कॉकरोच के बाद देश में लॉन्च हुई 'इश्क करो पार्टी', सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बनाई, महुआ को ऑफर
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सुर्खियों में आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने नई पार्टी का गठन किया है. काटजू के अनुसार, 'इश्क करो पार्टी' भारत के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से निपटने का एक गंभीर प्रयास करेगी. इतना ही नहीं काटजू ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भी अपनी नई पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया. काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में सीजेपी की जमकर आलोचना की और उसके संस्थापक को मूर्ख कहा. बता दें कि अभिजीत दीपके राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षाओं में खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. जस्टिस काटजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोग इस पार्टी को मजाक समझ सकते हैं. लड़कों और लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने के लिए एक तरह का वैलेंटाइन डे. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यह पूरी तरह से गलतफहमी है. भारत की गरीबी, बच्चों में कुपोषण, बेरोजगारी और इसी तरह की अन्य समस्याओं को लोगों के बीच 'एकता' के जरिए दूर किया जा सकता है. Aims and objectives of Ishq Karo PartyBy Justice Katju, patron of IKPSome people may think that the formation of the newly created IKP is a joke, a kind of Valentine's Day for promoting romance between boys and girls. But that is a total misconception.In fact it is a very… — Markandey Katju (@mkatju) June 8, 2026 सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए- काटजूकाटजू ने कहा कि हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए, तभी हम आधुनिक सोच वाले नेताओं के नेतृत्व में एक शक्तिशाली जनसंघर्ष चला सकते हैं, ताकि हमारे लोग अपनी दयनीय स्थिति से मुक्ति पा सकें. उन्होंने नेताओं पर सत्ता के लालच में जनता की वास्तव में परवाह न करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगे बताया कि आईकेपी का मकसद इस बुराई से लड़ना और अपने लोगों की एकता को बढ़ावा देना है. हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए. सीजेपी की जमकर आलोचना की6 जून को जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया तो काटजू ने पार्टी की विचारधारा और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इस बात से स्पष्ट है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. अगर वह इस्तीफा दे देते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री आ जाएगा. इससे क्या फर्क पड़ेगा? ये भी पढ़ें Mahua Moitra On TMC: 'पहले इस्तीफा दें, फिर BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें', महुआ मोइत्रा का बागी नेताओं पर तीखा हमला
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सुर्खियों में आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने नई पार्टी का गठन किया है. काटजू के अनुसार, 'इश्क करो पार्टी' भारत के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से निपटने का एक गंभीर प्रयास करेगी. इतना ही नहीं काटजू ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भी अपनी नई पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया.
काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में सीजेपी की जमकर आलोचना की और उसके संस्थापक को मूर्ख कहा. बता दें कि अभिजीत दीपके राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षाओं में खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
जस्टिस काटजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोग इस पार्टी को मजाक समझ सकते हैं. लड़कों और लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने के लिए एक तरह का वैलेंटाइन डे. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यह पूरी तरह से गलतफहमी है. भारत की गरीबी, बच्चों में कुपोषण, बेरोजगारी और इसी तरह की अन्य समस्याओं को लोगों के बीच 'एकता' के जरिए दूर किया जा सकता है.
Aims and objectives of Ishq Karo Party
By Justice Katju, patron of IKP
Some people may think that the formation of the newly created IKP is a joke, a kind of Valentine's Day for promoting romance between boys and girls. But that is a total misconception.
In fact it is a very… — Markandey Katju (@mkatju) June 8, 2026
सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए- काटजू
काटजू ने कहा कि हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए, तभी हम आधुनिक सोच वाले नेताओं के नेतृत्व में एक शक्तिशाली जनसंघर्ष चला सकते हैं, ताकि हमारे लोग अपनी दयनीय स्थिति से मुक्ति पा सकें. उन्होंने नेताओं पर सत्ता के लालच में जनता की वास्तव में परवाह न करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगे बताया कि आईकेपी का मकसद इस बुराई से लड़ना और अपने लोगों की एकता को बढ़ावा देना है. हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए.
सीजेपी की जमकर आलोचना की
6 जून को जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया तो काटजू ने पार्टी की विचारधारा और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इस बात से स्पष्ट है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. अगर वह इस्तीफा दे देते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री आ जाएगा. इससे क्या फर्क पड़ेगा?
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