डिफेंस सेक्टर की कंपनी ने साइन की 425 करोड़ की डील, मजबूत होगी देश की नौसेना; शेयर पर भी असर
Bharat Forge 425 Crore Deal: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Forge Limited देश के रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है. इसके तहत, कंपनी भारतीय नौसेना के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर करेगी. इस डील को कंपनी के लिए बहुत अहम माना जा रहा है और इसका असर आने वाले हफ्ते में इसके शेयरों पर भी दिख सकता है. 425 करोड़ की इस डील के तहत भारत फोर्ज भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (Marine Gas Turbine Generators- GTGs) बनाकर सप्लाई करेगी. इन जेनरेटरों का इस्तेमाल कोलकाता क्लास युद्धपोतों के पावर सिस्टम को बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जहां ये बिजली उत्पादन का काम करेंगे. रूसी तकनीक को किया जाएगा रिप्लेस मौजूदा समय में इन युद्धपोतों पर बिजली और सेंसर प्रणालियों को चलाने के लिए 1980 के दशक की कम क्षमता वाले रूसी जनरेटर सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. इसे अब भारत फोर्ज की स्वदेशी उच्च-क्षमता वाली प्रणालियों से रिप्लेस किया जाएगा. कंपनी की 1.25 मेगावाट की क्षमता वाली मशीनों से जहाजों की ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ेगी. इस प्रोजेक्ट को अगले पांच सालों में पूरा किया जाना है. MoD signed a Rs 425 crore contract with @BharatForgeLtd for 12 indigenous 1.25 MW Marine Gas Turbine Generators for the @indiannavy. The deal boosts #AatmanirbharBharat, strengthens naval self-reliance and enhances operational readiness. Read here: https://t.co/NQjD88LnfF pic.twitter.com/7B1zlTMN0H — Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) June 19, 2026 क्यों जरूरी मानी जा रही यह डील? रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट 'बाय (इंडियन)' कैटेगरी के तहत साइन किया गया है और इसमें कम से कम 60% सामान देश में बना होना जरूरी है. यह समझौता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया. यह कॉन्ट्रैक्ट नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट के स्वदेशी मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के साथ ही 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देगा. मंत्रालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद नौसेना की अहम टेक्नोलॉजी में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना और सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल को आगे बढ़ाना है. मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर का इस्तेमाल नौसेना के युद्धपोतों पर बिजली बनाने के लिए किया जाता है और ये अहम कॉम्बैट सिस्टम, एडवांस्ड हथियारों और ऑनबोर्ड सेंसर को सपोर्ट करते हैं. मंत्रालय ने इन जनरेटरों को आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों का एक अहम हिस्सा बताया. शेयरों में उछाल शुक्रवार, 19 जून को भारत फोर्ज के शेयर 1.06% की बढ़त के साथ 2041.40 के स्तर पर बंद हुए. डिफेंस मिनिस्ट्री से कंपनी को मिले 425 करोड़ के ऑर्डर के बाद इसने 2059.50 के अपने नए ऑल-टाइम और 52-वीक के हाई को भी टच किया. लगभग 97597 करोड़ की इस कंपनी के शेयर आगे आने वाले समय में भी फोकस में रहेंगे. ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz: 11 दिन बाद नॉर्मल होगा होर्मुज, LPG या तेल, कौन-से जहाज पहले आएंगे भारत? ये है सरकार का प्लान
Bharat Forge 425 Crore Deal: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Forge Limited देश के रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है. इसके तहत, कंपनी भारतीय नौसेना के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर करेगी. इस डील को कंपनी के लिए बहुत अहम माना जा रहा है और इसका असर आने वाले हफ्ते में इसके शेयरों पर भी दिख सकता है.
425 करोड़ की इस डील के तहत भारत फोर्ज भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (Marine Gas Turbine Generators- GTGs) बनाकर सप्लाई करेगी. इन जेनरेटरों का इस्तेमाल कोलकाता क्लास युद्धपोतों के पावर सिस्टम को बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जहां ये बिजली उत्पादन का काम करेंगे.
रूसी तकनीक को किया जाएगा रिप्लेस
मौजूदा समय में इन युद्धपोतों पर बिजली और सेंसर प्रणालियों को चलाने के लिए 1980 के दशक की कम क्षमता वाले रूसी जनरेटर सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. इसे अब भारत फोर्ज की स्वदेशी उच्च-क्षमता वाली प्रणालियों से रिप्लेस किया जाएगा. कंपनी की 1.25 मेगावाट की क्षमता वाली मशीनों से जहाजों की ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ेगी. इस प्रोजेक्ट को अगले पांच सालों में पूरा किया जाना है.
MoD signed a Rs 425 crore contract with @BharatForgeLtd for 12 indigenous 1.25 MW Marine Gas Turbine Generators for the @indiannavy. The deal boosts #AatmanirbharBharat, strengthens naval self-reliance and enhances operational readiness.
Read here: https://t.co/NQjD88LnfF pic.twitter.com/7B1zlTMN0H — Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) June 19, 2026
क्यों जरूरी मानी जा रही यह डील?
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट 'बाय (इंडियन)' कैटेगरी के तहत साइन किया गया है और इसमें कम से कम 60% सामान देश में बना होना जरूरी है. यह समझौता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया. यह कॉन्ट्रैक्ट नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट के स्वदेशी मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के साथ ही 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देगा.
मंत्रालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद नौसेना की अहम टेक्नोलॉजी में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना और सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल को आगे बढ़ाना है. मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर का इस्तेमाल नौसेना के युद्धपोतों पर बिजली बनाने के लिए किया जाता है और ये अहम कॉम्बैट सिस्टम, एडवांस्ड हथियारों और ऑनबोर्ड सेंसर को सपोर्ट करते हैं. मंत्रालय ने इन जनरेटरों को आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों का एक अहम हिस्सा बताया.
शेयरों में उछाल
शुक्रवार, 19 जून को भारत फोर्ज के शेयर 1.06% की बढ़त के साथ 2041.40 के स्तर पर बंद हुए. डिफेंस मिनिस्ट्री से कंपनी को मिले 425 करोड़ के ऑर्डर के बाद इसने 2059.50 के अपने नए ऑल-टाइम और 52-वीक के हाई को भी टच किया. लगभग 97597 करोड़ की इस कंपनी के शेयर आगे आने वाले समय में भी फोकस में रहेंगे.
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