दिन में कितनी कॉफी पी सकते हैं, क्या कहते हैं डॉक्टर?

सुबह उठते ही कॉफी पीना कई लोगों की रोज की आदत होती है. काम के दौरान थकान महसूस होने पर भी लोग एक कप कॉफी पी लेते हैं. कॉफी में कैफीन होता है, जो कुछ समय के लिए शरीर को ज्यादा एक्टिव और दिमाग को सतर्क रखने में मदद करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दिनभर में जितनी चाहें उतनी कॉफी पी जा सकती है. ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, नींद खराब होने और दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए कॉफी की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. दिन में कितनी कॉफी पीना ठीक है अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए दिन में कुल 400 मिलीग्राम तक कैफीन आमतौर पर नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा नहीं होता. यह मात्रा लगभग 2 से 4 कप कॉफी के बराबर हो सकती है, लेकिन कॉफी में कैफीन की मात्रा उसके प्रकार और बनाने के तरीके पर निर्भर करती है. इसलिए हर कप में कैफीन की मात्रा एक जैसी नहीं होती. चाय, एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट और कुछ दवाओं से भी कैफीन शरीर में पहुंचता है. ऐसे में दिनभर में कैफीन के सभी स्रोतों को ध्यान में रखना जरूरी है. यह भी पढ़ें : Cancer Physiotherapy: कैंसर मरीजों को कैसे राहत पहुंचाती है फिजियोथैरेपी? यहां जानें ज्यादा कॉफी पीने से क्या परेशानी होती है कैफीन की मात्रा ज्यादा होने पर कुछ लोगों को बेचैनी, हाथ कांपना, सिरदर्द, पेट खराब होना और दिल की धड़कन तेज महसूस होने जैसी परेशानी हो सकती है. सबसे आम असर नींद पर पड़ता है. शाम या रात में ज्यादा कॉफी पीने से सोने में परेशानी हो सकती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है. हर व्यक्ति का शरीर कैफीन को अलग तरह से सहन करता है. कुछ लोगों को एक या दो कप के बाद भी परेशानी महसूस होती है, जबकि कुछ लोग ज्यादा मात्रा में भी ठीक महसूस करते हैं. इसलिए केवल कपों की संख्या के बजाय अपने शरीर पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है. किन लोगों को कॉफी को लेकर सावधानी रखनी चाहिए गर्भवती महिलाओं को कैफीन की मात्रा कम रखने की सलाह दी जाती है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार गर्भावस्था के दौरान रोज 200 मिलीग्राम से कम कैफीन लेना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. इसके अलावा जिन लोगों को नींद की समस्या, बेचैनी, दिल की धड़कन से जुड़ी परेशानी या कैफीन से संवेदनशीलता है, उन्हें कॉफी की मात्रा को लेकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. कॉफी पीते समय उसमें डाली जाने वाली चीनी और क्रीम की मात्रा पर भी ध्यान दें. अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार नींद खराब होती है या धड़कन तेज महसूस होती है, तो इसकी मात्रा कम करना बेहतर रहता है. यह भी पढ़ें : नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग, किस बीमारी का इशारा है यह आदत?

Sep 19, 2026 - 05:30
 0
दिन में कितनी कॉफी पी सकते हैं, क्या कहते हैं डॉक्टर?

सुबह उठते ही कॉफी पीना कई लोगों की रोज की आदत होती है. काम के दौरान थकान महसूस होने पर भी लोग एक कप कॉफी पी लेते हैं. कॉफी में कैफीन होता है, जो कुछ समय के लिए शरीर को ज्यादा एक्टिव और दिमाग को सतर्क रखने में मदद करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दिनभर में जितनी चाहें उतनी कॉफी पी जा सकती है. ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, नींद खराब होने और दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए कॉफी की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.

दिन में कितनी कॉफी पीना ठीक है

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए दिन में कुल 400 मिलीग्राम तक कैफीन आमतौर पर नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा नहीं होता. यह मात्रा लगभग 2 से 4 कप कॉफी के बराबर हो सकती है, लेकिन कॉफी में कैफीन की मात्रा उसके प्रकार और बनाने के तरीके पर निर्भर करती है. इसलिए हर कप में कैफीन की मात्रा एक जैसी नहीं होती. चाय, एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट और कुछ दवाओं से भी कैफीन शरीर में पहुंचता है. ऐसे में दिनभर में कैफीन के सभी स्रोतों को ध्यान में रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें : Cancer Physiotherapy: कैंसर मरीजों को कैसे राहत पहुंचाती है फिजियोथैरेपी? यहां जानें

ज्यादा कॉफी पीने से क्या परेशानी होती है

कैफीन की मात्रा ज्यादा होने पर कुछ लोगों को बेचैनी, हाथ कांपना, सिरदर्द, पेट खराब होना और दिल की धड़कन तेज महसूस होने जैसी परेशानी हो सकती है. सबसे आम असर नींद पर पड़ता है. शाम या रात में ज्यादा कॉफी पीने से सोने में परेशानी हो सकती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है. हर व्यक्ति का शरीर कैफीन को अलग तरह से सहन करता है. कुछ लोगों को एक या दो कप के बाद भी परेशानी महसूस होती है, जबकि कुछ लोग ज्यादा मात्रा में भी ठीक महसूस करते हैं. इसलिए केवल कपों की संख्या के बजाय अपने शरीर पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है.

किन लोगों को कॉफी को लेकर सावधानी रखनी चाहिए

गर्भवती महिलाओं को कैफीन की मात्रा कम रखने की सलाह दी जाती है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार गर्भावस्था के दौरान रोज 200 मिलीग्राम से कम कैफीन लेना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. इसके अलावा जिन लोगों को नींद की समस्या, बेचैनी, दिल की धड़कन से जुड़ी परेशानी या कैफीन से संवेदनशीलता है, उन्हें कॉफी की मात्रा को लेकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. कॉफी पीते समय उसमें डाली जाने वाली चीनी और क्रीम की मात्रा पर भी ध्यान दें. अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार नींद खराब होती है या धड़कन तेज महसूस होती है, तो इसकी मात्रा कम करना बेहतर रहता है.

यह भी पढ़ें : नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग, किस बीमारी का इशारा है यह आदत?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow