सोने से सरकार को कितनी कमाई होती है? कस्टम ड्यूटी कलेक्शन से समझिए
Gold Import Duty Collections: सोने की इंपोर्ट पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने बीते 13 मई से सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया. इससे सोने का आयात महंगा हो गया और टैक्स कलेक्शन में बंपर तेजी आई. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 13 मई से 2 अगस्त, 2026 के बीच कीमती धातुओं के इंपोर्ट से सरकार ने कुल 10,463 करोड़ रुपये की कमाई की है. सरकार ने क्यों बढ़ाया था टैक्स? भारत सोने की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसका भुगतान डॉलर में किया जाता है. सोने के भारी मात्रा में आयात से देश का डॉलर बड़े पैमाने पर बाहर जा रहा था, जिसे रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया. कीमती धातुओं के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपनी की थी वे देश के आर्थिक हितों को देखते हुए कम से कम एक साल तक सोने और ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें. किस बात से सरकार हुई परेशान? अमेरिका-ईरान में जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के माहौल के बीच कच्चे तेल की ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई. इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें भीषण बढ़ गई हैं. चूंकि तेल भारत की पहली जरूरत है इसलिए सरकार सोने जैसे गैर-जरूरी चीजों के आयात को कम कर विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने का काम किया. सरकार की एक और जिम्मेदारी कमजोर होते रुपये को बचाना भी था. ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 रुपये के करीब पहुंच रहा था. ऐसे में सोने के आयात को काबू में कर सरकार ने रुपये पर बने दबाव को कम करने का भी काम किया. कीमती धातुओं के आयात से सरकार को कमाई (13 मई से 2 अगस्त 2026 तक) कीमती धातु कस्टम ड्यूटी से कमाई सोना 10,040 करोड़ चांदी 328 करोड़ प्लैटिनम 95 करोड़ टोटल रेवेन्यू 10,463 करोड़ ये भी पढ़ें: घरवालों से छिपाकर रखी मेहनत कमाई, सालभर में खा गए कीड़े; किसान को 5 लाख का नुकसान
Gold Import Duty Collections: सोने की इंपोर्ट पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने बीते 13 मई से सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया. इससे सोने का आयात महंगा हो गया और टैक्स कलेक्शन में बंपर तेजी आई. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 13 मई से 2 अगस्त, 2026 के बीच कीमती धातुओं के इंपोर्ट से सरकार ने कुल 10,463 करोड़ रुपये की कमाई की है.
सरकार ने क्यों बढ़ाया था टैक्स?
भारत सोने की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसका भुगतान डॉलर में किया जाता है. सोने के भारी मात्रा में आयात से देश का डॉलर बड़े पैमाने पर बाहर जा रहा था, जिसे रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया. कीमती धातुओं के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपनी की थी वे देश के आर्थिक हितों को देखते हुए कम से कम एक साल तक सोने और ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें.
किस बात से सरकार हुई परेशान?
अमेरिका-ईरान में जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के माहौल के बीच कच्चे तेल की ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हुई. इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें भीषण बढ़ गई हैं. चूंकि तेल भारत की पहली जरूरत है इसलिए सरकार सोने जैसे गैर-जरूरी चीजों के आयात को कम कर विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने का काम किया. सरकार की एक और जिम्मेदारी कमजोर होते रुपये को बचाना भी था. ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 रुपये के करीब पहुंच रहा था. ऐसे में सोने के आयात को काबू में कर सरकार ने रुपये पर बने दबाव को कम करने का भी काम किया.
कीमती धातुओं के आयात से सरकार को कमाई (13 मई से 2 अगस्त 2026 तक)
| कीमती धातु | कस्टम ड्यूटी से कमाई |
| सोना | 10,040 करोड़ |
| चांदी | 328 करोड़ |
| प्लैटिनम | 95 करोड़ |
| टोटल रेवेन्यू | 10,463 करोड़ |
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घरवालों से छिपाकर रखी मेहनत कमाई, सालभर में खा गए कीड़े; किसान को 5 लाख का नुकसान
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