तेलंगाना: महबूबनगर में बीजेपी की बैठक में हंगामा, नए अध्यक्ष के सामने भिड़े नेता, जमकर हुई धक्का-मुक्की

तेलंगाना के महबूबनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंचायत बैठक उस समय हंगामे का अखाड़ा बन गई, जब पार्टी के दो दिग्गज नेताओं सांसद डी.के. अरुणा और वरिष्ठ नेता शांति कुमार के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी. यह सनसनीखेज घटना नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव की मौजूदगी में हुई, जिसने पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया.  बैठक में नए अध्यक्ष के स्वागत के लिए बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता एकत्र हुए थे, लेकिन जैसे ही शांति कुमार मंच पर पहुंचे, डी.के. अरुणा के समर्थकों ने 'शांति कुमार गो बैक' के नारे लगाने शुरू कर दिए. जवाब में शांति कुमार के अनुयायियों ने भी पलटवार किया और नारेबाजी तेज हो गई. देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे मंच पर अफरा-तफरी मच गई.  नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामचंद्र राव ने जताई नाराजगीकुछ कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को धकेलने की कोशिश की, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामचंद्र राव ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हालात को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.  सूत्रों के अनुसार, यह टकराव लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी का नतीजा है, जहां डी.के. अरुणा और शांति कुमार के बीच स्थानीय नेतृत्व और प्रभाव को लेकर तनातनी चल रही है. स्थानीय विश्लेषकों का कहना है कि महबूबनगर में बीजेपी की यह जीत 2019 में डी.के. अरुणा के नेतृत्व में मिली थी, जिसके बाद से पार्टी इस क्षेत्र में मजबूत हुई थी, लेकिन आंतरिक कलह अब इस मजबूती को चुनौती दे रही है. एकजुटता की कमी कर सकती है प्रभावितइस घटना ने बीजेपी के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि आगामी स्थानीय चुनावों में एकजुटता की कमी पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है. पार्टी नेतृत्व अब इस विवाद को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाने की योजना बना रहा है. ये भी पढ़ें:- मालदीव के स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि बने PM मोदी, कहा- 'हम मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध'

Jul 27, 2025 - 02:30
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तेलंगाना: महबूबनगर में बीजेपी की बैठक में हंगामा, नए अध्यक्ष के सामने भिड़े नेता, जमकर हुई धक्का-मुक्की

तेलंगाना के महबूबनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंचायत बैठक उस समय हंगामे का अखाड़ा बन गई, जब पार्टी के दो दिग्गज नेताओं सांसद डी.के. अरुणा और वरिष्ठ नेता शांति कुमार के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी. यह सनसनीखेज घटना नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव की मौजूदगी में हुई, जिसने पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया. 

बैठक में नए अध्यक्ष के स्वागत के लिए बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता एकत्र हुए थे, लेकिन जैसे ही शांति कुमार मंच पर पहुंचे, डी.के. अरुणा के समर्थकों ने 'शांति कुमार गो बैक' के नारे लगाने शुरू कर दिए. जवाब में शांति कुमार के अनुयायियों ने भी पलटवार किया और नारेबाजी तेज हो गई. देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे मंच पर अफरा-तफरी मच गई. 

नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामचंद्र राव ने जताई नाराजगी

कुछ कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को धकेलने की कोशिश की, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. नवनिर्वाचित अध्यक्ष रामचंद्र राव ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हालात को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. 

सूत्रों के अनुसार, यह टकराव लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी का नतीजा है, जहां डी.के. अरुणा और शांति कुमार के बीच स्थानीय नेतृत्व और प्रभाव को लेकर तनातनी चल रही है. स्थानीय विश्लेषकों का कहना है कि महबूबनगर में बीजेपी की यह जीत 2019 में डी.के. अरुणा के नेतृत्व में मिली थी, जिसके बाद से पार्टी इस क्षेत्र में मजबूत हुई थी, लेकिन आंतरिक कलह अब इस मजबूती को चुनौती दे रही है.

एकजुटता की कमी कर सकती है प्रभावित

इस घटना ने बीजेपी के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि आगामी स्थानीय चुनावों में एकजुटता की कमी पार्टी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है. पार्टी नेतृत्व अब इस विवाद को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाने की योजना बना रहा है.

ये भी पढ़ें:- मालदीव के स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि बने PM मोदी, कहा- 'हम मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध'

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