पति ने दुबई से भेजे 80 लाख, पत्नी को मिला इनकम टैक्स का नोटिस, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Property Purchase Tax: मुंबई बेंच के आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने एक महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने महिला की टैक्सेबल इनकम में 80 लाख जोड़ दिए थे, क्योंकि ये रकम उसके पति ने सीधे प्रॉपर्टी बेचने वाले के अकाउंट में भेजी थी. महिला के पति दुबई में काम करते हैं और उन्होंने यह पेमेंट ऑफिसियल चैनल के जरिए उसकी ओर से किया था. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के Insight Portal से पता चला कि महिला ने 31 मार्च 2016 को खत्म हुए फ़ाइनेंशियल ईयर में 1.40 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी. यह पोर्टल फ़ाइनेंशियल लेनदेन पर नजर रखता है और टैक्स से जुड़े मामलों की पहचान करने में मदद करता है. विभाग ने 80 लाख रुपए पर उठाए सवाल जांच के दौरान इनकम टैक्स ऑफिसर ने माना कि प्रॉपर्टी के कुछ पेमेंट महिला के भारतीय बैंक अकाउंट से किए गए थे. लेकिन 80 लाख की उस रकम पर सवाल उठाया गया, जो उसके पति ने उसकी ओर से सीधे प्रॉपर्टी बेचने वाले के खाते में भेजी थी. Artificial Sun: चीन बना रहा 'आर्टिफिशियल सूरज', जानें कैसे बनेगा और कितनी आएगी लागत महिला के पति ने दुबई एक्सचेंज ब्युरो  के जरिए 40-40 लाख की दो किश्तों में कुल 80 लाख सीधे वेन्डोर के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे. क्योंकि यह रकम महिला के बैंक खाते से नहीं गई थी और वह एक्सचेंज ब्युरो का रमिटन्स रिकार्ड नहीं दिखा सकी, इसलिए इनकम टैक्स ऑफिसर ने इंकम टैक्स ऐक्ट की क्लॉज़ 69 के तहत इसे छुपाया हुआ पैसा मान लिया. इसका मतलब था कि इस रकम पर ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता था. महिला ने कोर्ट को क्या बताया? इसके बाद महिला ITAT पहुंची. उसने कहा कि 1.40 करोड़ के पूरे पैसे का जरीया साफ है और इसके लिए उसने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स दिए हैं. महिला ने रजिस्टर्ड सेल डीड, पति की ओर से किया गया गिफ्ट दीड, पति का ऐफिडेविट, बैंक स्टेटमेंट और दूसरे डॉक्युमेंट्स जमा किए. इनसे यह साबित होता है कि 80 लाख का पेमेंट्स उसके पति ने ही उसकी ओर से किया था. सुनवाई के दौरान ITAT ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने न तो पति की पहचान पर सवाल उठाया, न उनकी फ़ाइनेंशियल कैपेसिटी पर. डिपार्टमेंट ने ये भी नहीं खारिज कि 80 लाख बेचने वाले के खाते में पहुंचे थे. साथ ही गिफ्ट दीड,  ऐफिडेविट और दूसरे डॉक्युमेंट्स  की सच्चाई पर भी कोई सवाल नहीं उठाया गया. Bank of Baroda: डाटा लीक से परेशान ना हों Bank Of Baroda के ग्राहक, बस रखें इन बातों का ध्यान कोर्ट ने महिला के पक्ष में सुनाया फैसला इन सभी बातों को देखते हुए ITAT ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया. ट्रिब्यूनल ने कहा कि सिर्फ दुबई एक्सचेंज ब्यूरो का एक रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से 80 लाख को छुपाया हुआ इन्वेस्टमेंट नहीं माना जा सकता. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ITAT ने इस मामले में सभी सबूतों को देखते हुए सही फैसला दिया.

Jul 29, 2026 - 07:30
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पति ने दुबई से भेजे 80 लाख, पत्नी को मिला इनकम टैक्स का नोटिस, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Property Purchase Tax: मुंबई बेंच के आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने एक महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने महिला की टैक्सेबल इनकम में 80 लाख जोड़ दिए थे, क्योंकि ये रकम उसके पति ने सीधे प्रॉपर्टी बेचने वाले के अकाउंट में भेजी थी. महिला के पति दुबई में काम करते हैं और उन्होंने यह पेमेंट ऑफिसियल चैनल के जरिए उसकी ओर से किया था.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के Insight Portal से पता चला कि महिला ने 31 मार्च 2016 को खत्म हुए फ़ाइनेंशियल ईयर में 1.40 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी. यह पोर्टल फ़ाइनेंशियल लेनदेन पर नजर रखता है और टैक्स से जुड़े मामलों की पहचान करने में मदद करता है.

विभाग ने 80 लाख रुपए पर उठाए सवाल

जांच के दौरान इनकम टैक्स ऑफिसर ने माना कि प्रॉपर्टी के कुछ पेमेंट महिला के भारतीय बैंक अकाउंट से किए गए थे. लेकिन 80 लाख की उस रकम पर सवाल उठाया गया, जो उसके पति ने उसकी ओर से सीधे प्रॉपर्टी बेचने वाले के खाते में भेजी थी.

Artificial Sun: चीन बना रहा 'आर्टिफिशियल सूरज', जानें कैसे बनेगा और कितनी आएगी लागत

महिला के पति ने दुबई एक्सचेंज ब्युरो  के जरिए 40-40 लाख की दो किश्तों में कुल 80 लाख सीधे वेन्डोर के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे. क्योंकि यह रकम महिला के बैंक खाते से नहीं गई थी और वह एक्सचेंज ब्युरो का रमिटन्स रिकार्ड नहीं दिखा सकी, इसलिए इनकम टैक्स ऑफिसर ने इंकम टैक्स ऐक्ट की क्लॉज़ 69 के तहत इसे छुपाया हुआ पैसा मान लिया. इसका मतलब था कि इस रकम पर ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता था.

महिला ने कोर्ट को क्या बताया?

इसके बाद महिला ITAT पहुंची. उसने कहा कि 1.40 करोड़ के पूरे पैसे का जरीया साफ है और इसके लिए उसने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स दिए हैं. महिला ने रजिस्टर्ड सेल डीड, पति की ओर से किया गया गिफ्ट दीड, पति का ऐफिडेविट, बैंक स्टेटमेंट और दूसरे डॉक्युमेंट्स जमा किए. इनसे यह साबित होता है कि 80 लाख का पेमेंट्स उसके पति ने ही उसकी ओर से किया था.

सुनवाई के दौरान ITAT ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने न तो पति की पहचान पर सवाल उठाया, न उनकी फ़ाइनेंशियल कैपेसिटी पर. डिपार्टमेंट ने ये भी नहीं खारिज कि 80 लाख बेचने वाले के खाते में पहुंचे थे. साथ ही गिफ्ट दीड,  ऐफिडेविट और दूसरे डॉक्युमेंट्स  की सच्चाई पर भी कोई सवाल नहीं उठाया गया.

Bank of Baroda: डाटा लीक से परेशान ना हों Bank Of Baroda के ग्राहक, बस रखें इन बातों का ध्यान

कोर्ट ने महिला के पक्ष में सुनाया फैसला

इन सभी बातों को देखते हुए ITAT ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया. ट्रिब्यूनल ने कहा कि सिर्फ दुबई एक्सचेंज ब्यूरो का एक रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से 80 लाख को छुपाया हुआ इन्वेस्टमेंट नहीं माना जा सकता. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ITAT ने इस मामले में सभी सबूतों को देखते हुए सही फैसला दिया.

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