यासीन मलिक ने ही भारतीय वायुसेना के जवानों पर चलाई थीं गोलियां, टाडा कोर्ट में चश्मदीदों ने की पहचान

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पूर्व अलगाववादी नेता यासीन मलिक को श्रीनगर में 1990 में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों की हत्या मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है. जम्मू की टाडा (TADA) कोर्ट में केस से जुड़े दो महत्वपूर्ण गवाहों ने अपनी गवाही दी और यासीन मलिक की मुख्य हमलावर के रूप में पहचान की. दरअसल, 1990 में जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हुए हमले में भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या की गई थी और 22 अन्य लोग घायल हुए थे. जम्मू की टाडा कोर्ट में शनिवार (22 नवंबर, 2025) को दोनों गवाहों ने मलिक और उसके तीन अन्य साथियों की पहचान की है. गवाहों ने कोर्ट को बताया कि यासीन मलिक ही वह शख्स था, जिसने वायुसेना के जवानों पर गोलियां चलाईं थी. एक गवाह ने कोर्ट में कहा, ‘आपकी दाढ़ी की शैली को छोड़ दें, तो आप में ज्यादा बदलाव नहीं आया है. आपको मुख्य हमलावर के रूप में पहचानने में मुझे कोई कठिनाई नहीं हुई.’ यासीन मलिक के साथ तीन अन्य की भी हुई पहचान कोर्ट में गवाहों ने यासीन मलिक के अलावा तीन अन्य लोगों की भी पहचान की, जिसमें शौकत बख्शी, नाना जी और जावेद मीर शामिल था. यह तीनों आरोपी भी सननत नगर में फायरिंग में शामिल थे. एक गवाह ने दहशतभरी उस घटना को याद करते हुए कोर्ट में बताया कि नाना जी ने उस पर AK राइफल तान दी थी और गोली चलाने ही वाला था. 29 नवंबर को होगी मामले में अगली सुनवाई जम्मू की टाडा कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाही देने वाला एक चश्मदीद भारतीय वायुसेना के स्टाफर था, जबकि एक अन्य चश्मदीद भी शामिल था. कोर्ट में आरोपियों की पहचान के बाद अब मामले की अगली सुनवाई शनिवार (29 नवंबर, 2025) को होगी. शहीद वायु योद्धाओं के परिवारों ने दशकों तक किया न्याय का इंतजार- मालवीय टाडा कोर्ट के फैसला के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘1990 के IAF जवानों के हत्या मामले में बड़ी सफलता मिली है. दोनों गवाहों ने JKLF प्रमुख और आतंकवादी यासीन मलिक को भारतीय वायुसेना के जवानों पर गोली चलाने वाला मुख्य शूटर बताया है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे वायु योद्धाओं के परिवारों ने दशकों तक न्याय का इंतजार किया है. चश्मदीदों की गवाही ने मामले को और मजबूत कर दिया है और देश को अपराधियों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराने के एक कदम और नजदीक ला दिया है.’ उन्होंने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन इसे किसी तरह से नकारा नहीं जा सकता है. यह भी पढ़ेंः Maulana Umer Ahmed Ilyasi: पाकिस्तान के इमाम को भारत के मौलाना उमेर अहमद इलियासी ने भेजा फतवा, जानें क्या है मामला

Nov 23, 2025 - 19:30
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यासीन मलिक ने ही भारतीय वायुसेना के जवानों पर चलाई थीं गोलियां, टाडा कोर्ट में चश्मदीदों ने की पहचान

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पूर्व अलगाववादी नेता यासीन मलिक को श्रीनगर में 1990 में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों की हत्या मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है. जम्मू की टाडा (TADA) कोर्ट में केस से जुड़े दो महत्वपूर्ण गवाहों ने अपनी गवाही दी और यासीन मलिक की मुख्य हमलावर के रूप में पहचान की. दरअसल, 1990 में जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हुए हमले में भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या की गई थी और 22 अन्य लोग घायल हुए थे.

जम्मू की टाडा कोर्ट में शनिवार (22 नवंबर, 2025) को दोनों गवाहों ने मलिक और उसके तीन अन्य साथियों की पहचान की है. गवाहों ने कोर्ट को बताया कि यासीन मलिक ही वह शख्स था, जिसने वायुसेना के जवानों पर गोलियां चलाईं थी. एक गवाह ने कोर्ट में कहा, ‘आपकी दाढ़ी की शैली को छोड़ दें, तो आप में ज्यादा बदलाव नहीं आया है. आपको मुख्य हमलावर के रूप में पहचानने में मुझे कोई कठिनाई नहीं हुई.’

यासीन मलिक के साथ तीन अन्य की भी हुई पहचान

कोर्ट में गवाहों ने यासीन मलिक के अलावा तीन अन्य लोगों की भी पहचान की, जिसमें शौकत बख्शी, नाना जी और जावेद मीर शामिल था. यह तीनों आरोपी भी सननत नगर में फायरिंग में शामिल थे. एक गवाह ने दहशतभरी उस घटना को याद करते हुए कोर्ट में बताया कि नाना जी ने उस पर AK राइफल तान दी थी और गोली चलाने ही वाला था.

29 नवंबर को होगी मामले में अगली सुनवाई

जम्मू की टाडा कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाही देने वाला एक चश्मदीद भारतीय वायुसेना के स्टाफर था, जबकि एक अन्य चश्मदीद भी शामिल था. कोर्ट में आरोपियों की पहचान के बाद अब मामले की अगली सुनवाई शनिवार (29 नवंबर, 2025) को होगी.

शहीद वायु योद्धाओं के परिवारों ने दशकों तक किया न्याय का इंतजार- मालवीय

टाडा कोर्ट के फैसला के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘1990 के IAF जवानों के हत्या मामले में बड़ी सफलता मिली है. दोनों गवाहों ने JKLF प्रमुख और आतंकवादी यासीन मलिक को भारतीय वायुसेना के जवानों पर गोली चलाने वाला मुख्य शूटर बताया है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे वायु योद्धाओं के परिवारों ने दशकों तक न्याय का इंतजार किया है. चश्मदीदों की गवाही ने मामले को और मजबूत कर दिया है और देश को अपराधियों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराने के एक कदम और नजदीक ला दिया है.’ उन्होंने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन इसे किसी तरह से नकारा नहीं जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः Maulana Umer Ahmed Ilyasi: पाकिस्तान के इमाम को भारत के मौलाना उमेर अहमद इलियासी ने भेजा फतवा, जानें क्या है मामला

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