'सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई…', सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (6 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हुए हमले के केंद्रीय सुरक्षा कवर मांगने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ये सभी दावे झूठे, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है. उन्होंने कहा कि मैंने हमले के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है, उन्हें पहले घटना से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए. केंद्र और राज्य सरकार घटना से जुड़े सवालों का दे जवाबः अभिषेक टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार (6 जून, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘ऐसी कई खबरें सामने आईं हैं, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मैंने पिछले महीने की 30 तारीख यानी 30 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा कवर की मांग की है. यह दावा पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.’ A section of the media is reporting that I have sought Central security cover following the attack on me in Sonarpur on the 30th of last month. This claim is entirely baseless and far from the truth.I have not sought any security cover in the seven days since the attack. The… — Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) June 6, 2026 उन्होंने कहा, ‘हमले के बाद बीते सात दिनों में मैंने किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है और इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के जवाब दोनों को देना चाहिए.’  एक महीने में राज्य में जघन्य अपराधों की कई घटनाएं घटीः अभिषेक अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में यौन उत्पीड़न और कई अन्य जघन्य अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका शिकार आम नागरिक हुए हैं, लेकिन उनमें से कई घटनाओं पर बहुत कम या बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया गया है. नागरिकों की सुरक्षा उन लोगों की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, जिन्हें राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान फोकस करें, बजाए इसके कि कुछ भ्रामक सूचनाओ और राजनीतिक रूप से प्रेरित कहानियों को बढ़ावा मिलने दिया जाए. जनता सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई जानने की हकदार है.’ यह भी पढे़ंः क्या पार्टी पर अपना कंट्रोल खोते जा रही हैं ममता बनर्जी? 30 साल बाद अधर में TMC का राजनीतिक भविष्य 

Jun 6, 2026 - 23:30
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'सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई…', सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (6 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हुए हमले के केंद्रीय सुरक्षा कवर मांगने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ये सभी दावे झूठे, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.

उन्होंने कहा कि मैंने हमले के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है, उन्हें पहले घटना से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए.

केंद्र और राज्य सरकार घटना से जुड़े सवालों का दे जवाबः अभिषेक

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार (6 जून, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘ऐसी कई खबरें सामने आईं हैं, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मैंने पिछले महीने की 30 तारीख यानी 30 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा कवर की मांग की है. यह दावा पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.’

उन्होंने कहा, ‘हमले के बाद बीते सात दिनों में मैंने किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है और इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के जवाब दोनों को देना चाहिए.’ 

एक महीने में राज्य में जघन्य अपराधों की कई घटनाएं घटीः अभिषेक

अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में यौन उत्पीड़न और कई अन्य जघन्य अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका शिकार आम नागरिक हुए हैं, लेकिन उनमें से कई घटनाओं पर बहुत कम या बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया गया है. नागरिकों की सुरक्षा उन लोगों की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, जिन्हें राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान फोकस करें, बजाए इसके कि कुछ भ्रामक सूचनाओ और राजनीतिक रूप से प्रेरित कहानियों को बढ़ावा मिलने दिया जाए. जनता सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई जानने की हकदार है.’

यह भी पढे़ंः क्या पार्टी पर अपना कंट्रोल खोते जा रही हैं ममता बनर्जी? 30 साल बाद अधर में TMC का राजनीतिक भविष्य 

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