चंद्र वागु नदी में उफान से तबाही, हैदराबाद-श्रीशैलम हाईवे बाढ़ के पानी में डूबा; आवागमन ठप
तेलंगाना में भारी बारिश के बाद नल्लमला पहाड़ियों से उफनती चंद्र वागु नदी ने राज्य में तबाही मचा दी है. जिसके चलते हैदराबाद-श्रीशैलम राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है. यह नदी अपने तटों से उफनकर आई है और उसका पानी अब हाईवे पर बह रहा है, जिससे यह महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्ग एक विशाल जलाशय में तब्दील हो गया है. स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस घटना को लेकर काफी दशा और परेशानी देखी जा रही है, क्योंकि यह मार्ग दोनों शहरों के बीच एकमात्र प्रमुख लिंक माना जाता है. चंद्र वागु नदी, जिसकी यह विनाशकारी लहर है, वास्तव में अचमपेत क्षेत्र की नल्लमला पहाड़ियों से उत्पन्न होती है. पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है और अपने साथ बड़ी मात्रा में मलबा और बाढ़ का पानी लेकर आई. यह पानी जब हाईवे तक पहुंचा तो सड़क का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया. इससे हाइवे के जरिए किसी भी तरह के वाहन को गुजरना असंभव हो गया है. वहीं, स्थानीय प्रशासन ने लोगों को इस मार्ग का उपयोग न करने की सलाह दी है और वैकल्पिक मार्गों की तलाश की जा रही है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों लोगों की यात्रा प्रभावित भौगोलिक दृष्टि से, चंद्र वागु नदी का यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है. यह नदी नल्लमला पहाड़ियों से निकलकर आगे बढ़ती है और डिंडी नदी में मिल जाती है. इसके बाद, यह दोनों नदियां मिलकर नागार्जुन सागर बांध के बैकवाटर में समा जाती हैं. वर्तमान में, बांध के जलस्तर पर भी इस बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है, लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी समस्या हाईवे पर बाढ़ का पानी भर जाना है, जिसने हजारों लोगों की यात्रा को प्रभावित किया है. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि राहत और बहाली का काम शुरू किया जा सके. यह भी पढे़ंः ‘न्याय की लड़ाई में हम आपके साथ’, सतारा में सुसाइड करने वाली लेडी डॉक्टर के परिवार से राहुल गांधी ने की बात
तेलंगाना में भारी बारिश के बाद नल्लमला पहाड़ियों से उफनती चंद्र वागु नदी ने राज्य में तबाही मचा दी है. जिसके चलते हैदराबाद-श्रीशैलम राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है. यह नदी अपने तटों से उफनकर आई है और उसका पानी अब हाईवे पर बह रहा है, जिससे यह महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्ग एक विशाल जलाशय में तब्दील हो गया है. स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस घटना को लेकर काफी दशा और परेशानी देखी जा रही है, क्योंकि यह मार्ग दोनों शहरों के बीच एकमात्र प्रमुख लिंक माना जाता है.
चंद्र वागु नदी, जिसकी यह विनाशकारी लहर है, वास्तव में अचमपेत क्षेत्र की नल्लमला पहाड़ियों से उत्पन्न होती है. पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है और अपने साथ बड़ी मात्रा में मलबा और बाढ़ का पानी लेकर आई. यह पानी जब हाईवे तक पहुंचा तो सड़क का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया. इससे हाइवे के जरिए किसी भी तरह के वाहन को गुजरना असंभव हो गया है. वहीं, स्थानीय प्रशासन ने लोगों को इस मार्ग का उपयोग न करने की सलाह दी है और वैकल्पिक मार्गों की तलाश की जा रही है.
नदियों का जलस्तर बढ़ने से हजारों लोगों की यात्रा प्रभावित
भौगोलिक दृष्टि से, चंद्र वागु नदी का यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है. यह नदी नल्लमला पहाड़ियों से निकलकर आगे बढ़ती है और डिंडी नदी में मिल जाती है. इसके बाद, यह दोनों नदियां मिलकर नागार्जुन सागर बांध के बैकवाटर में समा जाती हैं. वर्तमान में, बांध के जलस्तर पर भी इस बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है, लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी समस्या हाईवे पर बाढ़ का पानी भर जाना है, जिसने हजारों लोगों की यात्रा को प्रभावित किया है. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि राहत और बहाली का काम शुरू किया जा सके.
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