ऑस्ट्रेलिया में ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक, भारतीय छात्रों पर भी पड़ेगा असर
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट कोर्स में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला 5 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. कोर्स का कोड बीएसबी 80120 है. इसका सीधा असर उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ेगा जो आगे की पढ़ाई के लिए इस कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं. इनमें भारतीय छात्र भी शामिल हो सकते हैं. सरकार ने यह कदम कोर्स के इस्तेमाल को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद उठाया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार कुछ छात्र इसका इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए एक कोर्स से दूसरे कोर्स में ट्रांसफर की सुविधा के लिए कर रहे थे. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े विजा रिजेक्शन और कोर्स पूरा नहीं करने की दर भी ज्यादा पाई गई. 5 अक्टूबर से नए छात्रों का एडमिशन बंद ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट मिनिस्टर फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन जूलियन हिल ने 4 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की. सरकार के अनुसार यह पहली बार है जब नई कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल किसी एक खास कोर्स के लिए के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए किया गया है. 5 अक्टूबर के बाद वीईटी संस्थान इस कोर्स में नई विदेशी छात्रों को एडमिशन नहीं दे सकेंगे, जिन छात्रों ने उसे तारीख से पहले कोर्स शुरू नहीं किया उनके संबंधित कन्फर्मेशन का एनरोलमेंट को भी रद्द किया जा सकता है. जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं उन्हें राहत इस फैसले का असर उन छात्रों पर नहीं पड़ेगा, जिन्होंने 5 अक्टूबर 2026 से पहले कोर्स शुरू कर दिया है. ऐसे छात्र अपने मौजूदा संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकेंगे और कोर्स पूरा कर सकेंगे. सरकार के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में 452 वीईटी प्रोवाइडर्स इस कोर्स अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े 41033 एक्टिव कन्फर्मेशन ऑफ एनरोलमेंट है, जिनमें 15,772 छात्र फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं. इन मौजूदा छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने और ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. ये भी पढ़ें-SBI में बंपर भर्ती की तैयारी, 2027 में जुड़ेंगे 12000 नए कर्मचारी क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार ने बताया कि कोर्स से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके बारे में माना गया है कि वह पढ़ाई के उद्देश्य से इस कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे थे. इसके साथ ही वीजा आवेदन खारिज होने और कोर्स पूरा नहीं करने के मामले ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट तक सीमित है. इसका मतलब यह नहीं है कि सभी ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक लगाई जा रही है. भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले का असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है. दरअसल हर साल हजारों छात्र भारत से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं, ऐसे में ऐसे छात्र जो अब इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले थे उन पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है . ये भी पढ़ें-जम्मू-कश्मीर बना पूर्ण साक्षर, 98.43 प्रतिशत पहुंची लिटरेसी रेट
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट कोर्स में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला 5 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. कोर्स का कोड बीएसबी 80120 है. इसका सीधा असर उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ेगा जो आगे की पढ़ाई के लिए इस कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं. इनमें भारतीय छात्र भी शामिल हो सकते हैं. सरकार ने यह कदम कोर्स के इस्तेमाल को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद उठाया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार कुछ छात्र इसका इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए एक कोर्स से दूसरे कोर्स में ट्रांसफर की सुविधा के लिए कर रहे थे. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े विजा रिजेक्शन और कोर्स पूरा नहीं करने की दर भी ज्यादा पाई गई.
5 अक्टूबर से नए छात्रों का एडमिशन बंद
ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट मिनिस्टर फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन जूलियन हिल ने 4 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की. सरकार के अनुसार यह पहली बार है जब नई कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल किसी एक खास कोर्स के लिए के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए किया गया है. 5 अक्टूबर के बाद वीईटी संस्थान इस कोर्स में नई विदेशी छात्रों को एडमिशन नहीं दे सकेंगे, जिन छात्रों ने उसे तारीख से पहले कोर्स शुरू नहीं किया उनके संबंधित कन्फर्मेशन का एनरोलमेंट को भी रद्द किया जा सकता है.
जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं उन्हें राहत
इस फैसले का असर उन छात्रों पर नहीं पड़ेगा, जिन्होंने 5 अक्टूबर 2026 से पहले कोर्स शुरू कर दिया है. ऐसे छात्र अपने मौजूदा संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकेंगे और कोर्स पूरा कर सकेंगे. सरकार के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में 452 वीईटी प्रोवाइडर्स इस कोर्स अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े 41033 एक्टिव कन्फर्मेशन ऑफ एनरोलमेंट है, जिनमें 15,772 छात्र फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं. इन मौजूदा छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने और ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.
ये भी पढ़ें-SBI में बंपर भर्ती की तैयारी, 2027 में जुड़ेंगे 12000 नए कर्मचारी
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार ने बताया कि कोर्स से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके बारे में माना गया है कि वह पढ़ाई के उद्देश्य से इस कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे थे. इसके साथ ही वीजा आवेदन खारिज होने और कोर्स पूरा नहीं करने के मामले ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट तक सीमित है. इसका मतलब यह नहीं है कि सभी ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक लगाई जा रही है.
भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर
ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले का असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है. दरअसल हर साल हजारों छात्र भारत से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं, ऐसे में ऐसे छात्र जो अब इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले थे उन पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है .
ये भी पढ़ें-जम्मू-कश्मीर बना पूर्ण साक्षर, 98.43 प्रतिशत पहुंची लिटरेसी रेट
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