Mohammad Azharuddin: तेलंगाना की रेड्डी सरकार का बड़ा फैसला, पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को बनाया मंत्री, जानें क्यों मचा बवाल

कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें शपथ दिलाई. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मोहम्मद अजहरुद्दीन को कैबिनेट में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. इस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई थी. BJP ने फैसले को जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव (Jubilee Hills Bypoll) से जोड़ते हुए आचार संहिता (Model Code of Conduct) का उल्लंघन बताया. BJP की चुनाव आयोग मामलों की समिति के अध्यक्ष मर्री शशिधर रेड्डी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की. उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह को रोकने की मांग की थी. BJP का कहना है कि अजहरुद्दीन का मंत्री बनना जुबली हिल्स उपचुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है. मर्री शशिधर रेड्डी ने कहा कि अजहरुद्दीन जुबली हिल्स के ही मतदाता हैं और 2023 में कांग्रेस के उम्मीदवार भी थे. ऐसे में यह कदम मतदाताओं को एक वर्ग विशेष के पक्ष में झुकाने का प्रयास है. BJP ने इस कदम पूरी तरह चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है. #WATCH | Hyderabad, Telangana: Congress leader and former Cricketer Mohammad Azharuddin takes oath as Minister at Raj Bhavan. Governor Jishnu Dev Verma administers the oath to him. (Video Source: I&PR Telangana) pic.twitter.com/oGRIydcCVe — ANI (@ANI) October 31, 2025 BJP को अल्पसंख्यक नेता की सफलता बर्दाश्त नहीं कांग्रेस ने BJP के आरोपों को सांप्रदायिक राजनीति बताते हुए तीखा जवाब दिया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि BJP एक प्रमुख अल्पसंख्यक नेता को कैबिनेट में आते नहीं देख सकती. वह जुबली हिल्स में साम्प्रदायिक भावनाएं भड़का रही है. कांग्रेस ने BJP पर यह भी आरोप लगाया कि वह भारत राष्ट्र समिति (BRS) के साथ गुप्त समझौता कर रही है ताकि कांग्रेस को धर्मनिरपेक्ष छवि मजबूत करने से रोका जा सके. मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता अड्डांकी दयाकर ने कहा कि अजहरुद्दीन देश का गौरव हैं. उन्होंने भारत का नाम क्रिकेट मैदान पर रोशन किया. उन पर सांप्रदायिक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने BJP को याद दिलाया कि खुद BJP ने भी राजस्थान में उपचुनाव से 20 दिन पहले कैबिनेट विस्तार किया था. उसे तब आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना गया था. ये भी पढ़ें: दुलारचंद हत्याकांड: कौन हैं कर्मवीर और राजवीर जिनका आया नाम? पोता बोला- अनंत सिंह ने मारी गोली

Oct 31, 2025 - 15:30
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Mohammad Azharuddin: तेलंगाना की रेड्डी सरकार का बड़ा फैसला, पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को बनाया मंत्री, जानें क्यों मचा बवाल

कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें शपथ दिलाई. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मोहम्मद अजहरुद्दीन को कैबिनेट में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. इस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई थी. BJP ने फैसले को जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव (Jubilee Hills Bypoll) से जोड़ते हुए आचार संहिता (Model Code of Conduct) का उल्लंघन बताया.

BJP की चुनाव आयोग मामलों की समिति के अध्यक्ष मर्री शशिधर रेड्डी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की. उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह को रोकने की मांग की थी. BJP का कहना है कि अजहरुद्दीन का मंत्री बनना जुबली हिल्स उपचुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है. मर्री शशिधर रेड्डी ने कहा कि अजहरुद्दीन जुबली हिल्स के ही मतदाता हैं और 2023 में कांग्रेस के उम्मीदवार भी थे. ऐसे में यह कदम मतदाताओं को एक वर्ग विशेष के पक्ष में झुकाने का प्रयास है. BJP ने इस कदम पूरी तरह चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है.

BJP को अल्पसंख्यक नेता की सफलता बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस ने BJP के आरोपों को सांप्रदायिक राजनीति बताते हुए तीखा जवाब दिया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि BJP एक प्रमुख अल्पसंख्यक नेता को कैबिनेट में आते नहीं देख सकती. वह जुबली हिल्स में साम्प्रदायिक भावनाएं भड़का रही है. कांग्रेस ने BJP पर यह भी आरोप लगाया कि वह भारत राष्ट्र समिति (BRS) के साथ गुप्त समझौता कर रही है ताकि कांग्रेस को धर्मनिरपेक्ष छवि मजबूत करने से रोका जा सके.

मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता अड्डांकी दयाकर ने कहा कि अजहरुद्दीन देश का गौरव हैं. उन्होंने भारत का नाम क्रिकेट मैदान पर रोशन किया. उन पर सांप्रदायिक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने BJP को याद दिलाया कि खुद BJP ने भी राजस्थान में उपचुनाव से 20 दिन पहले कैबिनेट विस्तार किया था. उसे तब आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना गया था.

ये भी पढ़ें: दुलारचंद हत्याकांड: कौन हैं कर्मवीर और राजवीर जिनका आया नाम? पोता बोला- अनंत सिंह ने मारी गोली

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