घरेलू निवेशकों ने संभाल रखा है मोर्चा, FIIs की बिकवाली के बीच शेयर बाजार में लगाए 58000 करोड़
Share Market: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों और उस पर तेहरान की कार्रवाई से भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है. हालांकि, बाजार को सपोर्ट देने के लिए घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs), जिसमें म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस कंपनियां, बैंक और पेंशन सिस्टम शामिल हैं, तेजी से कदम आगे बढ़ा रहे हैं. बीते आठ ट्रेडिंग सेशन में घरेलू निवेशकों ने बाजार में 58000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है. 24 फरवरी से भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का क्रम लगातार बना हुआ है. इस दौरान बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 5 परसेंट की गिरावट आई है. ब्रॉर्डर मार्केट पर भी इसका असर पड़ा है. BSE 150 मिडकैप इंडेक्स में 3.4 परसेंट और BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 4.1 परसेंट की गिरावट आई. इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे. यानी कि एक तरफ FIIs की बिकवाली के बीच शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है, तो घरेलू निवेशक ज्यादा से ज्यादा दांव लगाकर उसे सहारा दे रहा है. लगातार दांव लगाते जा रहे DIIs 24 फरवरी को जब सेंसेक्स और निफ्टी में 1.3 परसेंट की गिरावट आई, तो DIIs ने 3160 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. 25 और 26 फरवरी को जब मार्केट काफी हद तक फ्लैट रहा, तब DIIs ने एक के बाद एक 5119 करोड़ रुपये और 5031 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. बाद में मार्केट करेक्शन के दौरान खरीदारी और तेज हो गई. 27 फरवरी, 2 मार्च और 4 मार्च को जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1.2 परसेंट, 1.3 परसेंट और 1.4 परसेंट की गिरावट आई, तब DIIs ने एक के बाद एक 12300 करोड़ रुपये, 8600 करोड़ रुपये और 12000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. 5 मार्च को जब मार्केट में सुधार हुआ तब DIIs ने 5154 करोड़ रुपये से ज्यादा के इक्विटी खरीदे. 6 मार्च को बाजार में आई गिरावट के दौरान भी खरीदारी जारी रही. इस दिन DIIs ने भारतीय इक्विटी में 6971 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव लगाया. NSE के प्रोविज़नल डेटा के मुताबिक, 1 फरवरी से 23 फरवरी के बीच DIIs ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 14000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि जनवरी में यह लगभग 70000 करोड़ रुपये था. DII का निवेश 1 लाख करोड़ के पार इसी खरीदारी के साथ 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी में DII का निवेश 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जो लगभग 39 ट्रेडिंग सेशन में हासिल किया गया आंकड़ा है. इसके मुकाबले 2025 में DII ने महज 31 ट्रेडिंग सेशन के अंदर ही अपना पहला 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के आंकड़े को पार कर लिया था. 2025 में पूरे साल DII ने भारतीय इक्विटी में लगभग 7.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया, जो 2024 में किए गए 5.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश से काफी ज्यादा है. ये भी पढ़ें: जंग में छूट रहा साथ... करोड़ों के स्टॉक्स बेच भारतीय शेयर बाजार से चलते बने विदेशी निवेशक, बढ़ रही बिकवाली
Share Market: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों और उस पर तेहरान की कार्रवाई से भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है. हालांकि, बाजार को सपोर्ट देने के लिए घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs), जिसमें म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस कंपनियां, बैंक और पेंशन सिस्टम शामिल हैं, तेजी से कदम आगे बढ़ा रहे हैं. बीते आठ ट्रेडिंग सेशन में घरेलू निवेशकों ने बाजार में 58000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है.
24 फरवरी से भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का क्रम लगातार बना हुआ है. इस दौरान बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 5 परसेंट की गिरावट आई है. ब्रॉर्डर मार्केट पर भी इसका असर पड़ा है. BSE 150 मिडकैप इंडेक्स में 3.4 परसेंट और BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 4.1 परसेंट की गिरावट आई. इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे. यानी कि एक तरफ FIIs की बिकवाली के बीच शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है, तो घरेलू निवेशक ज्यादा से ज्यादा दांव लगाकर उसे सहारा दे रहा है.
लगातार दांव लगाते जा रहे DIIs
24 फरवरी को जब सेंसेक्स और निफ्टी में 1.3 परसेंट की गिरावट आई, तो DIIs ने 3160 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. 25 और 26 फरवरी को जब मार्केट काफी हद तक फ्लैट रहा, तब DIIs ने एक के बाद एक 5119 करोड़ रुपये और 5031 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. बाद में मार्केट करेक्शन के दौरान खरीदारी और तेज हो गई. 27 फरवरी, 2 मार्च और 4 मार्च को जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1.2 परसेंट, 1.3 परसेंट और 1.4 परसेंट की गिरावट आई, तब DIIs ने एक के बाद एक 12300 करोड़ रुपये, 8600 करोड़ रुपये और 12000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
5 मार्च को जब मार्केट में सुधार हुआ तब DIIs ने 5154 करोड़ रुपये से ज्यादा के इक्विटी खरीदे. 6 मार्च को बाजार में आई गिरावट के दौरान भी खरीदारी जारी रही. इस दिन DIIs ने भारतीय इक्विटी में 6971 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव लगाया. NSE के प्रोविज़नल डेटा के मुताबिक, 1 फरवरी से 23 फरवरी के बीच DIIs ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 14000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि जनवरी में यह लगभग 70000 करोड़ रुपये था.
DII का निवेश 1 लाख करोड़ के पार
इसी खरीदारी के साथ 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी में DII का निवेश 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जो लगभग 39 ट्रेडिंग सेशन में हासिल किया गया आंकड़ा है. इसके मुकाबले 2025 में DII ने महज 31 ट्रेडिंग सेशन के अंदर ही अपना पहला 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के आंकड़े को पार कर लिया था. 2025 में पूरे साल DII ने भारतीय इक्विटी में लगभग 7.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया, जो 2024 में किए गए 5.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश से काफी ज्यादा है.
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