शिवराज सिंह चौहान बने दादा, पोती के कान में बोले गायत्री मंत्र, जाने इससे क्या होता है
Shivraj Singh Chouhan Became grandfather: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर ‘लाडली लक्ष्मी’ आई है. उनके बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत माता-पिता बने हैं. बुधवार को नन्ही परी का जन्म हुआ. शिवराज सिंह चौहान से सोशल मीडिया X पर इसकी वीडियो साझा की है. पोती के कान में दादा शिवराज ने सुनाया गायत्री मंत्र वीडियो में देखा जा सकता है कि, शिवराज सिंह अपनी पोती इला को देखते ही उसके कान में गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) सुनाने लगते हैं. वहीं शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय चौहान भी माला फेर रहे होते हैं, जैसे ही वे अपनी बेटी को देखते हैं हाथ में रखे माला को गले में डाल लेते हैं और पूरा परिवार नन्ही परी की पहली झलक को देखने के लिए लालायित होता है. हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता बन गए। अमानत मां।कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा। कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची।अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा। 2025 में हमारे घर दो बेटियां आई — अमानत और ऋद्धि । 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ। स्वागतम… pic.twitter.com/PY6Wya5a3s — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) January 21, 2026 नवजात शिशु के कान में गायत्री मंत्र पढ़ने से क्या होता है गायत्री मंत्र हिंदू धर्म का शुभ और सकारात्मक मंत्र है. यदि नवजात शिशु के कान में इसे बोला जाए तो इससे उसके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, स्थिरता, एकाग्रता और बुद्धि बढती है. साथ ही इस मंत्र की ध्वनि से वातावरण दिव्य और सुरक्षित बनता है. साथ ही बच्चे का भविष्य उज्जवल और भाग्यशाली भी बनता है. इन बातों का रखें ध्यान गायत्री मंत्र का उच्चारण सही होना चाहिए. मंत्र है- "ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्". गायत्री मंत्र बच्चे के जन्म के तुरंत बाद या फिर सुबह के समय बच्चे के दाहिने कान में बोलना चाहिए. गायत्री मंत्र का उच्चारण धीरे-धीरे तीन या भी सात बार करना चाहिए. नवजात शिशु के कान में गायत्री मंत्र बहुत तेज आवाज में नहीं, बल्कि धीरे और मधुर ध्वनि में बोलना चाहिए. प्राचीन परंपरा के अनुसार, बच्चे मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए यह मंत्र लाभकारी होता है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Shivraj Singh Chouhan Became grandfather: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर ‘लाडली लक्ष्मी’ आई है. उनके बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत माता-पिता बने हैं. बुधवार को नन्ही परी का जन्म हुआ. शिवराज सिंह चौहान से सोशल मीडिया X पर इसकी वीडियो साझा की है.
पोती के कान में दादा शिवराज ने सुनाया गायत्री मंत्र
वीडियो में देखा जा सकता है कि, शिवराज सिंह अपनी पोती इला को देखते ही उसके कान में गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) सुनाने लगते हैं. वहीं शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय चौहान भी माला फेर रहे होते हैं, जैसे ही वे अपनी बेटी को देखते हैं हाथ में रखे माला को गले में डाल लेते हैं और पूरा परिवार नन्ही परी की पहली झलक को देखने के लिए लालायित होता है.
हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है।
कार्तिकेय पिता बन गए।
अमानत मां।
कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा।
कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची।
अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा।
2025 में हमारे घर दो बेटियां आई — अमानत और ऋद्धि । 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ।
स्वागतम… pic.twitter.com/PY6Wya5a3s — Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) January 21, 2026
नवजात शिशु के कान में गायत्री मंत्र पढ़ने से क्या होता है
गायत्री मंत्र हिंदू धर्म का शुभ और सकारात्मक मंत्र है. यदि नवजात शिशु के कान में इसे बोला जाए तो इससे उसके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, स्थिरता, एकाग्रता और बुद्धि बढती है. साथ ही इस मंत्र की ध्वनि से वातावरण दिव्य और सुरक्षित बनता है. साथ ही बच्चे का भविष्य उज्जवल और भाग्यशाली भी बनता है.
इन बातों का रखें ध्यान
- गायत्री मंत्र का उच्चारण सही होना चाहिए. मंत्र है- "ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्".
- गायत्री मंत्र बच्चे के जन्म के तुरंत बाद या फिर सुबह के समय बच्चे के दाहिने कान में बोलना चाहिए.
- गायत्री मंत्र का उच्चारण धीरे-धीरे तीन या भी सात बार करना चाहिए.
- नवजात शिशु के कान में गायत्री मंत्र बहुत तेज आवाज में नहीं, बल्कि धीरे और मधुर ध्वनि में बोलना चाहिए.
- प्राचीन परंपरा के अनुसार, बच्चे मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए यह मंत्र लाभकारी होता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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