सऊदी अरब से दिल्ली पहुंचते ही NIA ने PFI के फरार आरोपी को दबोचा, 3 लाख रुपए का था इनाम

केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक और फरार आरोपी मुहम्मदअली के.पी. को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से सऊदी अरब में छिपा हुआ था. NIA के अनुसार, मुहम्मदअली गुरुवार सुबह सऊदी अरब के रियाद से दिल्ली पहुंचा था. जैसे ही वह एयरपोर्ट पर उतरा, एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया. मुहम्मदअली PFI की पलक्कड़ जिला इकाई का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है. उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है. केरल मर्डर केस में बड़ी सफलता NIA ने मुहम्मदअली की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि वह श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने वाले प्रमुख आरोपियों में शामिल था और हत्या में शामिल हमलावरों को पनाह देने में भी उसकी अहम भूमिका थी. इस मामले में अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. मुहम्मदअली पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2022 को केरल के पलक्कड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेता श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई थी. सितंबर 2022 में NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. चार साल बाद पकड़ा गया आरोपी NIA का आरोप है कि श्रीनिवासन की हत्या PFI से जुड़े कैडरों द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी. एजेंसी का दावा है कि आरोपियों का उद्देश्य हिंसा के जरिए सांप्रदायिक तनाव फैलाना था. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि PFI का एजेंडा वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था. जांच एजेंसी के मुताबिक, PFI ने अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई विंग और विशेष इकाइयां बनाई थीं. चुनिंदा कैडरों को फिजिकल एजुकेशन और योग प्रशिक्षण की आड़ में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी. NIA का यह भी दावा है कि संगठन की "रिपोर्टर्स विंग" संभावित टारगेट की जानकारी जुटाती थी, जबकि "सर्विस टीम" को हिंसक वारदातों को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी. अब NIA गिरफ्तार मुहम्मदअली से पूछताछ कर हत्या की साजिश, उसके नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है. एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है.

Jul 23, 2026 - 18:30
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सऊदी अरब से दिल्ली पहुंचते ही NIA ने PFI के फरार आरोपी को दबोचा, 3 लाख रुपए का था इनाम

केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक और फरार आरोपी मुहम्मदअली के.पी. को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से सऊदी अरब में छिपा हुआ था.

NIA के अनुसार, मुहम्मदअली गुरुवार सुबह सऊदी अरब के रियाद से दिल्ली पहुंचा था. जैसे ही वह एयरपोर्ट पर उतरा, एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया. मुहम्मदअली PFI की पलक्कड़ जिला इकाई का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है. उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है.

केरल मर्डर केस में बड़ी सफलता

NIA ने मुहम्मदअली की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि वह श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने वाले प्रमुख आरोपियों में शामिल था और हत्या में शामिल हमलावरों को पनाह देने में भी उसकी अहम भूमिका थी.

इस मामले में अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. मुहम्मदअली पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2022 को केरल के पलक्कड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेता श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई थी. सितंबर 2022 में NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी.

चार साल बाद पकड़ा गया आरोपी

NIA का आरोप है कि श्रीनिवासन की हत्या PFI से जुड़े कैडरों द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी. एजेंसी का दावा है कि आरोपियों का उद्देश्य हिंसा के जरिए सांप्रदायिक तनाव फैलाना था. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि PFI का एजेंडा वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था.

जांच एजेंसी के मुताबिक, PFI ने अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई विंग और विशेष इकाइयां बनाई थीं. चुनिंदा कैडरों को फिजिकल एजुकेशन और योग प्रशिक्षण की आड़ में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी. NIA का यह भी दावा है कि संगठन की "रिपोर्टर्स विंग" संभावित टारगेट की जानकारी जुटाती थी, जबकि "सर्विस टीम" को हिंसक वारदातों को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी.

अब NIA गिरफ्तार मुहम्मदअली से पूछताछ कर हत्या की साजिश, उसके नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है. एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है.

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