मोबाइल फोन, गवाह और भाषण की स्क्रिप्ट... कर्नल सोफिया पर बयान देने वाले विजय शाह के खिलाफ जांच में SIT की रिपोर्ट में क्या?

कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई के लिए टाल दी है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था, जिस पर बुधवार (28 मई, 2025) को कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट को बताया गया कि मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए जो तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बनाई थी, उसने रिपोर्ट सब्मिट कर दी है.  राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि एसआईटी बन गई है, जांच चल रही है. डीआईजी ने स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें स्टेटस रिपोर्ट मिली है. 21 मई को एसआईटी ने जांच की. एसआईटी घटनास्थल पर गई. कुछ सामग्री जमा की गई, एक मोबाइल जब्त किया गया, गवाहों के बयान लिए गए. कुछ और समय मांगा गया है. कोर्ट ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है, रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है.  SIT ने सब्मिट की रिपोर्टकोर्ट ने कहा, 'हम समय दे रहे हैं. अंतरिम आदेश जारी रहेगा. एसआईटी स्टेटस रिपोर्ट दे.' सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी चल रहा है इसलिए दोनों कोर्ट की कार्यवाही साथ नहीं चल सकती है. कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट की कार्यवाही पूरी हो जाए, उसके बाद जुलाई में मामले को सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा.  जुलाई में होगी विजय शाह मामले की सुनवाईकोर्ट जुलाई के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा. मामले में दखल देने की कोशिश कर रहे कुछ याचिकाकर्ताओं से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप दूसरे कानूनी विकल्प अपनाएं. सीधे इस कार्रवाई में दखल नहीं दे सकते. कोर्ट ने 19 मई को विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी के गठन का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी के तीनों आईपीएस अधिकारी भले ही मध्य प्रदेश कैडर के होंगे, लेकिन वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले न हों. जांच टीम का नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी करें और टीम में एक महिला अधिकारी भी हों. SIT में कौन-कौन?कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी 28 मई को पहली स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट करे. मध्य प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ने सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा की अगुवाई में तीन सदस्यों की एसआईटी का गठन किया था. उनके अलावा उप महानिरीक्षक कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह भी एसआईटी में शामिल हैं.     यह भी पढ़ें:-       (निपुण सहगल की रिपोर्ट)

May 28, 2025 - 14:30
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मोबाइल फोन, गवाह और भाषण की स्क्रिप्ट... कर्नल सोफिया पर बयान देने वाले विजय शाह के खिलाफ जांच में SIT की रिपोर्ट में क्या?

कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई के लिए टाल दी है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था, जिस पर बुधवार (28 मई, 2025) को कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट को बताया गया कि मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए जो तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बनाई थी, उसने रिपोर्ट सब्मिट कर दी है. 

राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि एसआईटी बन गई है, जांच चल रही है. डीआईजी ने स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें स्टेटस रिपोर्ट मिली है. 21 मई को एसआईटी ने जांच की. एसआईटी घटनास्थल पर गई. कुछ सामग्री जमा की गई, एक मोबाइल जब्त किया गया, गवाहों के बयान लिए गए. कुछ और समय मांगा गया है. कोर्ट ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है, रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है. 

SIT ने सब्मिट की रिपोर्ट
कोर्ट ने कहा, 'हम समय दे रहे हैं. अंतरिम आदेश जारी रहेगा. एसआईटी स्टेटस रिपोर्ट दे.' सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी चल रहा है इसलिए दोनों कोर्ट की कार्यवाही साथ नहीं चल सकती है. कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट की कार्यवाही पूरी हो जाए, उसके बाद जुलाई में मामले को सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा. 

जुलाई में होगी विजय शाह मामले की सुनवाई
कोर्ट जुलाई के तीसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा. मामले में दखल देने की कोशिश कर रहे कुछ याचिकाकर्ताओं से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप दूसरे कानूनी विकल्प अपनाएं. सीधे इस कार्रवाई में दखल नहीं दे सकते. कोर्ट ने 19 मई को विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी के गठन का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी के तीनों आईपीएस अधिकारी भले ही मध्य प्रदेश कैडर के होंगे, लेकिन वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले न हों. जांच टीम का नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी करें और टीम में एक महिला अधिकारी भी हों.

SIT में कौन-कौन?
कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी 28 मई को पहली स्टेटस रिपोर्ट सब्मिट करे. मध्य प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ने सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा की अगुवाई में तीन सदस्यों की एसआईटी का गठन किया था. उनके अलावा उप महानिरीक्षक कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह भी एसआईटी में शामिल हैं.

 

 

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(निपुण सहगल की रिपोर्ट)

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