तेलंगाना में नतीजों से पहले कांग्रेस की 'कैंप पॉलिटिक्स', 7 निगमों और 116 नगर पालिकाओं में काउंटिंग जारी

तेलंगाना में आज (शुक्रवार) सुबह 8 बजे से 7 निगमों और 116 नगर पालिकाओं के लिए मतदान की गिनती शुरू हो गई है, लेकिन नतीजों के ऐलान से पहले ही सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा 'कैंप राजनीति' (Camp Politics) की शुरुआत कर दिया जाना सबसे हैरान करने वाली खबर है. चुनाव आयोग ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी काउंटिंग सेंटरों पर धारा 144 लागू कर दी है, ताकि शांति बनी रहे. कितने राउंड होगी काउंटिंगकाउंटिंग की प्रक्रिया की शुरुआत पोस्टल बैलेट पेपर्स की गिनती से हुई. इसके बाद ईवीएम मशीनों की गिनती शुरू की गई. राज्य के चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, हर मजरा (ward) के लिए 14 से 22 राउंड तक की काउंटिंग होगी, जिसके बाद दोपहर तक स्थिति साफ होने की उम्मीद है. ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस को इस बात का डर है कि कहीं विपक्षी दल, खासकर बीआरएस (BRS) या बीजेपी, उनके नेताओं को अपनी ओर आकर्षित न कर लें.  बीआरएस के शासन में भी था कैंप कल्चरयह 'कैंप कल्चर' तेलंगाना की राजनीति का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है. पहले बीआरएस के शासनकाल में भी ऐसा ही देखने को मिला था और अब सत्ता बदलने के बाद कांग्रेस भी इसी राह पर चल रही है. यह कदम उस अविश्वास को दर्शाता है जो पार्टी को अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं पर है. पिछले कुछ वक्त में तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर काफी उबाल रहा है.  विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद ये पहले बड़े स्थानीय चुनाव हैं, जिन्हें दोनों पार्टियां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 'प्रेस्टीज इश्यू' मान रही हैं. विपक्षी दल इस 'कैंप राजनीति' पर कांग्रेस को घेरने का मौका तलाश रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी में अंदरूनी कलह और डर का माहौल है. फिलहाल, सुरक्षा बलों ने पूरे राज्य में कड़ी निगरानी बना रखी है. अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि काउंटिंग के दौरान कोई भी अवांछित तत्व या उकसावे वाली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगले कुछ घंटों में जब नतीजे सामने आएंगे, तो यह तय होगा कि क्या कांग्रेस की यह 'कैंप स्ट्रेटजी' उसे कामयाबी दिला पाती है, या विपक्ष को राजनीतिक रोटी सेकने का मौका मिलता है. ये भी पढ़ें रेरा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- ' आम लोगों को फायदा नहीं, सिर्फ डिफॉल्टर बिल्डरों की...'

Feb 13, 2026 - 12:30
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तेलंगाना में नतीजों से पहले कांग्रेस की 'कैंप पॉलिटिक्स', 7 निगमों और 116 नगर पालिकाओं में काउंटिंग जारी

तेलंगाना में आज (शुक्रवार) सुबह 8 बजे से 7 निगमों और 116 नगर पालिकाओं के लिए मतदान की गिनती शुरू हो गई है, लेकिन नतीजों के ऐलान से पहले ही सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा 'कैंप राजनीति' (Camp Politics) की शुरुआत कर दिया जाना सबसे हैरान करने वाली खबर है. चुनाव आयोग ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी काउंटिंग सेंटरों पर धारा 144 लागू कर दी है, ताकि शांति बनी रहे.

कितने राउंड होगी काउंटिंग
काउंटिंग की प्रक्रिया की शुरुआत पोस्टल बैलेट पेपर्स की गिनती से हुई. इसके बाद ईवीएम मशीनों की गिनती शुरू की गई. राज्य के चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, हर मजरा (ward) के लिए 14 से 22 राउंड तक की काउंटिंग होगी, जिसके बाद दोपहर तक स्थिति साफ होने की उम्मीद है. ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस को इस बात का डर है कि कहीं विपक्षी दल, खासकर बीआरएस (BRS) या बीजेपी, उनके नेताओं को अपनी ओर आकर्षित न कर लें. 

बीआरएस के शासन में भी था कैंप कल्चर
यह 'कैंप कल्चर' तेलंगाना की राजनीति का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है. पहले बीआरएस के शासनकाल में भी ऐसा ही देखने को मिला था और अब सत्ता बदलने के बाद कांग्रेस भी इसी राह पर चल रही है. यह कदम उस अविश्वास को दर्शाता है जो पार्टी को अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं पर है. पिछले कुछ वक्त में तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर काफी उबाल रहा है. 

विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद ये पहले बड़े स्थानीय चुनाव हैं, जिन्हें दोनों पार्टियां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 'प्रेस्टीज इश्यू' मान रही हैं. विपक्षी दल इस 'कैंप राजनीति' पर कांग्रेस को घेरने का मौका तलाश रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी में अंदरूनी कलह और डर का माहौल है.

फिलहाल, सुरक्षा बलों ने पूरे राज्य में कड़ी निगरानी बना रखी है. अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि काउंटिंग के दौरान कोई भी अवांछित तत्व या उकसावे वाली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगले कुछ घंटों में जब नतीजे सामने आएंगे, तो यह तय होगा कि क्या कांग्रेस की यह 'कैंप स्ट्रेटजी' उसे कामयाबी दिला पाती है, या विपक्ष को राजनीतिक रोटी सेकने का मौका मिलता है.

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