यूके में पढ़ाई होगी महंगी? स्टूडेंट वीजा के लिए बढ़ी फंड की डिमांड
यूके जाकर पढ़ाई करने की तैयारी करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक जरूरी बदलाव से जुड़ा अपडेट आया है. दरअसल 30 नवंबर 2026 से यूके के स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम का इंतजाम दिखाना होगा. यूके होम ऑफिस में 3 सितंबर 2026 को इमीग्रेशन रूल में बदलाव किए हैं, जिसके तहत छात्रों के लिए जरूरी मेंटेनेंस फंड बढ़ाए जाएंगे. इस बदलाव का असर उन छात्रों पर भी पड़ेगा, जो यूके में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करेंगे. हालांकि यह रकम छात्रों को यूके सरकार को जमा नहीं करनी होगी, उन्हें यह साबित करना होगा कि पढ़ाई के दौरान अपने रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा उपलब्ध है. यह राशि ट्यूशन फीस से अलग होगी. लंदन में पढ़ाई के लिए कितनी रकम दिखानी होगी? नए नियम लागू होने के बाद लंदन में पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर महीने 1,570 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 2.01 लाख रुपये का मेंटेनेंस फंड दिखाना होगा. अभी यह रकम 1,529 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 1.95 लाख रुपये है. वहीं छात्रों को अधिकतम 9 महीने की रहने का खर्च दिखाना होता है. ऐसे में लंदन के लिए अधिकतम राशि 14,130 ब्रिटिश डॉलर है, जो भारतीय रुपये में 18.06 लाख रुपये के बराबर हो जाएगी. अभी 9 महीने के लिए यह रकम 13,761 ब्रिटिश पाउंड है. लंदन के बाहर पढ़ाई करने वालों के लिए भी बढ़ी रकम यूके के लंदन के बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट बढ़ाई गई है. अभी हर महीने 1,171 ब्रिटिश पाउंड की राशि दिखानी होती है, जो 30 नवंबर से बढ़कर 1,203 ब्रिटिश पाउंड हो जाएगी. 9 महीने के हिसाब से अधिकतम रकम 10,827 ब्रिटिश पाउंड होगी. मौजूदा नियमों में यह राशि 10,539 ब्रिटिश पाउंड है. यानी 9 महीने के लिए 288 ब्रिटिश पाउंड की बढ़ोतरी होगी. ये भी पढ़ें-UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती, 28 सितंबर तक करें आवेदन ट्यूशन फीस से अलग होगा यह फंड स्टूडेंट वीजा के तहत मेंटेनेंस फंड का उद्देश्य यह दिखाना है कि छात्र यूके में रहते हुए अपना खर्च उठा सकता है. यह रकम ट्यूशन फीस, वीजा फीस और इमीग्रेशन हेल्थ चार्ट से अलग होगी. छात्रों को आमतौर पर अपने कोर्स की अवधि के हिसाब से रहने का खर्च दिखाना होता है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 9 महीने है. अगर कोई कोर्स 9 महीने से कम का है, तो संबंधित अवधि के लिए रकम दिखानी होगी. कुछ मामलों में कंफर्मेशन और एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज में बकाया ट्यूशन फीस के लिए भी राशि दिखानी पड़ सकती है. 30 नवंबर की तारीख है जरूरी नए और पुराने नियमों के बीच तारीख का अंतर जरूरी है. 30 नवंबर 2026 को पहले जमा किए गए आवेदन 29 नवंबर को लागू इमीग्रेशन रूल के तहत देखे जाएंगे. वहीं 30 नवंबर या उसके बाद किए गए आवेदन पर नए मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट लागू होगी. यूके होम ऑफिस के अनुसार यह बढ़ोतरी 2026-27 के लिए यूके के घरेलू छात्रों को उपलब्ध मेंटेनेंस लोन के स्तर के अनुरूप की गई है. इस राशि की सालाना समीक्षा डिपार्टमेंट फॉर एजुकेशन करता है. होम ऑफिस ने कहा कि यह वार्षिक बढ़ोतरी पहले ही तय किए गए उन उपायों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य स्टूडेंट रूट के दुरुपयोग से निपटना है. ये भी पढ़ें-कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट... किसकी सैलरी ज्यादा, जानें कमाई?
