ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! CM शुभेंदु के आदेश पर पुलिस का एक्शन
कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल के टीएमसी छात्र परिषद के आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया है. 28 अगस्त को कैथेड्रल रोड पर संगठन के स्थापना दिवस प्रोग्राम के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की की. ट्रैफिक में बाधा डाली. कोर्ट की तरफ से तय समय के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा. मामला बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. बंगाल के मु्ख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर कोलकाता पुलिस ने हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, ममता बनर्जी और WBTMCP के आयोजकों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रची और कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है. पुलिस का आरोप है कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात कर्मियों के साथ धक्का मुक्की की. अफरातफरी का माहौल बनाया. कैथेड्रल रोड के एक हिस्सा पर ट्रैफिक बाधित किया. मैंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा है: शुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि स्टूडेंट इलेक्शन होंगे. हर जगह भगवा झंडे लहराएंगे. एबीवीपी हर जगह जीतेगी. इंतजार करते रहिए. गुंजाइश नहीं है. पश्चिम बंगाल का कोई भी देशभक्त नागरिक इस जाल में नहीं फंसेगा. क्या आपने आज नहीं देखा कि कैसे पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया. उनसे सड़क का एक हिस्सा खुला रखने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने पेड़ों के नीचे खड़े लोगों को बुला लिया. सड़क जाम कर दी. क्या किया? मैंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने और खिलाफ हाईकोर्ट जाने को कहा है. इन धाराओं के तहत हुआ मामला दर्ज पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात कर्मियों से धक्का मुक्की की. अफरातफरी का माहौल बनाया. कैथेड्रल रोड के एक हिस्से पर ट्रैफिक बाधित किया. यह मामला बीएनएस की धाराओं 61(2)/223/125(a)/132/285 के तहत हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. कोलकाता हाईकोर्ट ने 28 अगस्त की मीटिंग के लिए साफ निर्देश दिए थे कि भीड़ 1500 लोगों की हो, और सड़क का एक हिस्सा ट्रैफिक के लिए खुला रखा जाए. लेकिन ममता बनर्जी और उनकी कानून तोड़ने की आदत, वे जनता को बैरिकेड तोड़ने और सड़क व ट्रैफिक जमा करने के लिए उकसाती हैं.
कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल के टीएमसी छात्र परिषद के आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया है. 28 अगस्त को कैथेड्रल रोड पर संगठन के स्थापना दिवस प्रोग्राम के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की की. ट्रैफिक में बाधा डाली. कोर्ट की तरफ से तय समय के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा. मामला बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
बंगाल के मु्ख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर कोलकाता पुलिस ने हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, ममता बनर्जी और WBTMCP के आयोजकों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रची और कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है. पुलिस का आरोप है कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात कर्मियों के साथ धक्का मुक्की की. अफरातफरी का माहौल बनाया. कैथेड्रल रोड के एक हिस्सा पर ट्रैफिक बाधित किया.
मैंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा है: शुवेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि स्टूडेंट इलेक्शन होंगे. हर जगह भगवा झंडे लहराएंगे. एबीवीपी हर जगह जीतेगी. इंतजार करते रहिए. गुंजाइश नहीं है. पश्चिम बंगाल का कोई भी देशभक्त नागरिक इस जाल में नहीं फंसेगा. क्या आपने आज नहीं देखा कि कैसे पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया. उनसे सड़क का एक हिस्सा खुला रखने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने पेड़ों के नीचे खड़े लोगों को बुला लिया. सड़क जाम कर दी. क्या किया? मैंने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने और खिलाफ हाईकोर्ट जाने को कहा है.
इन धाराओं के तहत हुआ मामला दर्ज
पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि समर्थकों ने बैरिकेड्स हटा दिए. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात कर्मियों से धक्का मुक्की की. अफरातफरी का माहौल बनाया. कैथेड्रल रोड के एक हिस्से पर ट्रैफिक बाधित किया. यह मामला बीएनएस की धाराओं 61(2)/223/125(a)/132/285 के तहत हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. कोलकाता हाईकोर्ट ने 28 अगस्त की मीटिंग के लिए साफ निर्देश दिए थे कि भीड़ 1500 लोगों की हो, और सड़क का एक हिस्सा ट्रैफिक के लिए खुला रखा जाए. लेकिन ममता बनर्जी और उनकी कानून तोड़ने की आदत, वे जनता को बैरिकेड तोड़ने और सड़क व ट्रैफिक जमा करने के लिए उकसाती हैं.
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