तेलंगाना में कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं में झड़प, दफ्तरों पर हमले
तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले में राजनीतिक हिंसा की एक नई लहर देखने को मिली है, जहां कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के पार्टी दफ्तरों के बाहर पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ की. यह झड़प तब शुरू हुई, जब BJP नेताओं ने कथित तौर पर स्थानीय कांग्रेस विधायक के कैंप ऑफिस पर हमला किया, जिसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में BJP दफ्तर को निशाना बनाया. इसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा और झगड़ रहे समूहों को तितर-बितर करना पड़ा. क्यों भड़का विवाद? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भुवनगिरी विधायक के कैंप ऑफिस पर हमला किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इसके जवाब में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह नारे लगाते और पत्थर फेंकते हुए BJP दफ्तर पहुंचा. दोनों तरफ से पत्थरबाजी होने से स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है और पुलिस ने दोनों पार्टियों के अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की एफआईआर BJP filed an FIR against Rahul Gandhi. Nalgonda Youth Congress filed its reply, right outside BJP’s office in Telangana????Kharge ji’s insult and the attack on constitutional rights will neither be buried nor forgotten. pic.twitter.com/QmZeCG2zRL — Indian Youth Congress (@IYC) September 1, 2026 पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक रैली के दौरान अडानी मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक और झूठे बयान दिए. इस बीच तेलंगाना में नलगोंडा यूथ कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष के नेतृत्व में BJP दफ्तर के ठीक बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान और संवैधानिक अधिकारों पर हमले की निंदा की. जिला प्रशासन ने तैनात किए अतिरिक्त बल पुलिस ने दोनों पार्टियों के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. हालांकि, दोनों तरफ के नेताओं का दावा है कि उनके कार्यकर्ता सिर्फ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है. राजनीतिक तनाव के बीच जिला प्रशासन ने और ज़्यादा हिंसा रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं. यह भी पढ़ेंः AI-171 विमान हादसाः राम मोहन नायडू का बड़ा बयान, ‘अंतिम चरण में जांच...’
तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरी जिले में राजनीतिक हिंसा की एक नई लहर देखने को मिली है, जहां कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के पार्टी दफ्तरों के बाहर पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ की. यह झड़प तब शुरू हुई, जब BJP नेताओं ने कथित तौर पर स्थानीय कांग्रेस विधायक के कैंप ऑफिस पर हमला किया, जिसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में BJP दफ्तर को निशाना बनाया. इसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा और झगड़ रहे समूहों को तितर-बितर करना पड़ा.
क्यों भड़का विवाद?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भुवनगिरी विधायक के कैंप ऑफिस पर हमला किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इसके जवाब में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह नारे लगाते और पत्थर फेंकते हुए BJP दफ्तर पहुंचा. दोनों तरफ से पत्थरबाजी होने से स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है और पुलिस ने दोनों पार्टियों के अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
BJP filed an FIR against Rahul Gandhi. Nalgonda Youth Congress filed its reply, right outside BJP’s office in Telangana????
Kharge ji’s insult and the attack on constitutional rights will neither be buried nor forgotten. pic.twitter.com/QmZeCG2zRL — Indian Youth Congress (@IYC) September 1, 2026
पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक रैली के दौरान अडानी मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक और झूठे बयान दिए. इस बीच तेलंगाना में नलगोंडा यूथ कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष के नेतृत्व में BJP दफ्तर के ठीक बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान और संवैधानिक अधिकारों पर हमले की निंदा की.
जिला प्रशासन ने तैनात किए अतिरिक्त बल
पुलिस ने दोनों पार्टियों के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. हालांकि, दोनों तरफ के नेताओं का दावा है कि उनके कार्यकर्ता सिर्फ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है. राजनीतिक तनाव के बीच जिला प्रशासन ने और ज़्यादा हिंसा रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं.
यह भी पढ़ेंः AI-171 विमान हादसाः राम मोहन नायडू का बड़ा बयान, ‘अंतिम चरण में जांच...’
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