यूके जाकर पढ़ाई करने की तैयारी करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक जरूरी बदलाव से जुड़ा अपडेट आया है. दरअसल 30 नवंबर 2026 से यूके के स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम का इंतजाम दिखाना होगा. यूके होम ऑफिस में 3 सितंबर 2026 को इमीग्रेशन रूल में बदलाव किए हैं, जिसके तहत छात्रों के लिए जरूरी मेंटेनेंस फंड बढ़ाए जाएंगे.
इस बदलाव का असर उन छात्रों पर भी पड़ेगा, जो यूके में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करेंगे. हालांकि यह रकम छात्रों को यूके सरकार को जमा नहीं करनी होगी, उन्हें यह साबित करना होगा कि पढ़ाई के दौरान अपने रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा उपलब्ध है. यह राशि ट्यूशन फीस से अलग होगी.
लंदन में पढ़ाई के लिए कितनी रकम दिखानी होगी?
नए नियम लागू होने के बाद लंदन में पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर महीने 1,570 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 2.01 लाख रुपये का मेंटेनेंस फंड दिखाना होगा. अभी यह रकम 1,529 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 1.95 लाख रुपये है. वहीं छात्रों को अधिकतम 9 महीने की रहने का खर्च दिखाना होता है. ऐसे में लंदन के लिए अधिकतम राशि 14,130 ब्रिटिश डॉलर है, जो भारतीय रुपये में 18.06 लाख रुपये के बराबर हो जाएगी. अभी 9 महीने के लिए यह रकम 13,761 ब्रिटिश पाउंड है.
लंदन के बाहर पढ़ाई करने वालों के लिए भी बढ़ी रकम
यूके के लंदन के बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट बढ़ाई गई है. अभी हर महीने 1,171 ब्रिटिश पाउंड की राशि दिखानी होती है, जो 30 नवंबर से बढ़कर 1,203 ब्रिटिश पाउंड हो जाएगी. 9 महीने के हिसाब से अधिकतम रकम 10,827 ब्रिटिश पाउंड होगी. मौजूदा नियमों में यह राशि 10,539 ब्रिटिश पाउंड है. यानी 9 महीने के लिए 288 ब्रिटिश पाउंड की बढ़ोतरी होगी.
ये भी पढ़ें-UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती, 28 सितंबर तक करें आवेदन
ट्यूशन फीस से अलग होगा यह फंड
स्टूडेंट वीजा के तहत मेंटेनेंस फंड का उद्देश्य यह दिखाना है कि छात्र यूके में रहते हुए अपना खर्च उठा सकता है. यह रकम ट्यूशन फीस, वीजा फीस और इमीग्रेशन हेल्थ चार्ट से अलग होगी. छात्रों को आमतौर पर अपने कोर्स की अवधि के हिसाब से रहने का खर्च दिखाना होता है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 9 महीने है. अगर कोई कोर्स 9 महीने से कम का है, तो संबंधित अवधि के लिए रकम दिखानी होगी. कुछ मामलों में कंफर्मेशन और एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज में बकाया ट्यूशन फीस के लिए भी राशि दिखानी पड़ सकती है.
30 नवंबर की तारीख है जरूरी
नए और पुराने नियमों के बीच तारीख का अंतर जरूरी है. 30 नवंबर 2026 को पहले जमा किए गए आवेदन 29 नवंबर को लागू इमीग्रेशन रूल के तहत देखे जाएंगे. वहीं 30 नवंबर या उसके बाद किए गए आवेदन पर नए मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट लागू होगी. यूके होम ऑफिस के अनुसार यह बढ़ोतरी 2026-27 के लिए यूके के घरेलू छात्रों को उपलब्ध मेंटेनेंस लोन के स्तर के अनुरूप की गई है. इस राशि की सालाना समीक्षा डिपार्टमेंट फॉर एजुकेशन करता है. होम ऑफिस ने कहा कि यह वार्षिक बढ़ोतरी पहले ही तय किए गए उन उपायों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य स्टूडेंट रूट के दुरुपयोग से निपटना है.
ये भी पढ़ें-कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट... किसकी सैलरी ज्यादा, जानें कमाई?
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