बिहार चुनाव में तैनात होंगी CAPF की 1200 कंपनियां, वोटिंग से पहले एक्शन में चुनाव आयोग

बिहार में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किए जाने की संभावना है. अधिकारियों ने मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को यह जानकारी दी. दो चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए बिहार पुलिस के साथ सीएपीएफ कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी. चुनाव पूर्व तैनाती शुरू, अंतिम मंजूरी के बाद बढ़ेगी संख्याउन्होंने बताया कि चुनाव पूर्व तैनाती के तहत लगभग 500 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं. निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, 1,200 तक कंपनियां तैनात की जा सकती हैं. सीएपीएफ की एक कंपनी में लगभग 70-80 कर्मी होते हैं. एसएसबी से सबसे ज्यादा कंपनियां, अन्य बल भी शामिलबिहार चुनावों के लिए सीएपीएफ की अधिकतम कंपनियां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से ली जाएंगी, इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जैसे अन्य बल होंगे. बिहार ने 1,800 कंपनियों की मांग कीअधिकारियों ने बताया कि बिहार ने चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग से लगभग 1,800 कंपनियों की मांग की है. सीएपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए ये इकाइयां बिहार पुलिस इकाइयों के अतिरिक्त होंगी.सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं की मांगी जानकारीऊधर, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग से कहा कि वह बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद तैयार अंतिम मतदाता सूची से बाहर किये गए 3.66 लाख मतदाताओं का विवरण उसे उपलब्ध कराए. चुनाव आयोग ने न्यायालय को सूचित किया कि जोड़े गए अधिकांश नाम नए मतदाताओं के हैं और अब तक सूची से बाहर किये गए किसी भी मतदाता ने कोई शिकायत या अपील दायर नहीं की है.न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग बाहर रखे गए मतदाताओं के बारे में उपलब्ध सभी जानकारी गुरुवार (9 अक्टूबर) तक अदालत के रिकॉर्ड पर लाये, जब वह एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आगे की सुनवाई करेगी.

Oct 7, 2025 - 21:30
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बिहार चुनाव में तैनात होंगी CAPF की 1200 कंपनियां, वोटिंग से पहले एक्शन में चुनाव आयोग

बिहार में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किए जाने की संभावना है. अधिकारियों ने मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को यह जानकारी दी. दो चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए बिहार पुलिस के साथ सीएपीएफ कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी.

चुनाव पूर्व तैनाती शुरू, अंतिम मंजूरी के बाद बढ़ेगी संख्या
उन्होंने बताया कि चुनाव पूर्व तैनाती के तहत लगभग 500 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं. निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, 1,200 तक कंपनियां तैनात की जा सकती हैं. सीएपीएफ की एक कंपनी में लगभग 70-80 कर्मी होते हैं.

एसएसबी से सबसे ज्यादा कंपनियां, अन्य बल भी शामिल
बिहार चुनावों के लिए सीएपीएफ की अधिकतम कंपनियां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से ली जाएंगी, इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जैसे अन्य बल होंगे.

बिहार ने 1,800 कंपनियों की मांग की
अधिकारियों ने बताया कि बिहार ने चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग से लगभग 1,800 कंपनियों की मांग की है. सीएपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए ये इकाइयां बिहार पुलिस इकाइयों के अतिरिक्त होंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं की मांगी जानकारी
ऊधर, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग से कहा कि वह बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद तैयार अंतिम मतदाता सूची से बाहर किये गए 3.66 लाख मतदाताओं का विवरण उसे उपलब्ध कराए. चुनाव आयोग ने न्यायालय को सूचित किया कि जोड़े गए अधिकांश नाम नए मतदाताओं के हैं और अब तक सूची से बाहर किये गए किसी भी मतदाता ने कोई शिकायत या अपील दायर नहीं की है.

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग बाहर रखे गए मतदाताओं के बारे में उपलब्ध सभी जानकारी गुरुवार (9 अक्टूबर) तक अदालत के रिकॉर्ड पर लाये, जब वह एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आगे की सुनवाई करेगी.

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