ट्रंप ने 10 से बढ़ाकर 15 परसेंट किया टैरिफ, भारत पर क्या पड़ेगा असर? एक्सपर्ट बोले- अमेरिका कुछ नहीं...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को 10 से बढ़ाकर 15% कर दिया है. अब इसको लेकर भारत पर असर होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में जब फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने ट्रंप की तरफ से ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने और इसके असर को लेकर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा कि इससे भारत पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने इसे कम करके आंका है. साथ ही कहा है कि वॉशिंगटन में राजनीतिक और कानूनी नाटक के बाद भी भारत की स्थिति काफी हद पहले जैसी है. 20 फरवरी को यूएस की सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से फैसला सुनाते हुए, राष्ट्रपति के ग्लोबल टैरिफ आदेश को रद्द कर दिया था. इसे कोर्ट ने एकतरफा बताया था. इसके बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनका प्रशासन टैरिफ लगाने के लिए नए कानूनी रास्ते अपनाएगा. इसमें फेडरल कानून के वे सेक्शन भी शामिल हैं, जिनके लिए कॉमर्स विभाग द्वारा जांच की जरूरत है. हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने क्या कहा है? हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने तर्क दिया है कि इस कदम से भारत को सिर्फ नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने अपने पोस्ट में आठ पॉइंट में जिक्र किया है. इसमें कहा है कि भारत की बात है तो 15 प्रतिशत में कुछ भी गलत नही है. उन्होंने बताया कि 90 से ज्यादा देश जो पहले 10% टैरिफ के दायरे में थे, अब 15% पर हैं. इसमें ऑस्ट्रेलिया, यूके, सिंगापुर और यूएई जैसे अमेरिका के व्यापारिक साझेदार देश हैं. उन्होंने कहा कि दिक्कत तब होती है, जब देशों पर अलग-अलग टैरिफ लगाया जाता. लेकिन अगर सभी देशों पर एक जैसा टैरिफ लगाया जाता है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है. यह यूएस के अंदरूनी टैक्स से जुड़ा मामला है. अरोड़ा ने कहा कि पहले का 10 प्रतिशत बेहद ही हैरान करने वाला था. उस फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा से ज्यादा अलाउड लिमिट 15 परसेंट थी. बड़े ग्लोबल माहौल में किसी तरह का बदलाव नहीं आया है. 15 प्रतिशत का रेट अगले 150 दिन के लिए तय किया गया है. लगभग पांच महीने से ज्यादा बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी होना जरूरी है. इससे राजनीतिक अनिश्चितता देखने को मिल सकती है. इसके अलावा कहा कि भारत 18 प्रतिशत पर डील साइन करके खुश होता है, और अभी यह सिर्फ 15 प्रतिशत है. ट्रंप ने कहा- नए तरीके से कानून बनाकर जारी किए जाएंगे इधर, अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अगले कुछ महीनों में उनका प्रशासन नए टैरिफ कानून बनाकर जारी करेगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी गलत बताया है. साथ ही दूसरे कानूनी नियम के तहत टैरिफ लगाने की बात अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से की गई है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को 10 से बढ़ाकर 15% कर दिया है. अब इसको लेकर भारत पर असर होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में जब फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने ट्रंप की तरफ से ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने और इसके असर को लेकर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा कि इससे भारत पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने इसे कम करके आंका है. साथ ही कहा है कि वॉशिंगटन में राजनीतिक और कानूनी नाटक के बाद भी भारत की स्थिति काफी हद पहले जैसी है.
20 फरवरी को यूएस की सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से फैसला सुनाते हुए, राष्ट्रपति के ग्लोबल टैरिफ आदेश को रद्द कर दिया था. इसे कोर्ट ने एकतरफा बताया था. इसके बाद ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनका प्रशासन टैरिफ लगाने के लिए नए कानूनी रास्ते अपनाएगा. इसमें फेडरल कानून के वे सेक्शन भी शामिल हैं, जिनके लिए कॉमर्स विभाग द्वारा जांच की जरूरत है.
हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने क्या कहा है?
हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने तर्क दिया है कि इस कदम से भारत को सिर्फ नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने अपने पोस्ट में आठ पॉइंट में जिक्र किया है. इसमें कहा है कि भारत की बात है तो 15 प्रतिशत में कुछ भी गलत नही है. उन्होंने बताया कि 90 से ज्यादा देश जो पहले 10% टैरिफ के दायरे में थे, अब 15% पर हैं. इसमें ऑस्ट्रेलिया, यूके, सिंगापुर और यूएई जैसे अमेरिका के व्यापारिक साझेदार देश हैं.
उन्होंने कहा कि दिक्कत तब होती है, जब देशों पर अलग-अलग टैरिफ लगाया जाता. लेकिन अगर सभी देशों पर एक जैसा टैरिफ लगाया जाता है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है. यह यूएस के अंदरूनी टैक्स से जुड़ा मामला है.
अरोड़ा ने कहा कि पहले का 10 प्रतिशत बेहद ही हैरान करने वाला था. उस फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा से ज्यादा अलाउड लिमिट 15 परसेंट थी. बड़े ग्लोबल माहौल में किसी तरह का बदलाव नहीं आया है.
15 प्रतिशत का रेट अगले 150 दिन के लिए तय किया गया है. लगभग पांच महीने से ज्यादा बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी होना जरूरी है. इससे राजनीतिक अनिश्चितता देखने को मिल सकती है. इसके अलावा कहा कि भारत 18 प्रतिशत पर डील साइन करके खुश होता है, और अभी यह सिर्फ 15 प्रतिशत है.
ट्रंप ने कहा- नए तरीके से कानून बनाकर जारी किए जाएंगे
इधर, अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा है कि अगले कुछ महीनों में उनका प्रशासन नए टैरिफ कानून बनाकर जारी करेगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी गलत बताया है. साथ ही दूसरे कानूनी नियम के तहत टैरिफ लगाने की बात अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से की गई है.
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