पाकिस्तान को फिर मिली मदद, भारत से तनाव के बीच IMF ने दे दी 8400 करोड़ की दूसरी किश्त

Pakistan: पाकिस्तान को आईएमएफ से फिर से लोन मिला है. अभी पिछले हफ्ते ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ से पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया गया था. पाकिस्तान को एक्सटेंडेड फंड फेसिलिटी कार्यक्रम के तहत 1.02 अरब डॉलर (करीब 8400 करोड़ रुपये) की दूसरी किश्त दी गई है.  भारत ने किया था विरोध रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा है कि 16 मई को समाप्त सप्ताह के लिए इस रकम को देश के विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल किया जाएगा. पिछले हफ्ते IMF की बैठक में पाकिस्तान को मिलने वाली फंडिंग को लेकर हुए वोटिंग से खुद को दूर रख इसका विरोध किया था.   यूनाइटेड नेशन में जैसे किसी देश को 'No'वोटिंग करने का अधिकार है. वैसा आईएमएफ में नहीं है. यहां या तो आपको पक्ष में वोट करना होगा या मतदान से खुद को दूर रखना होगा. भारत ने इस पर चिंता जताते हुए कहा था कि पाकिस्तान इन पैसों का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है. भारत ने यह भी कहा था कि इस आर्थिक मदद के चलते ही पाकिस्तान पर भारी कर्ज हो गया है और वह आईएमएफ का बहुत बड़ा कर्जदार बन गया है.  बुरे दौर से गुजर रहा पाकिस्तान  बता दें कि पाकिस्तान इस वक्त आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है. देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी लगातार गिरावट आ रही है. और तो और यहां महंगाई भी आसमान छू रही है. आईएमएफ की तरफ से मिली फंडिंग से पाकिस्तान की इकोनॉमी को सहारा मिलेगा, लेकिन इस बीच भारत के साथ जंग में भी पाकिस्तान को खूब नुकसान उठाना पड़ा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन मसलों से जूझ रहे पाकिस्तान पर दिसंबर 2024 तक लगभग 131.16 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा कर्ज है.  ये भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर खुली पाकिस्तान की पोल, IMF से लोन मिलने से पहले ही खर्च कर दिए उससे कहीं ज्यादा

May 14, 2025 - 19:30
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पाकिस्तान को फिर मिली मदद, भारत से तनाव के बीच IMF ने दे दी 8400 करोड़ की दूसरी किश्त

Pakistan: पाकिस्तान को आईएमएफ से फिर से लोन मिला है. अभी पिछले हफ्ते ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ से पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया गया था. पाकिस्तान को एक्सटेंडेड फंड फेसिलिटी कार्यक्रम के तहत 1.02 अरब डॉलर (करीब 8400 करोड़ रुपये) की दूसरी किश्त दी गई है. 

भारत ने किया था विरोध

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा है कि 16 मई को समाप्त सप्ताह के लिए इस रकम को देश के विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल किया जाएगा. पिछले हफ्ते IMF की बैठक में पाकिस्तान को मिलने वाली फंडिंग को लेकर हुए वोटिंग से खुद को दूर रख इसका विरोध किया था.  

यूनाइटेड नेशन में जैसे किसी देश को 'No'वोटिंग करने का अधिकार है. वैसा आईएमएफ में नहीं है. यहां या तो आपको पक्ष में वोट करना होगा या मतदान से खुद को दूर रखना होगा.

भारत ने इस पर चिंता जताते हुए कहा था कि पाकिस्तान इन पैसों का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है. भारत ने यह भी कहा था कि इस आर्थिक मदद के चलते ही पाकिस्तान पर भारी कर्ज हो गया है और वह आईएमएफ का बहुत बड़ा कर्जदार बन गया है. 

बुरे दौर से गुजर रहा पाकिस्तान 

बता दें कि पाकिस्तान इस वक्त आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है. देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी लगातार गिरावट आ रही है. और तो और यहां महंगाई भी आसमान छू रही है. आईएमएफ की तरफ से मिली फंडिंग से पाकिस्तान की इकोनॉमी को सहारा मिलेगा, लेकिन इस बीच भारत के साथ जंग में भी पाकिस्तान को खूब नुकसान उठाना पड़ा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन मसलों से जूझ रहे पाकिस्तान पर दिसंबर 2024 तक लगभग 131.16 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा कर्ज है. 

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सोशल मीडिया पर खुली पाकिस्तान की पोल, IMF से लोन मिलने से पहले ही खर्च कर दिए उससे कहीं ज्यादा

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