेकिन स्कोरबोर्ड 48 पर पहुंचते ही टीम ने अपने दो विकेट गंवा दिए.  इसी वक्त नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आए 56 वर्षीय ब्रायन लारा. मैदान पर आते ही उन्होंने अपने अनुभव और क्लास का परिचय दिया. लारा ने गेंदबाजों को खुलकर खेला और स्ट्राइक रोटेट करते हुए साथ ही जरूरी समय पर बड़े शॉट लगाए. नाबाद पारी से जिताया मैच लारा ने 26 रन की नाबाद पारी खेली और साथी बल्लेबाज आंद्रे यार्ड के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी निभाई. उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह हावर्ड के पक्ष में कर दिया. आखिरकार हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब ने यह मैच 8 विकेट से जीत लिया और विजयी रन भी लारा के बल्ले से ही निकला. इस तरह उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र चाहे कुछ भी हो, क्लास हमेशा कायम रहती है. भारत में भी दिखे थे एक्शन में ब्रायन लारा इसी साल की शुरुआत में भारत में खेले गए इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में वेस्टइंडीज मास्टर्स टीम की ओर से मैदान पर उतरे थे. उस टूर्नामेंट में उनकी टीम फाइनल तक पहुंची थी और उपविजेता रही थी. लारा का करियर ब्रायन लारा ने 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था, लेकिन तब तक वह वेस्टइंडीज क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम बन चुके थे. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 131 मैच खेलते हुए 11,953 रन बनाए और आज भी वह वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उनकी 400 रन की नाबाद पारी और 375 रन की पारी टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दर्ज हैं. 

Sep 16, 2025 - 13:30
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ब्रायन लारा की शानदार वापसी, 56 साल की उम्र में दिखाया क्लास, अपनी टीम के लिए खेली शानदार पारी

दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार ब्रायन लारा को क्रिकेट फैंस आज भी उनके बड़े-बड़े शॉट्स और लंबे शतक के लिए याद करते हैं. 17 साल पहले इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके लारा ने एक बार फिर बल्ले से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. त्रिनिदाद एंड टोबैगो में आयोजित नॉर्थ जोन क्रिकेट काउंसिल T20 फेस्टिवल में उन्होंने अपने बचपन की टीम हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब के लिए खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाई.

बारिश से छोटा हुआ मैच

डिएगो मार्टिन रिजनल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब और इबोनी स्पोर्ट्स की टीमें आमने-सामने थी. पहले यह मुकाबला 20-20 ओवर का होना था लेकिन बारिश के कारण इसे घटाकर 15-15 ओवर का कर दिया गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए इबोनी स्पोर्ट्स ने 6 विकेट पर 100 रन बोर्ड पर लगा दिए और हावर्ड की टीम को जीत के लिए 101 रन का लक्ष्य दिया.

जब मैदान पर आए लारा

हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब ने लक्ष्य का पीछा तेज शुरुआत के साथ किया, लेकिन स्कोरबोर्ड 48 पर पहुंचते ही टीम ने अपने दो विकेट गंवा दिए.  इसी वक्त नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आए 56 वर्षीय ब्रायन लारा. मैदान पर आते ही उन्होंने अपने अनुभव और क्लास का परिचय दिया. लारा ने गेंदबाजों को खुलकर खेला और स्ट्राइक रोटेट करते हुए साथ ही जरूरी समय पर बड़े शॉट लगाए.

नाबाद पारी से जिताया मैच

लारा ने 26 रन की नाबाद पारी खेली और साथी बल्लेबाज आंद्रे यार्ड के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी निभाई. उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह हावर्ड के पक्ष में कर दिया. आखिरकार हावर्ड स्पोर्ट्स क्लब ने यह मैच 8 विकेट से जीत लिया और विजयी रन भी लारा के बल्ले से ही निकला. इस तरह उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र चाहे कुछ भी हो, क्लास हमेशा कायम रहती है.

भारत में भी दिखे थे एक्शन में

ब्रायन लारा इसी साल की शुरुआत में भारत में खेले गए इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में वेस्टइंडीज मास्टर्स टीम की ओर से मैदान पर उतरे थे. उस टूर्नामेंट में उनकी टीम फाइनल तक पहुंची थी और उपविजेता रही थी.

लारा का करियर

ब्रायन लारा ने 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था, लेकिन तब तक वह वेस्टइंडीज क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम बन चुके थे. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 131 मैच खेलते हुए 11,953 रन बनाए और आज भी वह वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उनकी 400 रन की नाबाद पारी और 375 रन की पारी टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दर्ज हैं. 

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