त्योहार का तेज शोर दिल के लिए भी खतरनाक, डॉक्टरों ने दी सलाह

भारत में त्योहारों के दौरान काफी उत्साह रहता है. त्योहारों का मतलब ही खुशी उत्साह और उमंग होता है और ऐसे माहोल में संगीत खासतौर पर रहता है. इस दौरान DJ, लाउडस्पीकर, ढोल और पटाखों की आवाज भी सुनाई देती है. पर ये आवाज आपकी सेहत पर भी असर डाल सकती है. त्योहार में तेज DJ और पटाखों की आवाज से दिल पर असर पड़ सकता है. इसलिए बहुत ज्यादा तेज आवाज को हल्के में लेना आपकी सेहत के लिए सही नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक अचानक और तेज शोर शरीर के लिए तनाव की तरह काम कर सकता है.   तेज आवाज से शरीर में बढ़ सकता है तनाव त्योहारों पर कई ऐसे मौको पर अचानक बहुत तेज आवाज सुनने पर शरीर तुरंत अलर्ट हो जाता है. इस दौरान तनाव से जुड़े हार्मोन शरीर में बढ़ जाते हैं, जिससे कुछ समय के लिए अचानक दिल की धड़कन तेज हो जाती है. और इसके कारण और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है. अगर त्योहार के दौरान लगातार कई घंटे तक बहुत तेज आवाज में रहना पड़े तो शरीर पर इसका दबाव और बढ़ सकता है. इसलिए ऐसे मौको के दौरान आवाज को जरूरत से ज्यादा तेज नहीं रखना चाहिए.  दिल की बीमारी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, हार्ट फेलियर या दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या है, उन्हें खासकर तेज शोर से  बचना चाहिए उन्हें ज्यादा शोर से अधिक परेशानी हो सकती है. अचानक तेज DJ या पटाखों की आवाज ऐसे लोगों में तनाव बढ़ा सकती है और दिल पर काम का दबाव बढ़ सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को बहुत ज्यादा शोर वाली जगह पर लंबे समय तक खड़े रहने से बचना चाहिए. यह भी पढ़ें : पीरियड में हो रहा सामान्य से तेज दर्द? एंडोमेट्रियोसिस के हो सकते हैं संकेत  रात का तेज शोर नींद भी बिगाड़ सकता है त्योहारों में कई बार देर रात तक DJ, लाउडस्पीकर और पटाखों की आवाज आती रहती है. इससे लोगों की नींद भी अचानक बार-बार टूट जाती है या उन्हें ठीक से नींद ही नहीं आती. नींद पूरी न होने पर शरीर में तनाव बढ़ जाता है और ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ता है. लंबे समय तक नींद न आने पर दिल की सेहत पर भी इसका बुरा असर हो सकता है.  बुजुर्गों और बीमार लोगों को शोर से रखें दूर तेज आवाज का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. बुजुर्गों और पहले से दिल, ब्लड प्रेशर या दूसरी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है. ऐसे समय में उन्हें तेज DJ या पटाखों वाली जगह से थोड़ी दूरी पर रखना बेहतर है. अगर घर के आसपास बहुत ज्यादा शोर हो रहा है तो कुछ समय के लिए शांत कमरे में रहे.  त्योहार मनाएं, लेकिन आवाज का रखें ध्यान डॉक्टरों की सलाह का मतलब यह नहीं है कि त्योहारों पर संगीत बंद कर दिया जाए. जरूरत इस बात की है कि आवाज को इतना तेज न किया जाए कि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होने लगे. DJ और लाउडस्पीकर की आवाज कम रखना, देर रात तक तेज शोर से बचना और अस्पतालों, बुजुर्गों के घरों जैसी जगहों के आसपास खास सावधानी रखना बेहतर है. इससे त्योहार की खुशी भी बनी रहेगी और दूसरे लोगों की नींद व सेहत पर भी कम असर पड़ेगा. लगातार या बहुत ज्यादा शोर से बचना दिल की सेहत के लिए भी अच्छा कदम है. यह भी पढ़ें : 20-30 की उम्र में भी कैंसर का खतरा, इन संकेतों को मामूली समझने की गलती न करें

