सिक्किम में JEE-NEET की फ्री कोचिंग, सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगा फायदा

सिक्किम में जेईई और नीट की तैयारी करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम-साथी पहल शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना का मकसद ऐसे छात्रों को अच्छी कोचिंग देना है, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं. लेकिन महंगे कॉलेज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में सिक्किम के सीएम ने जेईई-नीट की फ्री कोचिंग का ऐलान किया है ‌ IIT कानपुर के साथ मिलकर शुरू होगी कोचिंग सीएम-साथी योजना सिक्किम सरकार ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से शुरू की है. इसके तहत गरीब परिवारों से आने वाले जेईई और नीट उम्मीदवारों को 2 महीने का क्रैश कोर्स कराया जाएगा. योजना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसे बहुत से छात्र हैं, जो जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उचित कोचिंग की फीस उनके लिए बड़ी बाधा बन जाती है. सीएम-साथी के जरिए ऐसे छात्रों को इस समस्या से राहत देने की कोशिश की गई है.  केंद्र की परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक मदद  शिक्षा के अलावा सिक्किम सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए लॉन्च पैड योजना का भी ऐलान किया. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों, दिव्यांगों और अनाथ युवाओं को केंद्र सरकार और पीएसयू की परीक्षाओं की आर्थिक की तैयारी के लिए एक बार अधिकतम 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस सहायता का इस्तेमाल स्टडी मैटेरियल, यात्रा और तैयारी से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकेगा.  ये भी पढ़ें-खुशखबरी: KVS-NVS शिक्षक भर्ती टियर-2 का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक शिक्षा पर खर्च को बताया सबसे बड़ा निवेश  सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को खर्च नहीं बल्कि सबसे जरूरी निवेश मानती है. 2025-26 में राज्य के कुल खर्च का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर लगाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम को शिक्षा हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सिक्किम को 27 मई 2026 को फुली लिटरेट स्टेट घोषित किया गया था. अब सरकार का फोकस शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने से आगे बढ़कर उसकी गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर है.  2035 तक सिक्किम को शिक्षा हब बनाने का टारगेट  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का टारगेट है कि 2035 तक सिक्किम के छात्रों को अच्छे शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. इसके बजाय देश के दूसरे हिस्सों से छात्र बेहतर, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा हासिल करने के लिए सिक्किम आए. सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के नियमितीकरण और भर्ती के साथ कई दूसरी योजनाओं पर भी काम कर रही है. राज्य में सिक्किम लाइफ स्किल्स करिकुलम शुरू करने की तैयारी है, जिसमें छात्रों को सीपीआर फर्स्ट एड फायर सेफ्टी और आपदा से निपटने जैसी चीज सिखाई जाएगी. ये भी पढ़ें-नीट पीजी Answer Key पर बड़ा अपडेट, 30 सितंबर तक आ सकते हैं नतीजे

Sep 7, 2026 - 18:30
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सिक्किम में JEE-NEET की फ्री कोचिंग, सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगा फायदा

सिक्किम में जेईई और नीट की तैयारी करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम-साथी पहल शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना का मकसद ऐसे छात्रों को अच्छी कोचिंग देना है, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं. लेकिन महंगे कॉलेज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में सिक्किम के सीएम ने जेईई-नीट की फ्री कोचिंग का ऐलान किया है ‌

IIT कानपुर के साथ मिलकर शुरू होगी कोचिंग

सीएम-साथी योजना सिक्किम सरकार ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से शुरू की है. इसके तहत गरीब परिवारों से आने वाले जेईई और नीट उम्मीदवारों को 2 महीने का क्रैश कोर्स कराया जाएगा. योजना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसे बहुत से छात्र हैं, जो जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उचित कोचिंग की फीस उनके लिए बड़ी बाधा बन जाती है. सीएम-साथी के जरिए ऐसे छात्रों को इस समस्या से राहत देने की कोशिश की गई है. 

केंद्र की परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक मदद 

शिक्षा के अलावा सिक्किम सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए लॉन्च पैड योजना का भी ऐलान किया. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों, दिव्यांगों और अनाथ युवाओं को केंद्र सरकार और पीएसयू की परीक्षाओं की आर्थिक की तैयारी के लिए एक बार अधिकतम 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस सहायता का इस्तेमाल स्टडी मैटेरियल, यात्रा और तैयारी से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकेगा. 

ये भी पढ़ें-खुशखबरी: KVS-NVS शिक्षक भर्ती टियर-2 का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

शिक्षा पर खर्च को बताया सबसे बड़ा निवेश 

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को खर्च नहीं बल्कि सबसे जरूरी निवेश मानती है. 2025-26 में राज्य के कुल खर्च का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर लगाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम को शिक्षा हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सिक्किम को 27 मई 2026 को फुली लिटरेट स्टेट घोषित किया गया था. अब सरकार का फोकस शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने से आगे बढ़कर उसकी गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर है. 

2035 तक सिक्किम को शिक्षा हब बनाने का टारगेट 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का टारगेट है कि 2035 तक सिक्किम के छात्रों को अच्छे शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. इसके बजाय देश के दूसरे हिस्सों से छात्र बेहतर, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा हासिल करने के लिए सिक्किम आए. सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के नियमितीकरण और भर्ती के साथ कई दूसरी योजनाओं पर भी काम कर रही है. राज्य में सिक्किम लाइफ स्किल्स करिकुलम शुरू करने की तैयारी है, जिसमें छात्रों को सीपीआर फर्स्ट एड फायर सेफ्टी और आपदा से निपटने जैसी चीज सिखाई जाएगी.

ये भी पढ़ें-नीट पीजी Answer Key पर बड़ा अपडेट, 30 सितंबर तक आ सकते हैं नतीजे

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