सरपट भाग रही भारत की इकोनॉमी, जनवरी-मार्च तिमाही में GDP ग्रोथ 6.8 परसेंट रहने का अनुमान; एक्सपर्ट्स ने बताई वजह

India GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. जर्मनी के ड्यूश बैंक में भारत, मलेशिया और साउथ एशिया के लिए चीफ इकोनॉमिस्ट कौशिक दास का भी कुछ ऐसा ही मानना है. TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कौशिक दास ने कहा है, साल 2025 में जनवरी-मार्च की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में उछाल आने की उम्मीद है. इस दौरान जीडीपी ग्रोथ 6.8 परसेंट रहने का अनुमान है.  GDP और GVA में अंतर का अनुमान 30 मई को वित्त वर्ष 2024-25 और चौथी तिमाही के जीडीपी विकास दर के सरकारी आंकड़े जारी होने से पहले लगाया गया यह अनुमान जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही के दौरान दर्ज की गई 5.6 परसेंट के जीडीपी ग्रोथ में सुधार और अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में 6.2 परसेंट के ग्रोथ में सुधार को दर्शाता है. वास्तविक सकल मूल्य वर्धित (GVA) को लेकर अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में यह 6.5 परसेंट की दर से बढ़ेगा, जो कि जीडीपी ग्रोथ से थोड़ा पीछे है. GDP और GVA में इस अंतर की वजह कौशिक दास ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले सब्सिडी वितरण में 44 परसेंट की जोरदार गिरावट आना है.  ब्लूमबर्ग ने भी जीडीपी ग्रोथ को किया सपोर्ट उन्होंने कहा, सब्सिडी में आई इस कमी से टैक्स कलेक्शन बढ़ने का अनुमान है, जिससे GDP ग्रोथ GVA से ऊपर चला जाएगा. ड्यूश बैंक का यह अनुमान ब्लूमबर्ग के लगाए गए अनुमानों के ही मुताबिक है. ब्लूमबर्ग ने भी जीडीपी के लिए 6.8 परसेंट और जीवीए के लिए 6.4 के ग्रोथ का अनुमान लगाया था. हालांकि, तिमाही नतीजे में बदलाव होते रहते हैं इसलिए अंतिम आंकड़े कई बार हैरानी में भी डाल देते हैं. हालांकि, ड्यूश बैंक के  इंडिया मैक्रोइकॉनोमिक मोमेंटम इंडिकेटर (IMMI) ने भी 6.8 परसेंट जीडीपी ग्रोथ के अनुमान का समर्थन किया है. यह इंडिकेटर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और बैंक क्रेडिट जैसे पांच प्रमुख मापदंडों पर नजर रखता है.  ये भी पढ़ें: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम से लोग हो रहे मालामाल, 3 लाख के निवेश पर 44,664 रुपये गारंटीड रिटर्न  

May 23, 2025 - 15:30
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सरपट भाग रही भारत की इकोनॉमी, जनवरी-मार्च तिमाही में GDP ग्रोथ 6.8 परसेंट रहने का अनुमान; एक्सपर्ट्स ने बताई वजह

India GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. जर्मनी के ड्यूश बैंक में भारत, मलेशिया और साउथ एशिया के लिए चीफ इकोनॉमिस्ट कौशिक दास का भी कुछ ऐसा ही मानना है. TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कौशिक दास ने कहा है, साल 2025 में जनवरी-मार्च की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में उछाल आने की उम्मीद है. इस दौरान जीडीपी ग्रोथ 6.8 परसेंट रहने का अनुमान है. 

GDP और GVA में अंतर का अनुमान

30 मई को वित्त वर्ष 2024-25 और चौथी तिमाही के जीडीपी विकास दर के सरकारी आंकड़े जारी होने से पहले लगाया गया यह अनुमान जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही के दौरान दर्ज की गई 5.6 परसेंट के जीडीपी ग्रोथ में सुधार और अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में 6.2 परसेंट के ग्रोथ में सुधार को दर्शाता है.

वास्तविक सकल मूल्य वर्धित (GVA) को लेकर अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में यह 6.5 परसेंट की दर से बढ़ेगा, जो कि जीडीपी ग्रोथ से थोड़ा पीछे है. GDP और GVA में इस अंतर की वजह कौशिक दास ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले सब्सिडी वितरण में 44 परसेंट की जोरदार गिरावट आना है. 

ब्लूमबर्ग ने भी जीडीपी ग्रोथ को किया सपोर्ट

उन्होंने कहा, सब्सिडी में आई इस कमी से टैक्स कलेक्शन बढ़ने का अनुमान है, जिससे GDP ग्रोथ GVA से ऊपर चला जाएगा. ड्यूश बैंक का यह अनुमान ब्लूमबर्ग के लगाए गए अनुमानों के ही मुताबिक है. ब्लूमबर्ग ने भी जीडीपी के लिए 6.8 परसेंट और जीवीए के लिए 6.4 के ग्रोथ का अनुमान लगाया था.

हालांकि, तिमाही नतीजे में बदलाव होते रहते हैं इसलिए अंतिम आंकड़े कई बार हैरानी में भी डाल देते हैं. हालांकि, ड्यूश बैंक के  इंडिया मैक्रोइकॉनोमिक मोमेंटम इंडिकेटर (IMMI) ने भी 6.8 परसेंट जीडीपी ग्रोथ के अनुमान का समर्थन किया है. यह इंडिकेटर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और बैंक क्रेडिट जैसे पांच प्रमुख मापदंडों पर नजर रखता है. 

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