Sep 15, 2026 - 13:30
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त्योहार का तेज शोर दिल के लिए भी खतरनाक, डॉक्टरों ने दी सलाह

भारत में त्योहारों के दौरान काफी उत्साह रहता है. त्योहारों का मतलब ही खुशी उत्साह और उमंग होता है और ऐसे माहोल में संगीत खासतौर पर रहता है. इस दौरान DJ, लाउडस्पीकर, ढोल और पटाखों की आवाज भी सुनाई देती है. पर ये आवाज आपकी सेहत पर भी असर डाल सकती है. त्योहार में तेज DJ और पटाखों की आवाज से दिल पर असर पड़ सकता है. इसलिए बहुत ज्यादा तेज आवाज को हल्के में लेना आपकी सेहत के लिए सही नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक अचानक और तेज शोर शरीर के लिए तनाव की तरह काम कर सकता है. 

 तेज आवाज से शरीर में बढ़ सकता है तनाव

त्योहारों पर कई ऐसे मौको पर अचानक बहुत तेज आवाज सुनने पर शरीर तुरंत अलर्ट हो जाता है. इस दौरान तनाव से जुड़े हार्मोन शरीर में बढ़ जाते हैं, जिससे कुछ समय के लिए अचानक दिल की धड़कन तेज हो जाती है. और इसके कारण और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है. अगर त्योहार के दौरान लगातार कई घंटे तक बहुत तेज आवाज में रहना पड़े तो शरीर पर इसका दबाव और बढ़ सकता है. इसलिए ऐसे मौको के दौरान आवाज को जरूरत से ज्यादा तेज नहीं रखना चाहिए.

 दिल की बीमारी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए

जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, हार्ट फेलियर या दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या है, उन्हें खासकर तेज शोर से  बचना चाहिए उन्हें ज्यादा शोर से अधिक परेशानी हो सकती है. अचानक तेज DJ या पटाखों की आवाज ऐसे लोगों में तनाव बढ़ा सकती है और दिल पर काम का दबाव बढ़ सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को बहुत ज्यादा शोर वाली जगह पर लंबे समय तक खड़े रहने से बचना चाहिए.

यह भी पढ़ें : पीरियड में हो रहा सामान्य से तेज दर्द? एंडोमेट्रियोसिस के हो सकते हैं संकेत

 रात का तेज शोर नींद भी बिगाड़ सकता है

त्योहारों में कई बार देर रात तक DJ, लाउडस्पीकर और पटाखों की आवाज आती रहती है. इससे लोगों की नींद भी अचानक बार-बार टूट जाती है या उन्हें ठीक से नींद ही नहीं आती. नींद पूरी न होने पर शरीर में तनाव बढ़ जाता है और ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ता है. लंबे समय तक नींद न आने पर दिल की सेहत पर भी इसका बुरा असर हो सकता है.

 बुजुर्गों और बीमार लोगों को शोर से रखें दूर

तेज आवाज का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. बुजुर्गों और पहले से दिल, ब्लड प्रेशर या दूसरी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है. ऐसे समय में उन्हें तेज DJ या पटाखों वाली जगह से थोड़ी दूरी पर रखना बेहतर है. अगर घर के आसपास बहुत ज्यादा शोर हो रहा है तो कुछ समय के लिए शांत कमरे में रहे.

 त्योहार मनाएं, लेकिन आवाज का रखें ध्यान

डॉक्टरों की सलाह का मतलब यह नहीं है कि त्योहारों पर संगीत बंद कर दिया जाए. जरूरत इस बात की है कि आवाज को इतना तेज न किया जाए कि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होने लगे. DJ और लाउडस्पीकर की आवाज कम रखना, देर रात तक तेज शोर से बचना और अस्पतालों, बुजुर्गों के घरों जैसी जगहों के आसपास खास सावधानी रखना बेहतर है. इससे त्योहार की खुशी भी बनी रहेगी और दूसरे लोगों की नींद व सेहत पर भी कम असर पड़ेगा. लगातार या बहुत ज्यादा शोर से बचना दिल की सेहत के लिए भी अच्छा कदम है.

यह भी पढ़ें : 20-30 की उम्र में भी कैंसर का खतरा, इन संकेतों को मामूली समझने की गलती न करें

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