मोहम्मद दीपक की जिम की सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट्स ने ली मेंबरशिप, कर दिया एक और बड़ा वादा

उत्तराखंड के दीपक कुमार के प्रति सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने एकजुटता दिखाई है और 10 हजार रुपये देकर उनके जिम की सदस्यता ली है. सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है. यह वही दीपक कुमार है, जो अपना नाम मोहम्मद दीपक बताने के बाद चर्चा में आया था. कोटद्वार में दीपक कुमार का ‘हल्क’ जिम है, जिसमें कभी 150 से ज्यादा लोग जिम करने आते थे, लेकिन इस विवाद के बाद जिम में सदस्यों की संख्या कम हो गई है. एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद अब उनका जिम लगभग खाली हो गया है अब कुछ नियमित सदस्य ही यहां जिम के लिए आते हैं.  नाम न छापने की शर्त पर एक वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 सीनियर एडवोकेट्स ने 10,000 रुपये का शुल्क चुकाकर एक साल के लिए जिम की मेंबरशिप ली है. वकील ने कहा कि मूल योगदानकर्ता के नाम वाला सदस्यता कार्ड जिम को लेकर उत्साही उन स्थानीय लोगों को प्रदान किया जाएगा जो शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ हैं. वकील ने कहा कि दीपक को कुछ अन्य जजों की ओर से भी नि:शुल्क कानूनी पैरवी की पेशकश की गई है. एक वकील ने कहा, 'कानूनी समुदाय दीपक के साथ एकजुटता व्यक्त करता है.' जिम के मालिक दीपक कुमार ने विवाद को लेकर न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया था  कि बाबा नामक कपड़ों की दुकान के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं का सामना करने और खुद को मोहम्मद दीपक बताने के बाद उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया. उन्होंने कहा कि घटना को लेकर जारी तनाव के कारण उनका रोजगार इस विवाद की भेंट चढ़ गया. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को कोटद्वार में पटेल मार्ग पर बाबा नामक कपड़े की दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इसके 70 वर्षीय मालिक वकील अहमद पर दुकान का नाम बदलने का दबाव डाला. विरोध के दौरान, बजरंग दल के सदस्यों, वकील अहमद और उनके बेटे के दोस्त दीपक कुमार के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दीपक कुमार ने खुद को मोहम्मद दीपक बताते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया.

Feb 13, 2026 - 12:30
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मोहम्मद दीपक की जिम की सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट्स ने ली मेंबरशिप, कर दिया एक और बड़ा वादा

उत्तराखंड के दीपक कुमार के प्रति सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने एकजुटता दिखाई है और 10 हजार रुपये देकर उनके जिम की सदस्यता ली है. सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है. यह वही दीपक कुमार है, जो अपना नाम मोहम्मद दीपक बताने के बाद चर्चा में आया था.

कोटद्वार में दीपक कुमार का ‘हल्क’ जिम है, जिसमें कभी 150 से ज्यादा लोग जिम करने आते थे, लेकिन इस विवाद के बाद जिम में सदस्यों की संख्या कम हो गई है. एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद अब उनका जिम लगभग खाली हो गया है अब कुछ नियमित सदस्य ही यहां जिम के लिए आते हैं. 

नाम न छापने की शर्त पर एक वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 सीनियर एडवोकेट्स ने 10,000 रुपये का शुल्क चुकाकर एक साल के लिए जिम की मेंबरशिप ली है. वकील ने कहा कि मूल योगदानकर्ता के नाम वाला सदस्यता कार्ड जिम को लेकर उत्साही उन स्थानीय लोगों को प्रदान किया जाएगा जो शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ हैं.

वकील ने कहा कि दीपक को कुछ अन्य जजों की ओर से भी नि:शुल्क कानूनी पैरवी की पेशकश की गई है. एक वकील ने कहा, 'कानूनी समुदाय दीपक के साथ एकजुटता व्यक्त करता है.'

जिम के मालिक दीपक कुमार ने विवाद को लेकर न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया था  कि बाबा नामक कपड़ों की दुकान के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं का सामना करने और खुद को मोहम्मद दीपक बताने के बाद उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया.

उन्होंने कहा कि घटना को लेकर जारी तनाव के कारण उनका रोजगार इस विवाद की भेंट चढ़ गया. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को कोटद्वार में पटेल मार्ग पर बाबा नामक कपड़े की दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इसके 70 वर्षीय मालिक वकील अहमद पर दुकान का नाम बदलने का दबाव डाला.

विरोध के दौरान, बजरंग दल के सदस्यों, वकील अहमद और उनके बेटे के दोस्त दीपक कुमार के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दीपक कुमार ने खुद को मोहम्मद दीपक बताते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया.

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