हवाईजहाज में क्यों नहीं बैठ रहे लोग? घट रही यात्रियों की संख्या, क्या सिर्फ महंगा सफर है कारण?
Air Traffic: मई-जून में गर्मियों की छुट्टियां होती हैं और इसी समय में लोग सबसे ज्यादा वेकेशन पर जाते हैं. अब उम्मीद की जाती है कि सबसे ज्यादा हवाई यात्रा भी इन्हीं महीनों में होती होगी, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा दिखाया है. डीजीसीए की रिपोर्ट के अनुसार, जून के महीने में घरेलू हवाई यात्रा में 12 फीसदी गिरावट आई है. कितनी धीमी पड़ी रफ्तार?रिपोर्ट के अनुसार, मई के महीने में 1.53 करोड़ लोगों ने हवाईसफर किया लेकिन जून में ये आंकड़ा 12 फीसदी गिरकर 1.35 करोड़ पर आ गया. आमतौर पर तो मई और जून में ही लोग ज्यादा ट्रैवल करते हैं, इसके बाद तो वैसे भी कमजोर सीजन आ जाता है. पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत? क्या है कारण?अब अगर हवाई यात्रा में कमी आने के कारण के बारे में बात करें तो सबसे पहला कारण एटीएफ ही है. ATF यानी विमान ईंधन. मिडिल ईस्ट संकट के दौरान एटीएफ बढ़ गया, जिससे एयरलाइंस ने ही कुछ रूटों की फ्लाइट कम कर दी. इसके अलावा कुछ रूट्स का तो किराया भी बढ़ गया है. ऐसे में लोगों ने ज्यादा यात्रा करने से तौबा कर लिया और बस फिर क्या था आंकड़े खुद ही गिर गए. कौन है हवाई बाजार का सरदार? हालांकि, इस गिरते आंकड़े में भी इंडिगो सबसे ज्यादा फायदे में रहा है. हवाई बाजार में कंपनी पहले 64.9 फीसदी हिस्सेदारी पर थी जो अब बढ़कर 66.3 फीसदी पर आ दया है. लेकिन एयर इंडिया का बाजार कम हुआ है. एयर इंडिया तो सीधा 23.9 फीसदी हिस्से पर आ गई है. इसके अलावा उड़ान में अकासा एयर भी पीछे नहीं है और टोटल 6.4 फीसदी घेरे हुए है, वहीं, स्पाइसजेट सबसे पीछे हैं और 1.9 फीसदी हिस्से में ही है. मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी
Air Traffic: मई-जून में गर्मियों की छुट्टियां होती हैं और इसी समय में लोग सबसे ज्यादा वेकेशन पर जाते हैं. अब उम्मीद की जाती है कि सबसे ज्यादा हवाई यात्रा भी इन्हीं महीनों में होती होगी, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा दिखाया है. डीजीसीए की रिपोर्ट के अनुसार, जून के महीने में घरेलू हवाई यात्रा में 12 फीसदी गिरावट आई है.
कितनी धीमी पड़ी रफ्तार?
रिपोर्ट के अनुसार, मई के महीने में 1.53 करोड़ लोगों ने हवाईसफर किया लेकिन जून में ये आंकड़ा 12 फीसदी गिरकर 1.35 करोड़ पर आ गया. आमतौर पर तो मई और जून में ही लोग ज्यादा ट्रैवल करते हैं, इसके बाद तो वैसे भी कमजोर सीजन आ जाता है.
पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत?
क्या है कारण?
अब अगर हवाई यात्रा में कमी आने के कारण के बारे में बात करें तो सबसे पहला कारण एटीएफ ही है. ATF यानी विमान ईंधन. मिडिल ईस्ट संकट के दौरान एटीएफ बढ़ गया, जिससे एयरलाइंस ने ही कुछ रूटों की फ्लाइट कम कर दी. इसके अलावा कुछ रूट्स का तो किराया भी बढ़ गया है. ऐसे में लोगों ने ज्यादा यात्रा करने से तौबा कर लिया और बस फिर क्या था आंकड़े खुद ही गिर गए.
कौन है हवाई बाजार का सरदार?
हालांकि, इस गिरते आंकड़े में भी इंडिगो सबसे ज्यादा फायदे में रहा है. हवाई बाजार में कंपनी पहले 64.9 फीसदी हिस्सेदारी पर थी जो अब बढ़कर 66.3 फीसदी पर आ दया है. लेकिन एयर इंडिया का बाजार कम हुआ है. एयर इंडिया तो सीधा 23.9 फीसदी हिस्से पर आ गई है. इसके अलावा उड़ान में अकासा एयर भी पीछे नहीं है और टोटल 6.4 फीसदी घेरे हुए है, वहीं, स्पाइसजेट सबसे पीछे हैं और 1.9 फीसदी हिस्से में ही है.
मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी
What's Your Reaction?