अब पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता? क्रूड ऑयल में 5% से अधिक की बड़ी गिरावट
Crude oil Prices: आज सोमवार को हफ्ते के पहले दिन कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से कूटनीतिक वार्ता शुरू होने के बाद अब मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर कम होता दिख रहा है. यही वजह है कि ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत ट्रेडिंग के शुरुआती कुछ मिनटों में ही 5% से ज्यादा गिर गई. इसके बाद कुछ समय के लिए यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई और फिर 92 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई. यूरोप में भी नैचुरल गैस की कीमतों में गिरावट आई. बीते लगातार 13 दिनों तक ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के बाद शुक्रवार को अमेरिका पीछे गया. ईरान की सेना ने भी कहा कि उसने फिलहाल अपनी जवाबी कार्रवाई रोक दी है. अमेरिका ने क्या कहा? संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत को थोड़ा स्पेस दे रहे हैं. अगर कोई कूटनीतिक रास्ता निकलता है, तो वह इसके पक्ष में हैं. इसी वजह से अमेरिका ने फिलहाल हमलों पर अस्थायी रोक लगा रखा है. इस बार कतर और ओमान की मध्यस्थता में यह शांति वार्ता शुरू हुई है. इसके चलते उम्मीद है कि होर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल की शिपिंग और सप्लाई सामान्य हो सकेगी. आज कितनी है कच्चे तेल की कीमत? आज ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4.89% गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. इसी तरह से अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI Crude) भी लगभग 5.5% फिसलकर 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. पिछले हफ्ते गुरुवार (23 जुलाई) को अमेरिकी हमलों के चलते तेल की कीमतें 100.69 डॉलर के पार निकल गई थीं, लेकिन अब कुछ राहत है. रेटिंग एजेंसी ICRA जैसे दूसरे मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर ब्रेंट क्रूड इसी तरह से 90-92 डॉलर के आसपास स्थिर रहता है, तो हो सकता है कि सरकारी तेल कंपनियां आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-5 रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट कर दे. ये भी पढ़ें: चूक न जाएं मौका! 8वें वेतन आयोग की दिल्ली बैठकों के लिए तारीखें तय, जानें कब तक कर सकेंगे आवदेन?
Crude oil Prices: आज सोमवार को हफ्ते के पहले दिन कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से कूटनीतिक वार्ता शुरू होने के बाद अब मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर कम होता दिख रहा है.
यही वजह है कि ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत ट्रेडिंग के शुरुआती कुछ मिनटों में ही 5% से ज्यादा गिर गई. इसके बाद कुछ समय के लिए यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई और फिर 92 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई. यूरोप में भी नैचुरल गैस की कीमतों में गिरावट आई. बीते लगातार 13 दिनों तक ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के बाद शुक्रवार को अमेरिका पीछे गया. ईरान की सेना ने भी कहा कि उसने फिलहाल अपनी जवाबी कार्रवाई रोक दी है.
अमेरिका ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत को थोड़ा स्पेस दे रहे हैं. अगर कोई कूटनीतिक रास्ता निकलता है, तो वह इसके पक्ष में हैं. इसी वजह से अमेरिका ने फिलहाल हमलों पर अस्थायी रोक लगा रखा है. इस बार कतर और ओमान की मध्यस्थता में यह शांति वार्ता शुरू हुई है. इसके चलते उम्मीद है कि होर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल की शिपिंग और सप्लाई सामान्य हो सकेगी.
आज कितनी है कच्चे तेल की कीमत?
आज ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4.89% गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. इसी तरह से अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI Crude) भी लगभग 5.5% फिसलकर 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. पिछले हफ्ते गुरुवार (23 जुलाई) को अमेरिकी हमलों के चलते तेल की कीमतें 100.69 डॉलर के पार निकल गई थीं, लेकिन अब कुछ राहत है.
रेटिंग एजेंसी ICRA जैसे दूसरे मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर ब्रेंट क्रूड इसी तरह से 90-92 डॉलर के आसपास स्थिर रहता है, तो हो सकता है कि सरकारी तेल कंपनियां आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-5 रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट कर दे.
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