बिल्डर-फाइनेंशियल संस्थानों की सांठगांठ पर CBI का एक्शन, 12 ठिकानों पर छापे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर देशभर में बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई पांच नए आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है. CBI के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिल्डरों के खिलाफ पांच नए मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें ओजोन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चार मामले हैं, जो बेंगलुरु और मुंबई की परियोजनाओं से संबंधित हैं. वहीं, पांचवां मामला बेंगलुरु की परियोजना से जुड़ी मे. विवांसा बाल्सम के खिलाफ दर्ज किया गया है. इन मामलों में विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. होमबायर्स को धोखा देने का आरोप जांच एजेंसी को शक है कि बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ के चलते बड़ी संख्या में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई. आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की ओर से आपराधिक कदाचार जैसे अपराध शामिल हैं. बताया गया कि कई होमबायर्स ने सालों से बिल्डरों की कथित धोखाधड़ी और परियोजनाओं से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. घर खरीदने के लिए अपनी जीवनभर की कमाई लगाने वाले लोगों को लंबे समय तक राहत नहीं मिलने के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया है. फंड डायवर्जन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच CBI की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कथित फंड डायवर्जन, वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का पता लगाना है. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है. बरामद सामग्री की अब विस्तृत जांच की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक 55 केस सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीबीआई इससे पहले देशभर के अलग-अलग बिल्डरों के खिलाफ 50 मामले दर्ज कर चुकी थी. गुरुवार (10 सितंबर) को पांच नए मामले दर्ज होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI की तरफ से दर्ज मामलों की कुल संख्या 55 हो गई है. सीबीआई का कहना है कि इन मामलों की जांच तेजी और निष्पक्षता के साथ की जा रही है. एजेंसी का लक्ष्य उन लोगों की जवाबदेही तय करना है, जिन्होंने कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर कथित तौर पर निर्दोष होमबायर्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाया. यह भी पढ़ेंः अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, मिली बम की धमकी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर देशभर में बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई पांच नए आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है.
CBI के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिल्डरों के खिलाफ पांच नए मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें ओजोन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चार मामले हैं, जो बेंगलुरु और मुंबई की परियोजनाओं से संबंधित हैं. वहीं, पांचवां मामला बेंगलुरु की परियोजना से जुड़ी मे. विवांसा बाल्सम के खिलाफ दर्ज किया गया है. इन मामलों में विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
होमबायर्स को धोखा देने का आरोप
जांच एजेंसी को शक है कि बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ के चलते बड़ी संख्या में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई. आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की ओर से आपराधिक कदाचार जैसे अपराध शामिल हैं.
बताया गया कि कई होमबायर्स ने सालों से बिल्डरों की कथित धोखाधड़ी और परियोजनाओं से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. घर खरीदने के लिए अपनी जीवनभर की कमाई लगाने वाले लोगों को लंबे समय तक राहत नहीं मिलने के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया है.
फंड डायवर्जन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच
CBI की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कथित फंड डायवर्जन, वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का पता लगाना है. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है. बरामद सामग्री की अब विस्तृत जांच की जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक 55 केस
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीबीआई इससे पहले देशभर के अलग-अलग बिल्डरों के खिलाफ 50 मामले दर्ज कर चुकी थी. गुरुवार (10 सितंबर) को पांच नए मामले दर्ज होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI की तरफ से दर्ज मामलों की कुल संख्या 55 हो गई है.
सीबीआई का कहना है कि इन मामलों की जांच तेजी और निष्पक्षता के साथ की जा रही है. एजेंसी का लक्ष्य उन लोगों की जवाबदेही तय करना है, जिन्होंने कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर कथित तौर पर निर्दोष होमबायर्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाया.
यह भी पढ़ेंः अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, मिली बम की धमकी
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