होर्मुज संकट के बीच दिल्ली में QUAD की बैठक, एस जयशंकर बोले - 'समंदर में बिना रुकावट जहाज...'
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में मंगलवार (26 मई) को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने एक बेहद सार्थक और उपयोगी बैठक की है. जिसकी ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर केंद्रित थी. यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच हुई. इसमें होर्मुज को खोलने और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावट पर चर्चा हुई. 'इंडो-पैसिफिक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत'- जयशंकर भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'हमने इंडो-पैसिफिक से जुड़े खास मुद्दों पर ध्यान दिया है. हम 4 समुद्री लोकतंत्र हैं, जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग छोर पर हैं, इसलिए विचारों को साझा करना बेहद जरूरी था. समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडर सी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और मजबूत करते रहेंगे.' क्या बोले एस जयशंकर? जयशंकर ने कहा, 'हमारा फोकस हिंद-प्रशांत पर रहेगा जो क्वाड की खास सीमा है.' उन्होंने कहा, 'वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में रुकावट, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. इनमें से हर मुद्दा पार्टनरशिप की जरूरतों को और मजबूत आधार देता है.' 'समुद्री सुरक्षा तय करना जरूरी' जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संभावित 'चिंताओं' का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी होगा. यह सब भरोसा और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है.' ये भी पढ़ें- 'इतिहास की समझ होती तो...', मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र विदेश मंत्री ने कहा, 'समुद्री लोकतंत्रों, बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को लेकर साझा जिम्मेदारी रखते हैं. यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रमुख वाहक बना रहना चाहिए.' ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूएस के विदेश मंत्री क्या बोले? ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड को मजबूत और प्रभावी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम क्वाड की रफ्तार को जारी रखने के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहते हैं. रूबियो ने कहा कि दुनिया भर में हाल की घटनाओं के कारण वे क्षेत्र और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जिनमें क्वाड मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि क्वाड एनर्जी सिक्योरिटी, नेविगेशन की स्वतंत्रता और अहम खनिजों सहित दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से कुछ का समाधान कर सकता है. होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में मंगलवार (26 मई) को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने एक बेहद सार्थक और उपयोगी बैठक की है. जिसकी ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर केंद्रित थी. यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच हुई. इसमें होर्मुज को खोलने और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावट पर चर्चा हुई.
'इंडो-पैसिफिक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत'- जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'हमने इंडो-पैसिफिक से जुड़े खास मुद्दों पर ध्यान दिया है. हम 4 समुद्री लोकतंत्र हैं, जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग छोर पर हैं, इसलिए विचारों को साझा करना बेहद जरूरी था. समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडर सी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और मजबूत करते रहेंगे.'
क्या बोले एस जयशंकर?
जयशंकर ने कहा, 'हमारा फोकस हिंद-प्रशांत पर रहेगा जो क्वाड की खास सीमा है.' उन्होंने कहा, 'वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में रुकावट, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. इनमें से हर मुद्दा पार्टनरशिप की जरूरतों को और मजबूत आधार देता है.'
'समुद्री सुरक्षा तय करना जरूरी'
जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संभावित 'चिंताओं' का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी होगा. यह सब भरोसा और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है.'
ये भी पढ़ें- 'इतिहास की समझ होती तो...', मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र
विदेश मंत्री ने कहा, 'समुद्री लोकतंत्रों, बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को लेकर साझा जिम्मेदारी रखते हैं. यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रमुख वाहक बना रहना चाहिए.'
ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूएस के विदेश मंत्री क्या बोले?
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड को मजबूत और प्रभावी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम क्वाड की रफ्तार को जारी रखने के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहते हैं. रूबियो ने कहा कि दुनिया भर में हाल की घटनाओं के कारण वे क्षेत्र और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जिनमें क्वाड मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि क्वाड एनर्जी सिक्योरिटी, नेविगेशन की स्वतंत्रता और अहम खनिजों सहित दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से कुछ का समाधान कर सकता है.
होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज
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