मिलावट वाले भुने चने खा रहे हैं तो हो जाएं सावधान, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा 

सर्दियों में ज्यादातर लोगों को भुने चने खाना पसंद होता है. लेकिन हाल ही में हुए एक खुलासे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली के कई बाजारों में मिलने वाले भुने चनों में औरामाइन ओ नामक खतरनाक इंडस्ट्रियल डाई की मिलावट की पुष्टि हुई है. यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल कपड़ों और लेदर को रंगने के लिए किया जाता है. खाने में इसका उपयोग सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. लाजपत नगर सहित कई बिजी मार्केट से लिए गए नमूनों में इसकी मौजूदगी पाई गई. शुरुआती जांच में 40 फीसदी नमूनों में औरामाइन ओ मिला, जिसके बाद FSSI और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. इसे लेकर अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई है और करीब 50 विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किया जा चुके हैं. इसके अलावा कई लोगों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी मिलावटी भुने चने खा रहे हैं तो तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.  क्या है औरामाइन ओ और यह कितना खतरनाक? एक्सपर्ट्स के अनुसार, औरामाइन ओ एक सिंथेटिक पीला पिगमेंट है जिसे किसी भी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. यह पानी में घुलकर चनाें को चमकदार पीला बनता है और उन्हें ज्यादा कुरकुरा दिखता है, लेकिन यह वही केमिकल है जिसे डब्ल्यूएचओ (WHO) की इंटरनेशनल कैंसर रिसर्च एजेंसी ने संभावित कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ घोषित किया हुआ है. यह रसायन शरीर में जाकर सबसे पहले किडनी, फिर लीवर और बाद में ब्लेंडर को नुकसान पहुंचता है. लंबे समय तक इसका सेवन नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे चक्कर आना, थकान, सिर दर्द और उल्टी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. वहीं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह मिलावट और भी खतरनाक मानी गई है.  एक्सपर्ट्स ने क्या बताया नुकसान और पहचान के तरीके? कई एक्सपर्ट ने भुने चनों को गंभीर खतरा बताते हुए बताया है कि औरामाइन ओ से मिलावटी चने लंबे समय में शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एक्सपर्ट यह भी बताते है कि लोग घर पर ही कैसे असली और नकली चने की पहचान कर सकते हैं. चने या दाल को कुछ मिनट पानी में भिगोकर देखा जा सकता है. अगर पानी पीला हो जाए या दाल रंग छोड़ दें तो समझ लेना चाहिए कि उसमें रंग मिला हुआ है. असली दाल पानी में धीरे-धीरे नीचे जाती है जबकि नकली दाल तुरंत नीचे चली जाती है और रंग छोड़ती है.  कैसे करें बचाव? नकली चनों से बचाव करने के लिए बहुत चमकदार, अत्यधिक पीले या अनियमित रूप से कुरकुरे दिखने वाले चने न खरीदें.  चनों को पानी में भिगोकर रंग छोड़ने की जांच करें.  वहीं भरोसेमंद दुकानों और ब्रांडेड पैकेट उत्पादों को ही खरीदें.  चनों में किसी भी तरह का रासायनिक स्वाद या रंग दिखाई दें तो तुरंत ऐसे चनों का सेवन बंद कर दें. ये भी पढ़ें-हड्डियों को दें अंदर से ताकत, डाइट और लाइफस्टाइल में लाएं ये बदलाव, जाने आसान तरीके Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 29, 2025 - 13:30
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मिलावट वाले भुने चने खा रहे हैं तो हो जाएं सावधान, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा 

सर्दियों में ज्यादातर लोगों को भुने चने खाना पसंद होता है. लेकिन हाल ही में हुए एक खुलासे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली के कई बाजारों में मिलने वाले भुने चनों में औरामाइन ओ नामक खतरनाक इंडस्ट्रियल डाई की मिलावट की पुष्टि हुई है. यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल कपड़ों और लेदर को रंगने के लिए किया जाता है. खाने में इसका उपयोग सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

लाजपत नगर सहित कई बिजी मार्केट से लिए गए नमूनों में इसकी मौजूदगी पाई गई. शुरुआती जांच में 40 फीसदी नमूनों में औरामाइन ओ मिला, जिसके बाद FSSI और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. इसे लेकर अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई है और करीब 50 विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किया जा चुके हैं. इसके अलावा कई लोगों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी मिलावटी भुने चने खा रहे हैं तो तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. 

क्या है औरामाइन ओ और यह कितना खतरनाक?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, औरामाइन ओ एक सिंथेटिक पीला पिगमेंट है जिसे किसी भी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. यह पानी में घुलकर चनाें को चमकदार पीला बनता है और उन्हें ज्यादा कुरकुरा दिखता है, लेकिन यह वही केमिकल है जिसे डब्ल्यूएचओ (WHO) की इंटरनेशनल कैंसर रिसर्च एजेंसी ने संभावित कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ घोषित किया हुआ है. यह रसायन शरीर में जाकर सबसे पहले किडनी, फिर लीवर और बाद में ब्लेंडर को नुकसान पहुंचता है. लंबे समय तक इसका सेवन नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे चक्कर आना, थकान, सिर दर्द और उल्टी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. वहीं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह मिलावट और भी खतरनाक मानी गई है. 

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया नुकसान और पहचान के तरीके?

कई एक्सपर्ट ने भुने चनों को गंभीर खतरा बताते हुए बताया है कि औरामाइन ओ से मिलावटी चने लंबे समय में शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एक्सपर्ट यह भी बताते है कि लोग घर पर ही कैसे असली और नकली चने की पहचान कर सकते हैं. चने या दाल को कुछ मिनट पानी में भिगोकर देखा जा सकता है. अगर पानी पीला हो जाए या दाल रंग छोड़ दें तो समझ लेना चाहिए कि उसमें रंग मिला हुआ है. असली दाल पानी में धीरे-धीरे नीचे जाती है जबकि नकली दाल तुरंत नीचे चली जाती है और रंग छोड़ती है. 

कैसे करें बचाव?

  • नकली चनों से बचाव करने के लिए बहुत चमकदार, अत्यधिक पीले या अनियमित रूप से कुरकुरे दिखने वाले चने न खरीदें. 
  • चनों को पानी में भिगोकर रंग छोड़ने की जांच करें. 
  • वहीं भरोसेमंद दुकानों और ब्रांडेड पैकेट उत्पादों को ही खरीदें. 
  • चनों में किसी भी तरह का रासायनिक स्वाद या रंग दिखाई दें तो तुरंत ऐसे चनों का सेवन बंद कर दें.

ये भी पढ़ें-हड्डियों को दें अंदर से ताकत, डाइट और लाइफस्टाइल में लाएं ये बदलाव, जाने आसान तरीके

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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