जामिया हॉस्टल के खाने में निकले कीड़े, स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने मेस के खाने की खराब क्वालिटी को लेकर भारी हंगामा किया. छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, उसमें कीड़े और इल्लियां निकल रही हैं. इस बात से नाराज सैकड़ों छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आईं और यूनिवर्सिटी के सेंटेनरी गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि खराब खाना खाने की वजह से हॉस्टल की कई लड़कियां बीमार पड़ चुकी हैं. कुछ छात्राओं को फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. छात्राओं का कहना है कि वे भारी-भरकम हॉस्टल फीस देती हैं, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा खाना दिया जा रहा है जो सेहत के लिए खतरनाक है. सुरक्षा और बदसलूकी को लेकर भी नाराजगी खाने में कीड़े मिलने के अलावा छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा और मेस स्टाफ के बर्ताव पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. लड़कियों का आरोप है कि जब भी वे मेस के पुरुष कर्मचारियों से खाने की शिकायत करती थीं, तो वे ठीक से बात नहीं करते थे और छात्राओं के साथ बदतमीजी की जाती थी. इसके साथ ही, छात्राओं ने हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों की एंट्री को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि गर्ल्स हॉस्टल के अंदर पुरुषों का बार-बार आना-जाना उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है, इसलिए मेस के अंदर सिर्फ महिला कर्मचारियों को ही रखा जाना चाहिए ताकि छात्राओं की प्राइवेसी और सुरक्षा बनी रहे. यह भी पढ़ें: DUSU छात्रसंघ अध्यक्ष को क्या सुविधाएं मिलती हैं, क्या सैलरी भी मिलती है? प्रशासन ने मानी मांगें जब छात्राओं का प्रदर्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया और मीडिया में यह खबर आने लगी, तब जामिया प्रशासन हरकत में आया. वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकारियों की एक टीम प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बात करने पहुंची. शुरुआत में छात्राओं और प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन लड़कियां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं. आखिरकार, प्रशासन को छात्राओं के सामने झुकना पड़ा और उनकी सभी मुख्य मांगों को लिखित में स्वीकार करना पड़ा. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान मेस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म किया जाएगा और नए ठेकेदार को काम दिया जाएगा. साथ ही, मेस के अंदर साफ-सफाई पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्राओं की सुविधा के लिए केवल महिला स्टाफ की ही तैनाती की जाएगी. यह भी पढ़ें: BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े-लिखे? जानें उनकी डिग्री
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने मेस के खाने की खराब क्वालिटी को लेकर भारी हंगामा किया. छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, उसमें कीड़े और इल्लियां निकल रही हैं. इस बात से नाराज सैकड़ों छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आईं और यूनिवर्सिटी के सेंटेनरी गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि खराब खाना खाने की वजह से हॉस्टल की कई लड़कियां बीमार पड़ चुकी हैं. कुछ छात्राओं को फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. छात्राओं का कहना है कि वे भारी-भरकम हॉस्टल फीस देती हैं, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा खाना दिया जा रहा है जो सेहत के लिए खतरनाक है.
सुरक्षा और बदसलूकी को लेकर भी नाराजगी
खाने में कीड़े मिलने के अलावा छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा और मेस स्टाफ के बर्ताव पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. लड़कियों का आरोप है कि जब भी वे मेस के पुरुष कर्मचारियों से खाने की शिकायत करती थीं, तो वे ठीक से बात नहीं करते थे और छात्राओं के साथ बदतमीजी की जाती थी. इसके साथ ही, छात्राओं ने हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों की एंट्री को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि गर्ल्स हॉस्टल के अंदर पुरुषों का बार-बार आना-जाना उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है, इसलिए मेस के अंदर सिर्फ महिला कर्मचारियों को ही रखा जाना चाहिए ताकि छात्राओं की प्राइवेसी और सुरक्षा बनी रहे.
यह भी पढ़ें: DUSU छात्रसंघ अध्यक्ष को क्या सुविधाएं मिलती हैं, क्या सैलरी भी मिलती है?
प्रशासन ने मानी मांगें
जब छात्राओं का प्रदर्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया और मीडिया में यह खबर आने लगी, तब जामिया प्रशासन हरकत में आया. वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकारियों की एक टीम प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बात करने पहुंची. शुरुआत में छात्राओं और प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन लड़कियां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं. आखिरकार, प्रशासन को छात्राओं के सामने झुकना पड़ा और उनकी सभी मुख्य मांगों को लिखित में स्वीकार करना पड़ा.
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान मेस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म किया जाएगा और नए ठेकेदार को काम दिया जाएगा. साथ ही, मेस के अंदर साफ-सफाई पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्राओं की सुविधा के लिए केवल महिला स्टाफ की ही तैनाती की जाएगी.
यह भी पढ़ें: BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े-लिखे? जानें उनकी डिग्री
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