खरगे से जुड़े शुद्धिकरण विवाद पर बेंगलुरु में FIR, SC-ST के तहत मामला दर्ज

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त, 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को लेकर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विधान सौधा थाने में FIR दर्ज कराई गई है. FIR में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को नामजद किया गया है. एफआईआर के मुताबिक, मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST एक्ट, सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गईं हैं. जेपी नड्डा को मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा पत्र वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद इस मामले को लेकर गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को राज्यसभा में नेता सदन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी जताई है. जेपी नड्डा को भेजे गए गए पत्र को खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में साझा किया.  राज्यसभा में नेता सदन श्री @JPNadda को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धीकरण (purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।24 दिन बीत जाने… pic.twitter.com/QWtFACaSg6 — Mallikarjun Kharge (@kharge) September 3, 2026 पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धीकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनकी तरफ से सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. 24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध FIR तक दर्ज नहीं की गई है.’  पत्र में खरगे ने क्या मांग रखी? उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्यसभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें.’  यह भी पढ़ेंः नेपाल बाढ़ः ‘275 भारतीय नागरिक अब भी लापता’, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

Sep 5, 2026 - 11:30
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खरगे से जुड़े शुद्धिकरण विवाद पर बेंगलुरु में FIR, SC-ST के तहत मामला दर्ज

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त, 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को लेकर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विधान सौधा थाने में FIR दर्ज कराई गई है. FIR में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को नामजद किया गया है.

एफआईआर के मुताबिक, मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST एक्ट, सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गईं हैं.

जेपी नड्डा को मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा पत्र

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद इस मामले को लेकर गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को राज्यसभा में नेता सदन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी जताई है. जेपी नड्डा को भेजे गए गए पत्र को खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में साझा किया. 

पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धीकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनकी तरफ से सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. 24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध FIR तक दर्ज नहीं की गई है.’ 

पत्र में खरगे ने क्या मांग रखी?

उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्यसभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें.’ 

यह भी पढ़ेंः नेपाल बाढ़ः ‘275 भारतीय नागरिक अब भी लापता’, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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