घर में रोज कर रहे हैं ये तीन गलतियां... ब्रेन डैमेज का बढ़ेगा रिस्क, डिमें​शिया और अल्जाइमर का भी खतरा

ब्रेन की हेल्थ को लेकर लापरवाही खतरनाक साबित हो रही है. लोग आसपास ऐसे टाॅ​क्सिन का यूज कर रहे हैं, जिसका असर सीधे ब्रेन फंक्शन पर देखने को मिल रहा है. डिमें​शिया की प्राॅब्लम तेजी से बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की मानें तो हर साल करीब 10 मिलियन नए केस इस प्राॅब्लम के सामने आ रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस ओर आगाह करते हुए कहा है कि अल्जाइमर डिजीज की चपेट में आ रहे हैं. आइए जानते हैं कि डेली लाइफ में ऐसी काैन सी ग​लतियां कर रहे हैं, जिससे ब्रेन हेल्थ पर असर पड़ रहा है. बढ़ रहा टाॅ​क्सिक लेवल  हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आज हम टाॅ​क्सिक माहाैल में रह रहे हैं, जिसका असर ब्रेन हेल्थ पर पड़ रहा है. वर्षों पहले की अपेक्षा आज के खाना, हवा और पानी में टाॅ​क्सिक कंपाउंड काफी हैं. ऐसे में अल्जामर डिजीज के केस बढ़ रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो तीन तरीकों से टाॅ​क्सिन का अ​धिकतर घरों में यूज किया जा रहा है, जो ब्रेन को डैमेज करने का रिस्क पैदा कर रहे हैं.  घर में रोज कर रहे ये तीन गलतियां एयर फ्रेशनर: घर को सुगंध से महकाने के लिए अक्सर एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आप इससे अंजान रहते हैं कि ये एयर फ्रेशनर ब्रेन हेल्थ को प्रभावित कर सकता है. असल में इन एयर फ्रेशनर से वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी) निकलते हैं. जब सांस के रास्ते ये शरीर में जाते हैं तो बाॅडी के रे​स्पिरेटिरी सिस्टम को प्रभावित करते हैं. इससे ब्रेन फंक्शन प्रभावित हो सकता है. साथ ही एलर्जी और सेंसिटिविटी के केस भी सामने आ सकते हैं. सेंटेड कैंडल्स: घर में खुशबू के लिए सेंटेड कैंडल जलाना एक आम बात है. लेकिन ये शरीर को नुकसान पहुंचाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इसे जलाने पर निकलने वाला टाॅल्यूइन बाॅडी के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है. जिससे ब्रेन की प्राॅब्लम देखने को​ मिल सकती है. इसके साथ ही घर में प्रदूषण का कारण भी बन सकता है. इसकी जगह पर बीजवैक्स कैंडल का इस्तेमाल किया जा सकता है. नाॅन ​स्टिक पैन: घरों में नाॅन ​स्टिक पैन का यूज तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे वजह इसकी आसानी से सफाई हो जाना और खाना नहीं जलना है. लेकिन इसकी कीमत ब्रेन को चुकानी पड़ सकती है. असल में टेफ्लॉन कोटेड पैन शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो टेफ्लॉन एक फ्लोरोपॉलीमर होता है. ये स्क्रैच करने या ओवरहीट होने पर कुछ खतरनाक तत्व छोड़ सकता है. ​जो खाने में मिल सकते हैं. इससे ब्रेन हेल्थ प्रभावित होने का जो​खिम बढ़ सकता है. इसके स्थान पर स्टील, टाइटेनियम या सेरेमिक के बर्तन का यूज करना शरीर के लिए ​उचित रहता है. ये भी पढ़ें: बड़े काम का होता है लाल प्याज की स्किन का अर्क, इस बीमारी के लिए है रामबाण इलाज Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jun 25, 2025 - 14:30
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घर में रोज कर रहे हैं ये तीन गलतियां... ब्रेन डैमेज का बढ़ेगा रिस्क, डिमें​शिया और अल्जाइमर का भी खतरा

ब्रेन की हेल्थ को लेकर लापरवाही खतरनाक साबित हो रही है. लोग आसपास ऐसे टाॅ​क्सिन का यूज कर रहे हैं, जिसका असर सीधे ब्रेन फंक्शन पर देखने को मिल रहा है. डिमें​शिया की प्राॅब्लम तेजी से बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की मानें तो हर साल करीब 10 मिलियन नए केस इस प्राॅब्लम के सामने आ रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस ओर आगाह करते हुए कहा है कि अल्जाइमर डिजीज की चपेट में आ रहे हैं. आइए जानते हैं कि डेली लाइफ में ऐसी काैन सी ग​लतियां कर रहे हैं, जिससे ब्रेन हेल्थ पर असर पड़ रहा है.

बढ़ रहा टाॅ​क्सिक लेवल 

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आज हम टाॅ​क्सिक माहाैल में रह रहे हैं, जिसका असर ब्रेन हेल्थ पर पड़ रहा है. वर्षों पहले की अपेक्षा आज के खाना, हवा और पानी में टाॅ​क्सिक कंपाउंड काफी हैं. ऐसे में अल्जामर डिजीज के केस बढ़ रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो तीन तरीकों से टाॅ​क्सिन का अ​धिकतर घरों में यूज किया जा रहा है, जो ब्रेन को डैमेज करने का रिस्क पैदा कर रहे हैं. 

घर में रोज कर रहे ये तीन गलतियां

  • एयर फ्रेशनर: घर को सुगंध से महकाने के लिए अक्सर एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आप इससे अंजान रहते हैं कि ये एयर फ्रेशनर ब्रेन हेल्थ को प्रभावित कर सकता है. असल में इन एयर फ्रेशनर से वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (वीओसी) निकलते हैं. जब सांस के रास्ते ये शरीर में जाते हैं तो बाॅडी के रे​स्पिरेटिरी सिस्टम को प्रभावित करते हैं. इससे ब्रेन फंक्शन प्रभावित हो सकता है. साथ ही एलर्जी और सेंसिटिविटी के केस भी सामने आ सकते हैं.
  • सेंटेड कैंडल्स: घर में खुशबू के लिए सेंटेड कैंडल जलाना एक आम बात है. लेकिन ये शरीर को नुकसान पहुंचाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इसे जलाने पर निकलने वाला टाॅल्यूइन बाॅडी के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है. जिससे ब्रेन की प्राॅब्लम देखने को​ मिल सकती है. इसके साथ ही घर में प्रदूषण का कारण भी बन सकता है. इसकी जगह पर बीजवैक्स कैंडल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • नाॅन ​स्टिक पैन: घरों में नाॅन ​स्टिक पैन का यूज तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे वजह इसकी आसानी से सफाई हो जाना और खाना नहीं जलना है. लेकिन इसकी कीमत ब्रेन को चुकानी पड़ सकती है. असल में टेफ्लॉन कोटेड पैन शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो टेफ्लॉन एक फ्लोरोपॉलीमर होता है. ये स्क्रैच करने या ओवरहीट होने पर कुछ खतरनाक तत्व छोड़ सकता है. ​जो खाने में मिल सकते हैं. इससे ब्रेन हेल्थ प्रभावित होने का जो​खिम बढ़ सकता है. इसके स्थान पर स्टील, टाइटेनियम या सेरेमिक के बर्तन का यूज करना शरीर के लिए ​उचित रहता है.

ये भी पढ़ें: बड़े काम का होता है लाल प्याज की स्किन का अर्क, इस बीमारी के लिए है रामबाण इलाज

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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