जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं कि कमजोरी न हो? जानें हेल्थ टिप्स

जन्माष्टमी का पर्व देशभर में बड़ी श्रध्दा के साथ मनाया जाता है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रध्दालु व्रत रखते हैं. कई लोग निर्जला व्रत रखते हैं तो कई फलआहार के सहारे दिनभर का उपवास पूरा करते हैं. लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में अगर व्रत के दौरान सही खान-पान का ध्यान रखा जाए, तो पूजा-पाठ के साथ-साथ सेहत भी बनी रह सकती है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी व्रत में किन चीजों का सेवन फायदेमंद रहता है.  व्रत शुरू करने से पहले लें हल्का आहार जन्माष्टमी का व्रत आमतौर पर लंबा होता है, इसलिए व्रत शुरू करने से पहले हल्का और पौष्टिक आहार लेना बेहतर माना जाता है. इसलिए शरीर को दिनभर के लिए जरूरी ऊर्जा मिल जाती है. भारी और तला-भुना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट में भारीपन महसूस हो सकता है.  फलों के सेवन करें व्रत के दौरान फलों का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है. केला, सेब, अनार और पपीता जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं. इनमें प्राकृतिक शुगर भी होती है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती. फलों को थोड़ी-थोड़ी देर में खाने से भूख भी नियंत्रित रहती है.  साबूदाना और कुट्टू के आटे से बनी चीजें व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा और कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी या पराठा जैसी चीजें भी खाई जाती हैं. साबूदाना शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, जबकी कुट्टू का आटा प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्त्रोत माना जाता है. हालांकि इन्हें बहुत ज्यादा तेल या घी में तलकर खाने से बचना चाहिए, ताकि पेट पर असर न पड़े.  दही और मखाना भी हैं अच्छे विकल्प व्रत के दौरान दही खाना पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. इसके अलावा मखाना भी हल्का और पौष्टिक नाश्ता माना जाता है, जिसे घी में हल्का भूनकर खाया जा सकता है. मखाने में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होती है.  यह भी पढ़ें: स्क्रीनशॉट लेने की आदत से घट रही है आपकी याददाश्त, नई रिसर्च में खुलासा पानी की न करें कमी जो लोग निर्जला व्रत नहीं रखते, उन्हें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. इसके अलावा नारियल पानी, नीबूं पानी और छाछ जैसे तरल पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. शरीर में पानी की कमी होने से ही ज्यादातर कमजोरी और चक्कर आने की समस्या होती है, इसलिए तरल पदार्थ का सेवन बीच-बीच में करते रहना चाहिए.  व्रत खोलते समय बरतें सावधानी लंबे व्रत के बाद अचानक भारी और तला हुआ खाना खाने से बचना चाहिए. व्रत खोलते समय सबसे पहले हल्का फलाहार या तरल पदार्थ लेना चाहिए, इसके बाद ही धीरे-धीरे सामान्य भोजन शुरू करना चाहिए. इससे पाचन तंत्र पर अचानक दबाव नहीं पड़ता और शरीर आसानी से सामान्य दिनचर्या में लौट पाता है. जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं.  यह भी पढ़ें: हमेशा अकेले खाना खाते हैं? जानें कैसे मेंटल हेल्थ बिगाड़ती है ये आदत

Sep 2, 2026 - 19:30
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जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं कि कमजोरी न हो? जानें हेल्थ टिप्स

जन्माष्टमी का पर्व देशभर में बड़ी श्रध्दा के साथ मनाया जाता है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रध्दालु व्रत रखते हैं. कई लोग निर्जला व्रत रखते हैं तो कई फलआहार के सहारे दिनभर का उपवास पूरा करते हैं. लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में अगर व्रत के दौरान सही खान-पान का ध्यान रखा जाए, तो पूजा-पाठ के साथ-साथ सेहत भी बनी रह सकती है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी व्रत में किन चीजों का सेवन फायदेमंद रहता है. 

व्रत शुरू करने से पहले लें हल्का आहार

जन्माष्टमी का व्रत आमतौर पर लंबा होता है, इसलिए व्रत शुरू करने से पहले हल्का और पौष्टिक आहार लेना बेहतर माना जाता है. इसलिए शरीर को दिनभर के लिए जरूरी ऊर्जा मिल जाती है. भारी और तला-भुना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट में भारीपन महसूस हो सकता है. 

फलों के सेवन करें

व्रत के दौरान फलों का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है. केला, सेब, अनार और पपीता जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं. इनमें प्राकृतिक शुगर भी होती है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती. फलों को थोड़ी-थोड़ी देर में खाने से भूख भी नियंत्रित रहती है. 

साबूदाना और कुट्टू के आटे से बनी चीजें

व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा और कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी या पराठा जैसी चीजें भी खाई जाती हैं. साबूदाना शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, जबकी कुट्टू का आटा प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्त्रोत माना जाता है. हालांकि इन्हें बहुत ज्यादा तेल या घी में तलकर खाने से बचना चाहिए, ताकि पेट पर असर न पड़े. 

दही और मखाना भी हैं अच्छे विकल्प

व्रत के दौरान दही खाना पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. इसके अलावा मखाना भी हल्का और पौष्टिक नाश्ता माना जाता है, जिसे घी में हल्का भूनकर खाया जा सकता है. मखाने में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होती है. 

यह भी पढ़ें: स्क्रीनशॉट लेने की आदत से घट रही है आपकी याददाश्त, नई रिसर्च में खुलासा

पानी की न करें कमी

जो लोग निर्जला व्रत नहीं रखते, उन्हें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. इसके अलावा नारियल पानी, नीबूं पानी और छाछ जैसे तरल पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. शरीर में पानी की कमी होने से ही ज्यादातर कमजोरी और चक्कर आने की समस्या होती है, इसलिए तरल पदार्थ का सेवन बीच-बीच में करते रहना चाहिए. 

व्रत खोलते समय बरतें सावधानी

लंबे व्रत के बाद अचानक भारी और तला हुआ खाना खाने से बचना चाहिए. व्रत खोलते समय सबसे पहले हल्का फलाहार या तरल पदार्थ लेना चाहिए, इसके बाद ही धीरे-धीरे सामान्य भोजन शुरू करना चाहिए. इससे पाचन तंत्र पर अचानक दबाव नहीं पड़ता और शरीर आसानी से सामान्य दिनचर्या में लौट पाता है. जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं. 

यह भी पढ़ें: हमेशा अकेले खाना खाते हैं? जानें कैसे मेंटल हेल्थ बिगाड़ती है ये आदत

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