बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में हार पर आया BJP चीफ नितिन नवीन का पहला रिएक्शन

बिहार की बांकीपुर समेत तीन सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. दतिया में कांग्रेस ने जीत हासिल की तो बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने बीजेपी का 30 साल का किला ढहा दिया. हालांकि, भाजपा गुजरात की मांजलपुर सीट बचाने में कामयाब रही. उपचुनाव परिणाम पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'आज तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं.' उन्होंने आगे लिखा, 'गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना भरोसा जताने के लिए वहां की जनता का हृदय से आभार. इस जीत के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई. बांकीपुर और दतिया में हमें अपेक्षित जनादेश प्राप्त नहीं हुआ. हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे और नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनके विश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे.' आज तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं।गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना विश्वास व्यक्त करने के लिए वहाँ की जनता का हृदय से आभार। इस विजय के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई।बांकीपुर और… — Nitin Nabin (@NitinNabin) August 3, 2026 बांकीपुर में प्रशांत किशोर की प्रचंड जीत उपचुनाव की सबसे चर्चित सीट बिहार की बांकीपुर रही. जहां बड़ा उलटफेर देखने को मिला. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में जीत दर्ज करते हुए भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से शिकस्त दी. इस जीत के साथ प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं, जबकि भाजपा को इस प्रतिष्ठित सीट पर बड़ा झटका लगा है. यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा पहुंचे नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी. साल 1995 से यह सीट भाजपा का अभेद्य किला मानी जाती रही है. 2006 के उपचुनाव में नितिन नवीन पहली बार यहां से विधायक बने और 2025 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे. ऐसे में इस सीट पर भाजपा की हार को बड़ा झटका माना जा रहा है. दतिया में कांग्रेस ने लहराया परचम मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने छह हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6000 से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी. कांग्रेस ने दतिया में यह लगातार दूसरी जीत दर्ज की है. इस जीत से कांग्रेसी गदगद है, वहीं भाजपा ने ऐलान किया है कि वह इस बात की समीक्षा करेगी कि आखिर भाजपा क्यों हारी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी हो सकती है. इस चुनाव को राज्य की सियासत के तौर पर काफी अहम माना जा रहा था. बांकीपुर उपचुनाव: कहां चूकी BJP? हार की 5 बड़ी वजहें मांजलपुर में खिला कमल गुजरात में मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रही. यहां भाजपा के उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को बड़े अंतर से शिकस्त दी. बीजेपी उम्मीदवार को 55,481 वोट मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 24,851 मत हासिल किए. इस जीत से वडोदरा में भाजपा की पारंपरिक मजबूत पकड़ और मजबूत हो गई है. ऐसा क्या हुआ कि BJP 8 महीने में ही गंवा बैठी 30 साल का अभेद किला?

Aug 4, 2026 - 05:30
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बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में हार पर आया BJP चीफ नितिन नवीन का पहला रिएक्शन

बिहार की बांकीपुर समेत तीन सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. दतिया में कांग्रेस ने जीत हासिल की तो बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने बीजेपी का 30 साल का किला ढहा दिया. हालांकि, भाजपा गुजरात की मांजलपुर सीट बचाने में कामयाब रही. उपचुनाव परिणाम पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'आज तीन विधानसभा उपचुनावों में आए जनादेश को हम स्वीकार करते हैं.'

उन्होंने आगे लिखा, 'गुजरात की मांजलपुर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी पर अपना भरोसा जताने के लिए वहां की जनता का हृदय से आभार. इस जीत के लिए भाजपा के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई. बांकीपुर और दतिया में हमें अपेक्षित जनादेश प्राप्त नहीं हुआ. हम इन दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे और नई ऊर्जा और संकल्प के साथ जनता के बीच जाकर उनके विश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे.'

बांकीपुर में प्रशांत किशोर की प्रचंड जीत

उपचुनाव की सबसे चर्चित सीट बिहार की बांकीपुर रही. जहां बड़ा उलटफेर देखने को मिला. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में जीत दर्ज करते हुए भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से शिकस्त दी. इस जीत के साथ प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं, जबकि भाजपा को इस प्रतिष्ठित सीट पर बड़ा झटका लगा है.

यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा पहुंचे नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी. साल 1995 से यह सीट भाजपा का अभेद्य किला मानी जाती रही है. 2006 के उपचुनाव में नितिन नवीन पहली बार यहां से विधायक बने और 2025 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे. ऐसे में इस सीट पर भाजपा की हार को बड़ा झटका माना जा रहा है.

दतिया में कांग्रेस ने लहराया परचम

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने छह हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6000 से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी. कांग्रेस ने दतिया में यह लगातार दूसरी जीत दर्ज की है. इस जीत से कांग्रेसी गदगद है, वहीं भाजपा ने ऐलान किया है कि वह इस बात की समीक्षा करेगी कि आखिर भाजपा क्यों हारी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी हो सकती है. इस चुनाव को राज्य की सियासत के तौर पर काफी अहम माना जा रहा था.

बांकीपुर उपचुनाव: कहां चूकी BJP? हार की 5 बड़ी वजहें

मांजलपुर में खिला कमल

गुजरात में मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रही. यहां भाजपा के उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को बड़े अंतर से शिकस्त दी. बीजेपी उम्मीदवार को 55,481 वोट मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 24,851 मत हासिल किए. इस जीत से वडोदरा में भाजपा की पारंपरिक मजबूत पकड़ और मजबूत हो गई है.

ऐसा क्या हुआ कि BJP 8 महीने में ही गंवा बैठी 30 साल का अभेद किला?

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