अब गुमनाम रहकर यूज नहीं कर पाएंगे एआई, बदल गई पॉलिसी, देना पड़ सकता है बायोमेट्रिक डेटा

Anthropic Privacy Policy: एआई को यूज करने के लिए आपको अपना पासपोर्ट दिखाने तक की जरूरत पड़ सकती है. ऐसा हम नहीं कर रहे बल्कि अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपनी नई पॉलिसी में लिखा है. कंपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी लेकर आई है, जिसमें यूजर की पहचान वेरिफाई करने के लिए कड़े कदमों का प्रावधान किया गया है. नई पॉलिसी कंज्यूमर अकाउंट यानी Claude Free, Pro और Max प्लान यूज करने वाले यूजर के लिए ही लागू होगी. कमर्शियल यूजर को अभी तक इस पॉलिसी के तहत नहीं लाया गया है. वेरिफिकेशन के लिए देना पड़ सकता है बायोमेट्रिक डेटा एंथ्रोपिक की नई एआई पॉलिसी के हिसाब के कुछ सिचुएशन में यूजर को उनकी उम्र और पहचान साबित करने के लिए कहा जा सकता है. इसके लिए यूजर को सेल्फी या वीडियो, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसा सरकारी डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा. इसके अलावा पॉलिसी में फेशियल जियोमेट्री टेंपलेट के क्रिएशन की बात भी कही गई है. यह पॉलिसी 8 जुलाई से लागू हो जाएगी.  कब पड़ेगी वेरिफिकेशन की जरूरत? एंथ्रोपिक का कहना है कि जब कोई यूजर अपने अकाउंट पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देगा तो वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा इस जानकारी को प्लेटफॉर्म के नियम लागू करने, फ्रॉड की जांच, सिक्योरिटी चिंताओं से जुड़े मसले और एआई सर्विसेस के मिसयूज को रोकने के लिए भी यूज किया जा सकता है. बता दें कि एंथ्रोपिक के Claude मॉडल को एक्सेस करने के लिए यूजर का पहले से ही 18 साल का होना जरूरी है. इसी साल कंपनी ने कानूनी बाध्यता के कारण कई जगहों पर एज-वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया था. एंथ्रोपिक ने बताया कि वेरिफिकेशन की प्रोसेस Persona नाम की एक आईडी वेरिफिकेशन कंपनी हैंडल करती है. जब यूजर किसी खास फीचर की एक्सेस करना चाहेंगे, तब उन्हें वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना पड़ सकता है. प्राइवेसी को लेकर उठ रहे हैं सवाल एंथ्रोपिक की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद से ही इस पर सवाल उठ रहे हैं. खासकर यूजर प्राइवेसी और बायोमेट्रिक डेटा कलेक्शन पर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है. प्राइवेसी एक्सपर्ट्स लगातार यह चिंता जताते आए हैं कि आइडेंटिटी डेटाबेस साइबर क्रिमिनल का टारगेट बन सकता है और इससे यूजर की सेफ्टी को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं. दूसरी तरफ एंथ्रोपिक ने अपने बचाव में कहा है कि इस पॉलिसी को सभी यूजर के आइडेंटिटी चेंकिंग प्रोग्राम के तौर पर नहीं लाया गया है. यह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल अकाउंट को रिव्यू करने की प्रोसेस के एक हिस्से के तौर पर लाया गया है. ये भी पढ़ें- Flipkart GOAT Sale 2026: वॉशिंग मशीन और पंखे-कूलर समेत हर आइटम पर छूट ही छूट, इस सेल में मचेगा तहलका

Jun 26, 2026 - 08:30
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अब गुमनाम रहकर यूज नहीं कर पाएंगे एआई, बदल गई पॉलिसी, देना पड़ सकता है बायोमेट्रिक डेटा

Anthropic Privacy Policy: एआई को यूज करने के लिए आपको अपना पासपोर्ट दिखाने तक की जरूरत पड़ सकती है. ऐसा हम नहीं कर रहे बल्कि अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपनी नई पॉलिसी में लिखा है. कंपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी लेकर आई है, जिसमें यूजर की पहचान वेरिफाई करने के लिए कड़े कदमों का प्रावधान किया गया है. नई पॉलिसी कंज्यूमर अकाउंट यानी Claude Free, Pro और Max प्लान यूज करने वाले यूजर के लिए ही लागू होगी. कमर्शियल यूजर को अभी तक इस पॉलिसी के तहत नहीं लाया गया है.

वेरिफिकेशन के लिए देना पड़ सकता है बायोमेट्रिक डेटा

एंथ्रोपिक की नई एआई पॉलिसी के हिसाब के कुछ सिचुएशन में यूजर को उनकी उम्र और पहचान साबित करने के लिए कहा जा सकता है. इसके लिए यूजर को सेल्फी या वीडियो, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसा सरकारी डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा. इसके अलावा पॉलिसी में फेशियल जियोमेट्री टेंपलेट के क्रिएशन की बात भी कही गई है. यह पॉलिसी 8 जुलाई से लागू हो जाएगी. 

कब पड़ेगी वेरिफिकेशन की जरूरत?

एंथ्रोपिक का कहना है कि जब कोई यूजर अपने अकाउंट पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देगा तो वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा इस जानकारी को प्लेटफॉर्म के नियम लागू करने, फ्रॉड की जांच, सिक्योरिटी चिंताओं से जुड़े मसले और एआई सर्विसेस के मिसयूज को रोकने के लिए भी यूज किया जा सकता है. बता दें कि एंथ्रोपिक के Claude मॉडल को एक्सेस करने के लिए यूजर का पहले से ही 18 साल का होना जरूरी है. इसी साल कंपनी ने कानूनी बाध्यता के कारण कई जगहों पर एज-वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया था. एंथ्रोपिक ने बताया कि वेरिफिकेशन की प्रोसेस Persona नाम की एक आईडी वेरिफिकेशन कंपनी हैंडल करती है. जब यूजर किसी खास फीचर की एक्सेस करना चाहेंगे, तब उन्हें वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना पड़ सकता है.

प्राइवेसी को लेकर उठ रहे हैं सवाल

एंथ्रोपिक की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद से ही इस पर सवाल उठ रहे हैं. खासकर यूजर प्राइवेसी और बायोमेट्रिक डेटा कलेक्शन पर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है. प्राइवेसी एक्सपर्ट्स लगातार यह चिंता जताते आए हैं कि आइडेंटिटी डेटाबेस साइबर क्रिमिनल का टारगेट बन सकता है और इससे यूजर की सेफ्टी को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं. दूसरी तरफ एंथ्रोपिक ने अपने बचाव में कहा है कि इस पॉलिसी को सभी यूजर के आइडेंटिटी चेंकिंग प्रोग्राम के तौर पर नहीं लाया गया है. यह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल अकाउंट को रिव्यू करने की प्रोसेस के एक हिस्से के तौर पर लाया गया है.

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Flipkart GOAT Sale 2026: वॉशिंग मशीन और पंखे-कूलर समेत हर आइटम पर छूट ही छूट, इस सेल में मचेगा तहलका

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