हार से नहीं, हिम्मत से लिखी जीत: दर्द, बीमारी और संघर्ष के बीच 38 की उम्र में पूरा किया सपना

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव में सुबह का सूरज जैसे ही खेतों पर फैलता, एक घर में उम्मीद भी साथ जागती थी. यह कहानी उसी घर के बेटे संजय धरैया की है, जिसने दर्द को सीढ़ी बनाया और सपनों तक पहुंच गया. छह साल कैंसर से लड़ाई, लकवे का वार, चार बड़ी सर्जरी, और फिर भी मन में एक ही बात “हार नहीं माननी.” महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव में जन्मे संजय के पिता किसान हैं. घर में साधन कम थे, लेकिन पढ़ाई का महत्व बहुत बड़ा था. गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू हुई. मिट्टी की खुशबू, कच्चे रास्ते और सीमित साधन इन्हीं के बीच एक सपना पलने लगा. नवोदय की राह और एक सपना संजय का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ. यहां से 12वीं तक पढ़ाई करते हुए उन्होंने पहली बार एक आईएएस अधिकारी को देखा. उसी दिन मन में तय हो गया एक दिन उन्हें भी प्रशासनिक सेवा में जाना है. लेकिन घर की हालत देख उन्होंने पहले नौकरी का रास्ता चुना, ताकि परिवार का सहारा बन सकें.यह भी पढ़ें - UPPSC Success Story: पिता की पंचर दुकान, बेटी का बड़ा सपना; बुलंदशहर की गायत्री बनी अफसर नौकरी के साथ पढ़ाई 12वीं के बाद संजय ने स्कूल में पढ़ाना शुरू किया. साथ में अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. आगे चलकर उन्हें एसबीआई और इंडिया पोस्ट जैसी सरकारी संस्थाओं में काम करने का मौका मिला. दिन नौकरी, रात पढ़ाई. रोज छह-सात घंटे वे अपने सपने को देते रहे. जिंदगी का सबसे कठिन मोड़ फिर एक दिन जिंदगी ने करवट ली. साल 2012 में कैंसर की खबर ने सब कुछ हिला दिया. इलाज शुरू हुआ, और इसी बीच लकवे ने भी घेर लिया. 2013 से 2015 के बीच चार बड़ी सर्जरी हुईं. अस्पताल के कमरे, दवाइयों की गंध और खामोशी यही उनकी दुनिया बन गई. पहली असफलता, फिर नई तैयारी साल 2019 में संजय ने पहली बार UPSC की परीक्षा दी. नतीजा उम्मीद जैसा नहीं रहा. लेकिन इस बार वे टूटे नहीं. उन्होंने समझा कि सपना बड़ा है, तो धैर्य भी बड़ा रखना होगा. 2022 में वे रायपुर आए और पूरी ताकत से तैयारी में जुट गए. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में  संजय का नाम 946वीं रैंक पर था. उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की. यह भी पढ़ें -  UPSC Success Story: असफलता से दोस्ती, सफलता से मुलाकात; सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने पास की UPSC परीक्षा

Apr 7, 2026 - 10:30
 0
हार से नहीं, हिम्मत से लिखी जीत: दर्द, बीमारी और संघर्ष के बीच 38 की उम्र में पूरा किया सपना

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव में सुबह का सूरज जैसे ही खेतों पर फैलता, एक घर में उम्मीद भी साथ जागती थी. यह कहानी उसी घर के बेटे संजय धरैया की है, जिसने दर्द को सीढ़ी बनाया और सपनों तक पहुंच गया. छह साल कैंसर से लड़ाई, लकवे का वार, चार बड़ी सर्जरी, और फिर भी मन में एक ही बात “हार नहीं माननी.”

महासमुंद जिले के बेलटुकरी गांव में जन्मे संजय के पिता किसान हैं. घर में साधन कम थे, लेकिन पढ़ाई का महत्व बहुत बड़ा था. गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू हुई. मिट्टी की खुशबू, कच्चे रास्ते और सीमित साधन इन्हीं के बीच एक सपना पलने लगा.

नवोदय की राह और एक सपना

संजय का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ. यहां से 12वीं तक पढ़ाई करते हुए उन्होंने पहली बार एक आईएएस अधिकारी को देखा. उसी दिन मन में तय हो गया एक दिन उन्हें भी प्रशासनिक सेवा में जाना है. लेकिन घर की हालत देख उन्होंने पहले नौकरी का रास्ता चुना, ताकि परिवार का सहारा बन सकें.

यह भी पढ़ें - UPPSC Success Story: पिता की पंचर दुकान, बेटी का बड़ा सपना; बुलंदशहर की गायत्री बनी अफसर

नौकरी के साथ पढ़ाई

12वीं के बाद संजय ने स्कूल में पढ़ाना शुरू किया. साथ में अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. आगे चलकर उन्हें एसबीआई और इंडिया पोस्ट जैसी सरकारी संस्थाओं में काम करने का मौका मिला. दिन नौकरी, रात पढ़ाई. रोज छह-सात घंटे वे अपने सपने को देते रहे.

जिंदगी का सबसे कठिन मोड़

फिर एक दिन जिंदगी ने करवट ली. साल 2012 में कैंसर की खबर ने सब कुछ हिला दिया. इलाज शुरू हुआ, और इसी बीच लकवे ने भी घेर लिया. 2013 से 2015 के बीच चार बड़ी सर्जरी हुईं. अस्पताल के कमरे, दवाइयों की गंध और खामोशी यही उनकी दुनिया बन गई.

पहली असफलता, फिर नई तैयारी

साल 2019 में संजय ने पहली बार UPSC की परीक्षा दी. नतीजा उम्मीद जैसा नहीं रहा. लेकिन इस बार वे टूटे नहीं. उन्होंने समझा कि सपना बड़ा है, तो धैर्य भी बड़ा रखना होगा. 2022 में वे रायपुर आए और पूरी ताकत से तैयारी में जुट गए. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में  संजय का नाम 946वीं रैंक पर था. उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की.

यह भी पढ़ें -  UPSC Success Story: असफलता से दोस्ती, सफलता से मुलाकात; सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने पास की UPSC परीक्षा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow