नितिन नवीन बनाने लगे युवा टीम, उम्र सीमा तय, 35 और 32 से कम वालों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने संगठन को भी युवा नेतृत्व के हाथों सौंपने की तैयारी में है. पार्टी ने तय किया है कि अब संगठन में उम्र को लेकर नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा. बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में फैसला लिया गया कि राष्ट्रीय युवा मोर्चा का अध्यक्ष अधिकतम 35 वर्ष की उम्र का होगा. वहीं, राज्यों में युवा मोर्चा इकाइयों के अध्यक्षों की उम्र सीमा 32 वर्ष तय की गई है. राज्यों में भी युवा टीम बनाने के निर्देशपार्टी ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि युवा मोर्चा की पूरी टीम का गठन राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र को ध्यान में रखते हुए किया जाए. यानी प्रदेश स्तर पर भी युवा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी. नितिन नवीन की अगुवाई में नई रणनीतिएक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बीजेपी युवा मोर्चा में 35 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर और 32 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी देने जा रही है. बूथ स्तर से लेकर प्रदेश संगठन तक नियुक्तियों में उम्र का तालमेल बैठाने की तैयारी है. बैठक में फैसलों पर लगी मुहरबुधवार को नितिन नवीन की अध्यक्षता में बीजेपी पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इसमें पार्टी के इस पुराने इरादे को और मजबूती मिली. राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश ने साफ किया कि पार्टी के नियमों में उम्र को लेकर जो प्रावधान हैं, अब उनका कड़ाई से पालन होगा. बयानबाजी पर लगेगी लगामनितिन नवीन ने कार्यभार संभालते ही साफ कर दिया था कि पार्टी विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी, लेकिन साथ ही नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बयान केवल अधिकृत नेताओं द्वारा ही दिए जाएं. इससे बड़बोले नेताओं पर लगाम लगाने की तैयारी है. विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की तैयारीबीएल संतोष ने ऐसी समर्पित टीम बनाने की जरूरत बताई जो मजदूरों और किसानों तक सीधे पहुंचे. इसका मकसद ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे आरोपों और नैरेटिव का तुरंत जवाब देना है. आने वाले चुनावों की समीक्षाबैठक में इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. सूत्रों के मुताबिक, बेहतर संवाद, मजबूत कैडर और सरकार के साथ तालमेल पर जोर दिया गया, ताकि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकें.
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने संगठन को भी युवा नेतृत्व के हाथों सौंपने की तैयारी में है. पार्टी ने तय किया है कि अब संगठन में उम्र को लेकर नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा. बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में फैसला लिया गया कि राष्ट्रीय युवा मोर्चा का अध्यक्ष अधिकतम 35 वर्ष की उम्र का होगा. वहीं, राज्यों में युवा मोर्चा इकाइयों के अध्यक्षों की उम्र सीमा 32 वर्ष तय की गई है.
राज्यों में भी युवा टीम बनाने के निर्देश
पार्टी ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि युवा मोर्चा की पूरी टीम का गठन राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र को ध्यान में रखते हुए किया जाए. यानी प्रदेश स्तर पर भी युवा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी.
नितिन नवीन की अगुवाई में नई रणनीति
एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बीजेपी युवा मोर्चा में 35 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर और 32 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी देने जा रही है. बूथ स्तर से लेकर प्रदेश संगठन तक नियुक्तियों में उम्र का तालमेल बैठाने की तैयारी है.
बैठक में फैसलों पर लगी मुहर
बुधवार को नितिन नवीन की अध्यक्षता में बीजेपी पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इसमें पार्टी के इस पुराने इरादे को और मजबूती मिली. राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश ने साफ किया कि पार्टी के नियमों में उम्र को लेकर जो प्रावधान हैं, अब उनका कड़ाई से पालन होगा.
बयानबाजी पर लगेगी लगाम
नितिन नवीन ने कार्यभार संभालते ही साफ कर दिया था कि पार्टी विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी, लेकिन साथ ही नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बयान केवल अधिकृत नेताओं द्वारा ही दिए जाएं. इससे बड़बोले नेताओं पर लगाम लगाने की तैयारी है.
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की तैयारी
बीएल संतोष ने ऐसी समर्पित टीम बनाने की जरूरत बताई जो मजदूरों और किसानों तक सीधे पहुंचे. इसका मकसद ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे आरोपों और नैरेटिव का तुरंत जवाब देना है.
आने वाले चुनावों की समीक्षा
बैठक में इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. सूत्रों के मुताबिक, बेहतर संवाद, मजबूत कैडर और सरकार के साथ तालमेल पर जोर दिया गया, ताकि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकें.
What's Your Reaction?