पेटीएम को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने 5,712 करोड़ रुपये की GST नोटिस पर लगाया स्टे; जानें क्या है मामला

Paytm GST Notice: पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कंपनी की रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म को भेजे गए जीएसटी नोटिस पर रोक लगा दी है. एक रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, शनिवार, 24 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पेटीएम की गेमिंग शाखा - फर्स्ट गेम्स को जारी किए गए 5,712 करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस पर रोक लगाने की घोषणा की.  'टैक्स का मामला इंडस्ट्री से जुड़ा'- कंपनी दरअसल, जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय की तरफ से अप्रैल में फर्स्ट गेम्स को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया गया था. फर्स्ट गेम ने सुप्रीम कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी थी. अब 23 मई, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिस की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया है. वन97 कम्युनिकेशंस ने कहा था कि टैक्स का मामला सिर्फ फर्स्ट गेम तक सीमित नहीं है. यह पूरी इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है और इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है. पेटीएम ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित शो कॉज नोटिस पर आगे की कार्यवाही तब तक स्थगित रहेगी, जब तक कि मुख्य मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता.  28 परसेंट की दर से GST की मांग फाइलिंग में कहा गया, सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 74(1), यूपीजीएसटी अधिनियम, 2017 और आईजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 20 के तहत फर्स्ट गेम्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री से चल रहे जीएसटी मामलों के लिए 5,712 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग और लागू ब्याज और जुर्माना प्रस्तावित किया गया है. जिसमें DGGI का यह मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी देयता की गणना कुल प्रवेश राशि के 28 परसेंट पर की जानी चाहिए.    ये भी पढ़ें: बदल गया इस बैंक का नाम, नया पासबुक या चेकबुक लेने से पहले पढ़ें ये खबर; RBI ने भी कह दी बड़ी बात  

May 25, 2025 - 11:30
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पेटीएम को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने 5,712 करोड़ रुपये की GST नोटिस पर लगाया स्टे; जानें क्या है मामला

Paytm GST Notice: पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कंपनी की रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म को भेजे गए जीएसटी नोटिस पर रोक लगा दी है. एक रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, शनिवार, 24 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पेटीएम की गेमिंग शाखा - फर्स्ट गेम्स को जारी किए गए 5,712 करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस पर रोक लगाने की घोषणा की. 

'टैक्स का मामला इंडस्ट्री से जुड़ा'- कंपनी

दरअसल, जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय की तरफ से अप्रैल में फर्स्ट गेम्स को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया गया था. फर्स्ट गेम ने सुप्रीम कोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी थी. अब 23 मई, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिस की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया है.

वन97 कम्युनिकेशंस ने कहा था कि टैक्स का मामला सिर्फ फर्स्ट गेम तक सीमित नहीं है. यह पूरी इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है और इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है. पेटीएम ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित शो कॉज नोटिस पर आगे की कार्यवाही तब तक स्थगित रहेगी, जब तक कि मुख्य मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता. 

28 परसेंट की दर से GST की मांग

फाइलिंग में कहा गया, सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 74(1), यूपीजीएसटी अधिनियम, 2017 और आईजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 20 के तहत फर्स्ट गेम्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री से चल रहे जीएसटी मामलों के लिए 5,712 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग और लागू ब्याज और जुर्माना प्रस्तावित किया गया है. जिसमें DGGI का यह मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी देयता की गणना कुल प्रवेश राशि के 28 परसेंट पर की जानी चाहिए. 

 

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