मुंबई में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क, खर्च होंगे 6066 करोड़, क्या-क्या होगा खास?

Mumbai Water Metro Project: अगर आप भी मुंबई के रहने वाले है, तोयह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल मुंबई और उसके आसपास के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक खास योजना की तैयारी कर रही है. सरकार दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार करेगी, जिसकी लागत करीब 6,066 करोड़ रुपये है. इसका खास मकसद सड़कों और रेलवे पर बढ़ते दबाव को कम करना है. इसके साथ ही यात्रा को तेज बनाने और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर लंबा जलमार्ग नेटवर्क बनाया किया जाएगा. इसके अलावा इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएगी और सिंधुदुर्ग में आधुनिक बोट बनाने का केंद्र भी स्थापित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत आने वाले सालों में करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. क्या-क्या होगा खास? 6,066 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना विकसित की जाएगी. 340 किलोमीटर लंबा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार होगा. कुल 33 जलमार्ग और 44 आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगे. यात्रियों के लिए 203 इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएंगी. पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क होगा. Mutual Fund SIP: 1 साल में 83% तक का मुनाफा! विदेशी बाजारों में छप्परफाड़ रिटर्न, इन देशों में भारतीय निवेशकों की चमकी किस्मत 2031 तक करोड़ों यात्रियों को मिलेगा फायदा महाराष्ट्र का मकसद है कि साल 2031 तक करीब 7.5 करोड़ यात्रियों को इस सेवा का फायदा मिल सकें. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, मुंबई की ट्रैफिक परेशानी का हल सिर्फ सड़क और रेल नेटवर्क बढ़ाने से मुमकिन नहीं है. यही वजह है कि परिवहन को भी शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. इसके अलावा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में पॉड टैक्सी सेवा भी शुरू करने की उम्मीद है. कहां बनेगा आधुनिक बोट निर्माण केंद्र? मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड और ज़ोया मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता किया गया है. जिसके तहत सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी तालुका में करीब 22 एकड़ जमीन पर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बोट निर्माण केंद्र बनाया जाएगा. यहां वॉटर मेट्रो के लिए इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल नौकाएं तैयार की जाएंगी. 40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया 'विजन 2030', 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?

Jul 11, 2026 - 21:30
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मुंबई में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क, खर्च होंगे 6066 करोड़, क्या-क्या होगा खास?

Mumbai Water Metro Project: अगर आप भी मुंबई के रहने वाले है, तोयह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल मुंबई और उसके आसपास के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक खास योजना की तैयारी कर रही है. सरकार दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार करेगी, जिसकी लागत करीब 6,066 करोड़ रुपये है. इसका खास मकसद सड़कों और रेलवे पर बढ़ते दबाव को कम करना है. इसके साथ ही यात्रा को तेज बनाने और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है.

इस योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर लंबा जलमार्ग नेटवर्क बनाया किया जाएगा. इसके अलावा इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएगी और सिंधुदुर्ग में आधुनिक बोट बनाने का केंद्र भी स्थापित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत आने वाले सालों में करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.

क्या-क्या होगा खास?

  • 6,066 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना विकसित की जाएगी.
  • 340 किलोमीटर लंबा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार होगा.
  • कुल 33 जलमार्ग और 44 आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगे.
  • यात्रियों के लिए 203 इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएंगी.
  • पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क होगा.

Mutual Fund SIP: 1 साल में 83% तक का मुनाफा! विदेशी बाजारों में छप्परफाड़ रिटर्न, इन देशों में भारतीय निवेशकों की चमकी किस्मत

2031 तक करोड़ों यात्रियों को मिलेगा फायदा

महाराष्ट्र का मकसद है कि साल 2031 तक करीब 7.5 करोड़ यात्रियों को इस सेवा का फायदा मिल सकें. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, मुंबई की ट्रैफिक परेशानी का हल सिर्फ सड़क और रेल नेटवर्क बढ़ाने से मुमकिन नहीं है. यही वजह है कि परिवहन को भी शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. इसके अलावा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में पॉड टैक्सी सेवा भी शुरू करने की उम्मीद है.

कहां बनेगा आधुनिक बोट निर्माण केंद्र?

मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड और ज़ोया मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता किया गया है. जिसके तहत सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी तालुका में करीब 22 एकड़ जमीन पर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बोट निर्माण केंद्र बनाया जाएगा. यहां वॉटर मेट्रो के लिए इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल नौकाएं तैयार की जाएंगी.

40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया 'विजन 2030', 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?

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