मिसाल: पूर्व कांस्टेबल ने पास किया UPSC का एग्जाम, हासिल की 350वीं रैंक, रेलवे में भी हुआ था चयन

UPSC Exam News: यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए लोग अपनी जी जान लगा देते है, क्योंकि यूपीएससी सबसे ज्यादा कठिन परीक्षा मानी जाती है, जिसे पास करना बिल्कुल भी आसान नहीं है. आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के वोल्लापालेम गांव के निवासी पूर्व पुलिस कांस्टेबल एम. उदय कृष्ण रेड्डी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 350वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त कर मिसाल कायम की है. कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त हो सकता है- सीएम राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट के माध्यम से रेड्डी की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता साबित करती है कि संकल्प और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जो मेहनत करता है, भविष्य उनका ही है. रेड्डी ने साल 2013 में मात्र 19 साल की उम्र में कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति पाई थी. माता-पिता के निधन के बाद उनकी दादी रामणम्मा और मामा कोटी रेड्डी ने उनकी परवरिश की. उदय कृष्ण रेड्डी ने यह कहा कि वो हमेशा से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करना चाहते थे. उनका बचपन से ही सपना था कि वो ये परीक्षा के लिए तैयारी करें. लेकिन मां पिता के नहीं होने से उन्हें पहले नौकरी करनी पड़ी थी. 2023 में रेलवे प्रबंधन में हुआ था चयन यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी. साल 2019 में पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन चयन से चूक गए. कोरोना के कारण साल 2020 की तैयारी बाधित हुई. उन्होंने कहा, 'साल 2021 और 2022 में प्रारंभिक परीक्षा में ही मेरा चयन नहीं हो सका था.' साल 2023 में 780वीं रैंक प्राप्त कर रेलवे प्रबंधन सेवा में चयन हुआ. इसके बाद एक बार फिर प्रयास कर 350वीं रैंक हासिल की. यह भी पढ़ें - काम की खबर: इस राज्य में बंद हो जाएंगी ओला-उबर और रैपिडो बाइक सर्विस! जानिए पूरा मामला क्या है

Apr 30, 2025 - 13:30
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मिसाल: पूर्व कांस्टेबल ने पास किया UPSC का एग्जाम, हासिल की 350वीं रैंक, रेलवे में भी हुआ था चयन

UPSC Exam News: यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए लोग अपनी जी जान लगा देते है, क्योंकि यूपीएससी सबसे ज्यादा कठिन परीक्षा मानी जाती है, जिसे पास करना बिल्कुल भी आसान नहीं है. आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के वोल्लापालेम गांव के निवासी पूर्व पुलिस कांस्टेबल एम. उदय कृष्ण रेड्डी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 350वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त कर मिसाल कायम की है.

कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त हो सकता है- सीएम

राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट के माध्यम से रेड्डी की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता साबित करती है कि संकल्प और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जो मेहनत करता है, भविष्य उनका ही है.

रेड्डी ने साल 2013 में मात्र 19 साल की उम्र में कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति पाई थी. माता-पिता के निधन के बाद उनकी दादी रामणम्मा और मामा कोटी रेड्डी ने उनकी परवरिश की. उदय कृष्ण रेड्डी ने यह कहा कि वो हमेशा से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करना चाहते थे. उनका बचपन से ही सपना था कि वो ये परीक्षा के लिए तैयारी करें. लेकिन मां पिता के नहीं होने से उन्हें पहले नौकरी करनी पड़ी थी.

2023 में रेलवे प्रबंधन में हुआ था चयन

यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी. साल 2019 में पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन चयन से चूक गए. कोरोना के कारण साल 2020 की तैयारी बाधित हुई. उन्होंने कहा, 'साल 2021 और 2022 में प्रारंभिक परीक्षा में ही मेरा चयन नहीं हो सका था.' साल 2023 में 780वीं रैंक प्राप्त कर रेलवे प्रबंधन सेवा में चयन हुआ. इसके बाद एक बार फिर प्रयास कर 350वीं रैंक हासिल की.

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