वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भरोसा, उथल-पुथल के बावजूद नहीं रुकेगी अर्थव्यवस्था, 6.5% रहेगा ग्रोथ रेट

Nirmala Sitharaman On GDP: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उम्मीद है कि ग्लोबल टेंशन के बावजूद बेहतर घरेलू खपत और निवेश की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और 6.5 फीसदी की ग्रोथ रेट से इकॉनोमी आगे बढ़ेगी. ये जानकारी निर्मला ने पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय मुद्रा एवं वित्तीय समिति (आईएमएफसी) को दी. वित्त मंत्री ने ऐसे समय पर ये दावा किया है जब कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की तरफ से भारत के ग्रोथ रेट में कमी आने का अनुमान लगाया गया है. आईएमएफ की सलाहकार संस्था को दिए एक लिखित बयान में वाशिंगटन में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट की वजह से फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत के अंदर मुद्रास्फिति करीब 4 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है. उन्होंने आगे कहा कि बाहरी मोर्च पर भी सेवाओं के निर्यात में मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है, साथ की क्रूड ऑयल में नरमी स इन्फ्लेशन के लिहाज से अच्छा है. गौरतलब है कि ताजा इकॉनोमिक सर्वे के दौरान अनुमान में ये बताया गाय कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत की जीडीपी 6.3 प्रतिशत से लेकर 6.8 प्रतिशत के बीच रह सकती है. हालांकि, आईएमएफ ने पिछले हफ्ते अपने अनुमान में वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक कमजोरी के चलते फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत के वृद्धि दर को 30 बेसिस प्वाइंट कम करके 6.2 फीसदी कर दिया था. जबकि वर्ल्ड बैंक ने भी भारत में अपने ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस प्वाइंट कम करते हुए 6.3 फीसदी कर दिया था. केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि शुद्ध सेवाओं और धन प्रेषण प्राप्तियों के अधिशेष में बने रहने की उम्मीद है. इसके साथ ही, करेंट फाइनेंशियर ईयर के दौरान व्यापार घाटे की कुछ हद तक आंशिक भरपाई हो जाएगी. निर्मला ने आगे कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 और 2025-26 के लिए चालू खाते का घाटा ​स्थिर स्तर के दायरे में रहने का अनुमान है. सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)  अप्रैल से जनवरी 2024-25 के दौरान  दमदार रहने की उम्मीद है, जिससे भारत की मजबूत वृहद आ​र्थिक बुनियादी बातों का पता चलता है. ये भी पढ़ें: और भी मजबूत होगी इंडियन नेवी, फ्रांस से 26 राफेल-एम फाइटर जेट खरीदेगा भारत; 64000 करोड़ में हुई डील

Apr 29, 2025 - 07:30
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भरोसा, उथल-पुथल के बावजूद नहीं रुकेगी अर्थव्यवस्था, 6.5% रहेगा ग्रोथ रेट

Nirmala Sitharaman On GDP: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उम्मीद है कि ग्लोबल टेंशन के बावजूद बेहतर घरेलू खपत और निवेश की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और 6.5 फीसदी की ग्रोथ रेट से इकॉनोमी आगे बढ़ेगी. ये जानकारी निर्मला ने पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय मुद्रा एवं वित्तीय समिति (आईएमएफसी) को दी. वित्त मंत्री ने ऐसे समय पर ये दावा किया है जब कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की तरफ से भारत के ग्रोथ रेट में कमी आने का अनुमान लगाया गया है.

आईएमएफ की सलाहकार संस्था को दिए एक लिखित बयान में वाशिंगटन में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट की वजह से फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत के अंदर मुद्रास्फिति करीब 4 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है.

उन्होंने आगे कहा कि बाहरी मोर्च पर भी सेवाओं के निर्यात में मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है, साथ की क्रूड ऑयल में नरमी स इन्फ्लेशन के लिहाज से अच्छा है. गौरतलब है कि ताजा इकॉनोमिक सर्वे के दौरान अनुमान में ये बताया गाय कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत की जीडीपी 6.3 प्रतिशत से लेकर 6.8 प्रतिशत के बीच रह सकती है.

हालांकि, आईएमएफ ने पिछले हफ्ते अपने अनुमान में वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक कमजोरी के चलते फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत के वृद्धि दर को 30 बेसिस प्वाइंट कम करके 6.2 फीसदी कर दिया था. जबकि वर्ल्ड बैंक ने भी भारत में अपने ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस प्वाइंट कम करते हुए 6.3 फीसदी कर दिया था.

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि शुद्ध सेवाओं और धन प्रेषण प्राप्तियों के अधिशेष में बने रहने की उम्मीद है. इसके साथ ही, करेंट फाइनेंशियर ईयर के दौरान व्यापार घाटे की कुछ हद तक आंशिक भरपाई हो जाएगी.

निर्मला ने आगे कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 और 2025-26 के लिए चालू खाते का घाटा ​स्थिर स्तर के दायरे में रहने का अनुमान है. सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)  अप्रैल से जनवरी 2024-25 के दौरान  दमदार रहने की उम्मीद है, जिससे भारत की मजबूत वृहद आ​र्थिक बुनियादी बातों का पता चलता है.

ये भी पढ़ें: और भी मजबूत होगी इंडियन नेवी, फ्रांस से 26 राफेल-एम फाइटर जेट खरीदेगा भारत; 64000 करोड़ में हुई डील

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