दिल्ली में खुली 35 हजार किताबों और 1 करोड़ ई-बुक्स वाली लाइब्रेरी, फ्री Wifi का भी मिलेगा मजा
दिल्ली के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और किताबें पढ़ने के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, दिल्ली में एनडीएमसी ने उद्यान मार्ग पर अत्याधुनिक जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी शुरू की है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया. लाइब्रेरी में क्या-क्या मिलेगा? यह लाइब्रेरी करीब 2265 वर्गमीटर में बनी है और यहां एक साथ करीब 200 लोग बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं. यहां 35 हजार से ज्यादा किताबें, शोध पत्रिकाएं और संदर्भ पुस्तकें मौजूद हैं. इसके अलावा ई-लाइब्रेरी के जरिए 1 करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स पढ़ने की सुविधा भी इस लाइब्रेरी में मिलेगी. लाइब्रेरी में आधुनिक रीडिंग एरिया, रिसर्च सेंटर, बच्चों के लिए अलग किड्स जोन, मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम, फ्री वाई-फाई और आरएफआईडी आधारित बुक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं. इसे नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से भी जोड़ा जाएगा. गृहमंत्री ने कही यह बात अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य खेती, बाजार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में पढ़ने आने वाले युवाओं से तय होता है. उन्होंने कहा कि किताबें पढ़ने से सोचने और समझने की क्षमता बढ़ती है, इसलिए हर युवा को किसी न किसी पुस्तकालय से जरूर जुड़ना चाहिए. उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके शहर की लाइब्रेरी ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला. बचपन में कहानी की किताबें पढ़ते-पढ़ते उनकी रुचि वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए, क्योंकि सही सोच किताबों से ही आती है. उन्होंने दिल्ली सरकार से अपील की कि राजधानी के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को आपस में जोड़ा जाए और उन्हें स्कूलों से भी कनेक्ट किया जाए. उन्होंने जयप्रकाश नारायण लाइब्रेरी के कर्मचारियों से कहा कि वे आसपास के स्कूलों के छात्रों को लाइब्रेरी आने के लिए प्रेरित करें, ताकि युवाओं में पढ़ने की आदत बढ़े. छात्रों के लिए बड़ी सुविधा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह लाइब्रेरी दिल्ली के युवाओं और छात्रों के लिए बड़ी सौगात है. खासकर यूपीएससी और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को यहां बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह लाइब्रेरी युवाओं को अपने सपने पूरे करने में मदद करेगी. एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र ने बताया कि यह लाइब्रेरी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की याद में बनाई गई है. वहीं, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह लाइब्रेरी आने वाले समय में युवाओं के लिए पढ़ाई, रिसर्च और नई सोच का बड़ा केंद्र बनेगी. ये भी पढ़ें: ये हैं देश के टॉप IIM संस्थान, दाखिला ले लिया तो समझो सेट है लाइफ, यहां देखें लिस्ट
दिल्ली के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और किताबें पढ़ने के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, दिल्ली में एनडीएमसी ने उद्यान मार्ग पर अत्याधुनिक जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी शुरू की है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया.
लाइब्रेरी में क्या-क्या मिलेगा?
यह लाइब्रेरी करीब 2265 वर्गमीटर में बनी है और यहां एक साथ करीब 200 लोग बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं. यहां 35 हजार से ज्यादा किताबें, शोध पत्रिकाएं और संदर्भ पुस्तकें मौजूद हैं. इसके अलावा ई-लाइब्रेरी के जरिए 1 करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स पढ़ने की सुविधा भी इस लाइब्रेरी में मिलेगी.
लाइब्रेरी में आधुनिक रीडिंग एरिया, रिसर्च सेंटर, बच्चों के लिए अलग किड्स जोन, मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम, फ्री वाई-फाई और आरएफआईडी आधारित बुक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं. इसे नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से भी जोड़ा जाएगा.
गृहमंत्री ने कही यह बात
अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य खेती, बाजार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में पढ़ने आने वाले युवाओं से तय होता है. उन्होंने कहा कि किताबें पढ़ने से सोचने और समझने की क्षमता बढ़ती है, इसलिए हर युवा को किसी न किसी पुस्तकालय से जरूर जुड़ना चाहिए.
उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके शहर की लाइब्रेरी ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला. बचपन में कहानी की किताबें पढ़ते-पढ़ते उनकी रुचि वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए, क्योंकि सही सोच किताबों से ही आती है.
उन्होंने दिल्ली सरकार से अपील की कि राजधानी के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को आपस में जोड़ा जाए और उन्हें स्कूलों से भी कनेक्ट किया जाए. उन्होंने जयप्रकाश नारायण लाइब्रेरी के कर्मचारियों से कहा कि वे आसपास के स्कूलों के छात्रों को लाइब्रेरी आने के लिए प्रेरित करें, ताकि युवाओं में पढ़ने की आदत बढ़े.
छात्रों के लिए बड़ी सुविधा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह लाइब्रेरी दिल्ली के युवाओं और छात्रों के लिए बड़ी सौगात है. खासकर यूपीएससी और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को यहां बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह लाइब्रेरी युवाओं को अपने सपने पूरे करने में मदद करेगी.
एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र ने बताया कि यह लाइब्रेरी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की याद में बनाई गई है. वहीं, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह लाइब्रेरी आने वाले समय में युवाओं के लिए पढ़ाई, रिसर्च और नई सोच का बड़ा केंद्र बनेगी.
ये भी पढ़ें: ये हैं देश के टॉप IIM संस्थान, दाखिला ले लिया तो समझो सेट है लाइफ, यहां देखें लिस्ट
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