तकिया मोड़कर सोते हैं, ये आदत खराब कर सकती है आपकी सेहत
रात में आराम से सोने के लिए हर कोई अपनी पसंद का तरीका अपनाता है. कुछ लोगों को पतला तकिया पसंद होता है तो कुछ लोग तकिए को मोड़कर या उसके नीचे दूसरा तकिया रखकर सोते हैं. ऐसा करने से शुरुआत में आराम महसूस होता है, लेकिन लंबे समय तक गलत तरीके से सोने की आदत शरीर के लिए परेशानी पैदा करती है. तकिया बहुत ऊंचा होने पर गर्दन अपनी सही स्थिति में नहीं रहती. इससे सुबह उठने पर गर्दन में दर्द, कंधों में खिंचाव और सिर भारी लगने जैसी परेशानी महसूस होती है. गर्दन पर पड़ता है ज्यादा दबाव जब तकिए को मोड़कर बहुत ऊंचा कर लिया जाता है तो सोते समय गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है. इस स्थिति में गर्दन की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर रोज इसी तरह सोया जाए तो सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न और दर्द रहने लगता है. कई बार यह दर्द कंधों और पीठ तक भी पहुंच जाता है. खासकर पेट के बल सोने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में गर्दन पहले ही एक तरफ मुड़ी रहती है. सही तकिया वही है जो सोते समय सिर और गर्दन को शरीर के बाकी हिस्से के साथ सीधी स्थिति में रखने में मदद करे. यह भी पढ़ें : रात को बीच में अचानक खुल रही नींद? इस बीमारी का है संकेत नींद भी हो सकती है खराब तकिया बहुत ऊंचा होने पर शरीर को सोने के लिए सही स्थिति नहीं मिलती. इससे बार-बार करवट बदलने की जरूरत पड़ती है और नींद टूट सकती है. कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद थकान भी महसूस होती है, भले ही उन्होंने कई घंटे सोया हो. अगर तकिया बहुत नरम है और सिर उसमें ज्यादा धंस जाता है, तब भी गर्दन की स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए तकिया चुनते समय केवल उसकी मोटाई नहीं, बल्कि आराम और गर्दन की सही स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए. हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया सही नहीं होता. कैसे रखें तकिया सही सोते समय तकिया इतना ऊंचा नहीं होना चाहिए कि सिर शरीर से बहुत ऊपर उठ जाए. करवट लेकर सोने वालों को ऐसा तकिया रखना चाहिए जो सिर और गर्दन के बीच की जगह को ठीक से भर सके. पीठ के बल सोने पर आमतौर पर बहुत ऊंचे तकिए की जरूरत नहीं होती. अगर तकिया मोड़कर सोने की आदत है, तो धीरे-धीरे उसकी ऊंचाई कम की जा सकती है. तकिया बदलने के बाद भी अगर गर्दन या कंधे में लगातार दर्द रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. सही तरीके से सोना शरीर को आराम देने के साथ दिनभर की थकान कम करने में भी मदद करता है. यह भी पढ़ें : बाजार में मिली नकली रेबीज वैक्सीन की खेप! लोगों में मचा हड़कंप- ऐसे हुआ खुलासा
रात में आराम से सोने के लिए हर कोई अपनी पसंद का तरीका अपनाता है. कुछ लोगों को पतला तकिया पसंद होता है तो कुछ लोग तकिए को मोड़कर या उसके नीचे दूसरा तकिया रखकर सोते हैं. ऐसा करने से शुरुआत में आराम महसूस होता है, लेकिन लंबे समय तक गलत तरीके से सोने की आदत शरीर के लिए परेशानी पैदा करती है. तकिया बहुत ऊंचा होने पर गर्दन अपनी सही स्थिति में नहीं रहती. इससे सुबह उठने पर गर्दन में दर्द, कंधों में खिंचाव और सिर भारी लगने जैसी परेशानी महसूस होती है.
गर्दन पर पड़ता है ज्यादा दबाव
जब तकिए को मोड़कर बहुत ऊंचा कर लिया जाता है तो सोते समय गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है. इस स्थिति में गर्दन की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर रोज इसी तरह सोया जाए तो सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न और दर्द रहने लगता है. कई बार यह दर्द कंधों और पीठ तक भी पहुंच जाता है. खासकर पेट के बल सोने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में गर्दन पहले ही एक तरफ मुड़ी रहती है. सही तकिया वही है जो सोते समय सिर और गर्दन को शरीर के बाकी हिस्से के साथ सीधी स्थिति में रखने में मदद करे.
यह भी पढ़ें : रात को बीच में अचानक खुल रही नींद? इस बीमारी का है संकेत
नींद भी हो सकती है खराब
तकिया बहुत ऊंचा होने पर शरीर को सोने के लिए सही स्थिति नहीं मिलती. इससे बार-बार करवट बदलने की जरूरत पड़ती है और नींद टूट सकती है. कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद थकान भी महसूस होती है, भले ही उन्होंने कई घंटे सोया हो. अगर तकिया बहुत नरम है और सिर उसमें ज्यादा धंस जाता है, तब भी गर्दन की स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए तकिया चुनते समय केवल उसकी मोटाई नहीं, बल्कि आराम और गर्दन की सही स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए. हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया सही नहीं होता.
कैसे रखें तकिया सही
सोते समय तकिया इतना ऊंचा नहीं होना चाहिए कि सिर शरीर से बहुत ऊपर उठ जाए. करवट लेकर सोने वालों को ऐसा तकिया रखना चाहिए जो सिर और गर्दन के बीच की जगह को ठीक से भर सके. पीठ के बल सोने पर आमतौर पर बहुत ऊंचे तकिए की जरूरत नहीं होती. अगर तकिया मोड़कर सोने की आदत है, तो धीरे-धीरे उसकी ऊंचाई कम की जा सकती है. तकिया बदलने के बाद भी अगर गर्दन या कंधे में लगातार दर्द रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. सही तरीके से सोना शरीर को आराम देने के साथ दिनभर की थकान कम करने में भी मदद करता है.
यह भी पढ़ें : बाजार में मिली नकली रेबीज वैक्सीन की खेप! लोगों में मचा हड़कंप- ऐसे हुआ खुलासा
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