‘फौरन कम करें तनाव’, ईरान-इजरायल के ताजा मिलिट्री एक्शन से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, भारत ने जारी की एडवाइजरी

मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू होने क बाद भारत ने चिंता जाहिर की और दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जो भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ने के लिए कहा गया है. फौरन कम करें तनाव: ट्रंप विदेश मंत्रालय ने कहा, '8 अप्रैल को हुए अस्थायी सीजफायर के बाद दोनों (ईरान-इजरायल) का एक-दूसरे पर पहली सीधी अटैक है. यह टकराव पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहा है, जिसकी वजह से न केवल आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. सभी पक्ष नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालें.' इजरायल ने सोमवार (8 जून 2026) तेहरान की ओर से मिसाइल हमले के जवाब में मध्य और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले किए. इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहने को कहा था. अभी तक कितने भारतीय लौटे देश? यह एडवाइजरी उस समय जारी किया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी समाप्त नहीं की तो एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जंग शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र भी शामिल थे. अब तक करीब 1,800 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं. लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से गु्स्सा होकर रविवार (7 जून 2026) को ईरान ने इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने अमेरिका की बात को दरकिनार करते हुए बिना किसी पूर्व चेतावनी के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे. इजरायल का दावा है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रविवार को ही इजरायल पर गोलीबारी की थी. ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए लेबनान में युद्धविराम होना सबसे जरूरी है. ये भी पढ़ें : 'जहाज में भर रहा पानी, लाइफ बोट पर आग', हॉर्मुज में अमेरिकी नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान!

Jun 8, 2026 - 19:30
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‘फौरन कम करें तनाव’, ईरान-इजरायल के ताजा मिलिट्री एक्शन से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, भारत ने जारी की एडवाइजरी

मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू होने क बाद भारत ने चिंता जाहिर की और दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जो भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ने के लिए कहा गया है.

फौरन कम करें तनाव: ट्रंप

विदेश मंत्रालय ने कहा, '8 अप्रैल को हुए अस्थायी सीजफायर के बाद दोनों (ईरान-इजरायल) का एक-दूसरे पर पहली सीधी अटैक है. यह टकराव पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहा है, जिसकी वजह से न केवल आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. सभी पक्ष नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालें.'

इजरायल ने सोमवार (8 जून 2026) तेहरान की ओर से मिसाइल हमले के जवाब में मध्य और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले किए. इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहने को कहा था.

अभी तक कितने भारतीय लौटे देश?

यह एडवाइजरी उस समय जारी किया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी समाप्त नहीं की तो एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जंग शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र भी शामिल थे. अब तक करीब 1,800 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं.

लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से गु्स्सा होकर रविवार (7 जून 2026) को ईरान ने इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने अमेरिका की बात को दरकिनार करते हुए बिना किसी पूर्व चेतावनी के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे. इजरायल का दावा है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रविवार को ही इजरायल पर गोलीबारी की थी. ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए लेबनान में युद्धविराम होना सबसे जरूरी है.

ये भी पढ़ें : 'जहाज में भर रहा पानी, लाइफ बोट पर आग', हॉर्मुज में अमेरिकी नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान!

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