हैदराबाद में 'नशीली ठंडाई' बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गांजा घोलने का आरोप, STF ने एक को दबोचा
तेलंगाना की हैदराबाद के पुराने शहर में एक्साइज STF ने एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जहां आरोपी विकस शर्मा ने गांजा से लेस चॉकलेट्स को ठंडाई में मिलाकर बेचा जा रहा था. यह कार्रवाई चारमीनार एक्साइज स्टेशन के इलाके में हुई, जहां से 1,920 गांजा वाली चॉकलेट्स (कुल 9.6 किलोग्राम) जब्त की गईं. आरोपी ने सामान्य ठंडाई को 50 रुपये के बजाय 150 रुपये प्रति गिलास बेचकर लोगों को नशे में धकेलने का काम किया. जांच अभी जारी है और आगे के खुलासे होने की उम्मीद है. यह मामला मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को सामने आया, जब एक्साइज STF की टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की और विकस शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. टीम ने पाया कि आरोपी गांजा वाली चॉकलेट्स को ठंडाई में घोलकर बेच रहा था, जिससे ग्राहकों को पता ही नहीं चलता था कि वे नशीला पेय पी रहे हैं. यह तरीका खासकर त्योहारों और गर्मियों में आम लोगों को लुभाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जब्त चॉकलेट्स की मात्रा देखकर अधिकारियों ने बताया कि यह बड़ा नेटवर्क हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी खेप अकेले एक व्यक्ति के पास नहीं होती. पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई हैदराबाद में पिछले कुछ समय से गांजा और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है. एक्साइज STF ने पहले भी कई बार ऐसे मामलों में छापे मारे हैं, जैसे होली के दौरान गांजा मिली मिठाइयों और आइसक्रीम की बिक्री रोकना या धूलपेट इलाके में गांजा की बड़ी खेप पकड़ना. हाल के महीनों में STF ने हजारों किलोग्राम गांजा जब्त किया है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है. ऐसे रैकेट्स में अक्सर चॉकलेट्स या मिठाइयों में गांजा मिलाकर बेचा जाता है, जो युवाओं और बच्चों को आसानी से निशाना बनाता है. पिछले साल भी कुछ मामलों में गांजा लेस चॉकलेट्स बच्चों तक पहुंचने की खबरें आई थीं, जिससे समाज में चिंता बढ़ी थी. जांच में सप्लाई चेन का लगाया जा रहा पता यह घटना बताती है कि नशीले पदार्थों का धंधा कितना खतरनाक और छिपा हुआ हो सकता है. आम ठंडाई जैसी चीजों में मिलावट से लोग बिना जाने नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, जिसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. एक्साइज विभाग की टीम ने कहा कि जांच में आरोपी के साथियों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है. ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान है और विभाग ने वादा किया है कि इस तरह के रैकेट्स पर पूरी तरह लगाम लगाई जाएगी.
तेलंगाना की हैदराबाद के पुराने शहर में एक्साइज STF ने एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जहां आरोपी विकस शर्मा ने गांजा से लेस चॉकलेट्स को ठंडाई में मिलाकर बेचा जा रहा था. यह कार्रवाई चारमीनार एक्साइज स्टेशन के इलाके में हुई, जहां से 1,920 गांजा वाली चॉकलेट्स (कुल 9.6 किलोग्राम) जब्त की गईं. आरोपी ने सामान्य ठंडाई को 50 रुपये के बजाय 150 रुपये प्रति गिलास बेचकर लोगों को नशे में धकेलने का काम किया. जांच अभी जारी है और आगे के खुलासे होने की उम्मीद है.
यह मामला मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को सामने आया, जब एक्साइज STF की टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की और विकस शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. टीम ने पाया कि आरोपी गांजा वाली चॉकलेट्स को ठंडाई में घोलकर बेच रहा था, जिससे ग्राहकों को पता ही नहीं चलता था कि वे नशीला पेय पी रहे हैं. यह तरीका खासकर त्योहारों और गर्मियों में आम लोगों को लुभाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जब्त चॉकलेट्स की मात्रा देखकर अधिकारियों ने बताया कि यह बड़ा नेटवर्क हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी खेप अकेले एक व्यक्ति के पास नहीं होती.
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
हैदराबाद में पिछले कुछ समय से गांजा और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है. एक्साइज STF ने पहले भी कई बार ऐसे मामलों में छापे मारे हैं, जैसे होली के दौरान गांजा मिली मिठाइयों और आइसक्रीम की बिक्री रोकना या धूलपेट इलाके में गांजा की बड़ी खेप पकड़ना. हाल के महीनों में STF ने हजारों किलोग्राम गांजा जब्त किया है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है. ऐसे रैकेट्स में अक्सर चॉकलेट्स या मिठाइयों में गांजा मिलाकर बेचा जाता है, जो युवाओं और बच्चों को आसानी से निशाना बनाता है. पिछले साल भी कुछ मामलों में गांजा लेस चॉकलेट्स बच्चों तक पहुंचने की खबरें आई थीं, जिससे समाज में चिंता बढ़ी थी.
जांच में सप्लाई चेन का लगाया जा रहा पता
यह घटना बताती है कि नशीले पदार्थों का धंधा कितना खतरनाक और छिपा हुआ हो सकता है. आम ठंडाई जैसी चीजों में मिलावट से लोग बिना जाने नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, जिसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. एक्साइज विभाग की टीम ने कहा कि जांच में आरोपी के साथियों और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है. ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान है और विभाग ने वादा किया है कि इस तरह के रैकेट्स पर पूरी तरह लगाम लगाई जाएगी.
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