बजट सत्र 2026: समाजवादी पार्टी के सांसद ने लोकसभा में 8वें पेंशन संशोधन को लेकर किया सवाल, सरकार ने क्या दिया जवाब?
संसद के बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया. उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से सवाल पूछा कि क्या वित्त विधेयक, 2025 ने केंद्र सरकार को पेंशनभोगियों के बीच उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर भेद करने और स्वीकृत सिफारिशों से उत्पन्न पेंशन के बीच भेद करने का अधिकार दिया है? अगर हां, तो क्या केंद्रीय वेतन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर पेंशनभोगियों के बीच भेद किया जा सकता है? यदि हां, तो इसके विवरण क्या हैं और यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं? इसके साथ ही, सपा सांसद आनंद भदौरिया ने पूछा कि क्या 31 दिसंबर, 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए केंद्र सरकार के पेंशनभोगी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत उनकी पेंशन के संशोधन के लिए कवर किए जाने की संभावना है? अगर हां, तो इसके विवरण क्या हैं और यदि नहीं, तो इसके कारण क्या है? और क्या 8वां केंद्रीय वेतन आयोग नियमित आधार पर कार्य करना शुरू कर चुका है और अगर हां, तो इसके विवरण क्या हैं और अगर नहीं, तो देरी के कारण क्या हैं? केंद्र सरकार ने लोकसभा में दिया जवाब 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन को लेकर लोकसभा में सपा सांसद की ओर से पूछे गए सवालों को जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 (पूर्व में CCS (पेंशन) नियम, 1972) और केंद्रीय सिविल सेवा (अतिरिक्त पेंशन) नियम, 2023 और समय‑समय पर जारी निर्देशों द्वारा शासित होती है. उन्होंने कहा कि पेंशन का संशोधन केंद्र सरकार की ओर से जारी सामान्य आदेशों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें केंद्रीय वेतन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए भी निर्देश होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय वेतन आयोग, जो एक विशेषज्ञ निकाय है, सरकार के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए विभिन्न वेतनमान, भत्ते और पेंशन की सिफारिश करता है. वित्त अधिनियम, 2025 के भाग IV ने मौजूदा केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों और भारत के संचित निधि से देय पेंशन दायित्वों को शासित करने वाले सिद्धांतों को मान्य किया है और यह मौजूदा सिविल या डिफेंस पेंशन में कोई बदलाव नहीं करता है. 8वां CPC केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन की करेगा सिफारिशें- चौधरी इसके अलावा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने 3 नवंबर, 2025 के संकल्प के माध्यम से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन और इसके संदर्भ की शर्तों (ToR) को अधिसूचित किया है. 3 नवंबर, 2025 के संकल्प के अनुसार, आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देगा. 8वें CPC को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन आदि पर सिफारिशें देने का कार्य सौंपा गया है.
संसद के बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया. उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से सवाल पूछा कि क्या वित्त विधेयक, 2025 ने केंद्र सरकार को पेंशनभोगियों के बीच उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर भेद करने और स्वीकृत सिफारिशों से उत्पन्न पेंशन के बीच भेद करने का अधिकार दिया है? अगर हां, तो क्या केंद्रीय वेतन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों के आधार पर पेंशनभोगियों के बीच भेद किया जा सकता है? यदि हां, तो इसके विवरण क्या हैं और यदि नहीं, तो इसके कारण क्या हैं?
इसके साथ ही, सपा सांसद आनंद भदौरिया ने पूछा कि क्या 31 दिसंबर, 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए केंद्र सरकार के पेंशनभोगी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत उनकी पेंशन के संशोधन के लिए कवर किए जाने की संभावना है? अगर हां, तो इसके विवरण क्या हैं और यदि नहीं, तो इसके कारण क्या है? और क्या 8वां केंद्रीय वेतन आयोग नियमित आधार पर कार्य करना शुरू कर चुका है और अगर हां, तो इसके विवरण क्या हैं और अगर नहीं, तो देरी के कारण क्या हैं?
केंद्र सरकार ने लोकसभा में दिया जवाब
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन को लेकर लोकसभा में सपा सांसद की ओर से पूछे गए सवालों को जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 (पूर्व में CCS (पेंशन) नियम, 1972) और केंद्रीय सिविल सेवा (अतिरिक्त पेंशन) नियम, 2023 और समय‑समय पर जारी निर्देशों द्वारा शासित होती है.
उन्होंने कहा कि पेंशन का संशोधन केंद्र सरकार की ओर से जारी सामान्य आदेशों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें केंद्रीय वेतन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए भी निर्देश होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय वेतन आयोग, जो एक विशेषज्ञ निकाय है, सरकार के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए विभिन्न वेतनमान, भत्ते और पेंशन की सिफारिश करता है. वित्त अधिनियम, 2025 के भाग IV ने मौजूदा केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों और भारत के संचित निधि से देय पेंशन दायित्वों को शासित करने वाले सिद्धांतों को मान्य किया है और यह मौजूदा सिविल या डिफेंस पेंशन में कोई बदलाव नहीं करता है.
8वां CPC केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन की करेगा सिफारिशें- चौधरी
इसके अलावा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार ने 3 नवंबर, 2025 के संकल्प के माध्यम से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन और इसके संदर्भ की शर्तों (ToR) को अधिसूचित किया है. 3 नवंबर, 2025 के संकल्प के अनुसार, आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देगा. 8वें CPC को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन आदि पर सिफारिशें देने का कार्य सौंपा गया है.
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